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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Bachpan ke din
    कविताएँ

    बचपन के दिन | Kavita

    ByAdmin May 9, 2021May 9, 2021

    बचपन के दिन  ( Bachpan ke din )   कितने अच्छे थे – वे बचपन में बीते पल, ना भविष्य की चिंता, ना सताता बीता कल; खेल-खेल  में  ही  बीत  जाता  पूरा  दिन, कोई तो लौटा दे मुझे-मेरे बचपन के दिन !   नन्हीं आंखों में बसती थी- सच्ची प्रेम करुणा हमारे हिय के मद…

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  • हे गगन के चन्द्रमा
    कविताएँ

    हे गगन के चन्द्रमा | Kavita

    ByAdmin May 9, 2021

    हे गगन के चन्द्रमा ( He gagan ke chandrama )   तुम हो गगन के चन्द्रमा, मै हूँ जँमी की धूल। मुझको तुमसे प्रीत है, जो बन गयी है शूल। तेरे बिन ना कटती राते, दिल से मैं मजबूर, हे गगन के चन्द्रमा, तू आ जा बनके फूल।   रात अरू दिन के मिलन सा,क्षणिक…

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  • जय महाराणा प्रताप
    कविताएँ

    जय महाराणा प्रताप | Kavita on Maharana Pratap

    ByAdmin May 9, 2021May 23, 2023

    जय महाराणा प्रताप ( Jai Maharana Pratap )   हल्दीघाटी युद्ध चरम पर था स्वयं अरि काल बने राणा नर मुंडो से सटी रणभूमि जिधर निकलते महाराणा   महाराणा के बिन बोले ही अरि दल में जा घुसता चेतक पराक्रमी सवार प्रतापी राणा ओजस्वी दमकता मस्तक   ना भूख लगे ना पांव थके मेवाड़ी वीरों…

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  • मां
    शेरो-शायरी

    मां | Mother’s Day Poem In Hindi

    ByAdmin May 9, 2021May 12, 2024

    मां ( Maa ) मेरे  गम  में  देखा  है आँख  तेरी  नम  होते  हुये , माँ मेरे हँसने पर तबस्सुम देखे तेरे लब पर खिले हुये, माँ   मेरी उम्र के साथ तेरी हर शिकन और गहराती दिखी, माँ तेरी  कमज़ोर,  पतली  काया  मुझमें दम भरती देखी, माँ   मेरी  सांस  के  साथ  हर  सांस …

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  • अजनबी
    कविताएँ

    अजनबी | Kavita Ajnabi

    ByAdmin May 8, 2021February 8, 2023

    अजनबी ( Ajnabi )   दौर कैसा आ गया, दूरियां लेकर यहां, अजनबी सी जिंदगी, छूप रहे चेहरे यहां।   सबको भय सता रहा, अजनबी बना रहा, रिश्तो के दीवानों को, क्या-क्या खेल दिखा रहा।   अपनेपन के भाव को, जाने क्या हवा लगी, अपनों से सब दूर हो, बन गए हैं अजनबी।   कोई…

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  • Mother's Day Special
    शेरो-शायरी

    यार दिल की ही मगर ऐसी दवा मां | Mother’s Day Special

    ByAdmin May 8, 2021May 8, 2021

    यार दिल की ही मगर ऐसी दवा मां ( Yaar dil ki hi magar aisi dawa maa )   यार दिल की ही मगर ऐसी दवा मां ! जिंदगी भर करती है देखो वफ़ा मां   हर वादा दिल से निभाती है हमेशा जीस्त की वो एक सच्ची आशना मां   जिंदगी तेरे बिना कुछ…

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  • Rajasthani Kavita
    कविताएँ

    हौसलों काळजिया म | Rajasthani Kavita

    ByAdmin May 7, 2021May 7, 2021

    हौसलों काळजिया म हौसलों काळजै भर कै धीरज मनड़ा मै धर कै मोरचा मै उतरणो है सुरमां रणयोद्धा बण कै   दण्ड बैठक कसरत योग सारो बचावै है भौतिकवाद घणों बेगो मुश्किलां लाख ल्यावै है   कहर कुदरत को बरस्यो दवा कुदरत ही देसी ठगोरा जगां जगां बैठ्या जीवन री पूंजी ठग लेसी   मौत…

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  • Darde Dil Shayari
    शेरो-शायरी

    दर्दे दिल की नहीं दवा भेजी | Darde Dil Shayari

    ByAdmin May 7, 2021August 24, 2022

    दर्दे दिल की नहीं दवा भेजी ( Darde dil ki nahi dawa bheji )     दर्दे दिल की नहीं दवा भेजी ! उसनें ऐसी कहा वफ़ा भेजी   ख़त्म जिसकी न प्यार की हो ये बू  इधर  को  कहा भला भेजी   बेवफ़ाई की भेजी बू उसनें कब मुझे ख़ुशबू बावफ़ा भेजी   बू …

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  • बुरा दौर आने वाला है
    कविताएँ

    बुरा दौर आने वाला है | Kavita

    ByAdmin May 5, 2021May 6, 2021

    बुरा दौर आने वाला है ( Bura daur aane wala hai )   झोंपड़ियों में सुलगती इस आग से, नेताओं का महल रोशन होने वाला है; लाशों  के  ढेर  पर सियासत है चालू लगता है कहीं चुनाव होने वाला है ! अगर तुम आज भी ना बोले तो यह ज़ुल्म यूँ ही बढ़ता जाएगा; ज़ुल्म …

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  • दीप जलाना होगा
    कविताएँ

    दीप जलाना होगा | Kavita

    ByAdmin May 5, 2021May 5, 2021

    दीप जलाना होगा ( Deep jalana hoga )   बुलंद हौसला बनाना होगा तूफान  से  टकराना  होगा मास्क जरूरी मुंह पर रखना जन-जन को समझाना होगा   वक्त के मारे लोग जगत में मदद को हाथ बढ़ाना होगा दुख की गाज गिरी जिन पर ढांढस  उन्हें  बंधाना  होगा   मन का भेद मिटाना होगा सेवा…

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