• बेटी | Chhand

    बेटी ( Beti ) (  मनहरण घनाक्षरी छंद ) लक्ष्मी अवतार बेटी घर का संस्कार बेटी देश का सम्मान होती दो दो वंश तारती   शिक्षा की जोत जलाती घर में रौनक लाती हुनर कौशल दिखा घर को संवारती   मां का अरमान बेटी पिता का सम्मान बेटी वतन की बागडोर कमान संभालती   गुणों…

  • कान्हा चले आएंगे | Chhand

    कान्हा चले आएंगे ( Kanha chale aayenge ) (  मनहरण घनाक्षरी छंद  )   मन में विश्वास रखो हृदय में आस रखो जगत के स्वामी खुद दौड़े चले आएंगे   मोहन मुरली धारी सुदर्शन चक्र धारी विपदा हरने प्रभु लीलायें रचाएंगे   मुरली की तान प्यारी ध्यान धरे नर नारी सुखचैन सुखदाता खुशियां लुटाएंगे  …

  • समय का कालखंड | Kavita Samay ka Kalkhand

    समय का कालखंड ( Samay ka kalkhand )   समय की महत्ता जो समझे वही  है  बलवान, समय के संग चलनेवाला होता  है  धनवान। सु अवसर  पाकर जो कर्म से मुकर जाता है, वह अभागा है धरती पर जीवन भर पछताता है। समय ही करावत लड़ाई-झगड़ा बनावत राजा रंक फकीर, समय ही बनाता-बिगाड़ता रिश्ता और…

  • बता दो सब मेरी खता मुझको | Ghazal Meri Khata

    बता दो सब मेरी खता मुझको ( Bata do sab meri khata mujhko )   बता दो सब मेरी खता मुझको, दूर रहकर न दो सजा मुझको।।   टूट जाउंगा बिखर जाऊंगा, अश्क मोती नहीं दिखा मुझको।।   मैं तेरा गुनहगार हूं या नहीं, तूं अपना फैसला सुना मुझको।।   जिसके खातिर सहे हैं सितम,…

  • प्रभु वंदना | Prabhu Vandana

    प्रभु वंदना ( Prabhu Vandana ) (  मनहरण घनाक्षरी छंद 8,8,8,7 वर्ण )   दीनबंधु दीनानाथ सबका प्रभु दो साथ संकट हर लो सारे विपदा निवारिये   रण में पधारो आप जनता करती जाप सारथी बन पार्थ के विजय दिलाइये   मन में साहस भर हौसला बुलंद कर जन-जन मनोभाव सशक्त बनाइये   मुरली की…

  • समांं महका दो आज | Chhand

    समांं महका दो आज (  मनहरण घनाक्षरी छंद )   गीतों का सजाओ साज समां महका दो आज झड़ी बरसाओ ऐसी धूम होनी चाहिए   खूब गाओ छंद गीत मुक्त कंठ नव गीत रस बरसे प्रेम का भाव होना चाहिए   शौर्य पर लिखो गीत योद्धा जंग जाए जीत हिम्मत हौसला मिले ओज होना चाहिए…

  • मीठी वाणी मीठी बोली | Kavita

    मीठी वाणी मीठी बोली ( Mithi vani mithi boli )   एक सैलानी मुझसे बोला क्या करते हो गदेना, गुठियार में ऐसा क्या है यार तेरे गढ़वाल में। मुस्कुराते हुए मैंने कहा मीठी वाणी मिट्ठी पाणी है मेरे गढ़वाल में। हिमालय का चौखंबा बसा है मेरे पहाड़ में 52 गढ़ है मेरे गढ़वाल में। मां…

  • सब मिलकर पेड़ लगाये | Geet Sab Milkar Ped Lagaye

    सब मिलकर पेड़ लगाये ( Sab milkar ped lagaye )   पेड़ लगाओ सब मिलकर, जीवन की जंग जीतनी है। सोचो बिन प्राणवायु के, मुश्किलें आएंगी कितनी है।।   सोचो समझो मनन करो, कारण सहित भेद पहचानो। तरुवर बिन बोलो कैसे, ले सकोगे सांसे इंसानों।।   पृथ्वी पर दूर तलक तक, वृक्ष दिखाई ना दे…

  • गर है लिखने का शौक | Kavita

    गर है लिखने का शौक ( Gar hai likhne ka shauq )   गर है लिखने का शौक तो कविता चुपचाप चली आती है। टूटे-फूटे शब्दों में भी भावनाएं निकल जाती है। हम तो मिश्रित भाषी हैं कभी हिंदी कभी सिंधी कभी पंजाबी कभी गुजराती निकल जाती है। भाषा के झरोखों से दिल की ऋतु…

  • किसी जादू टोने का ही असर है | Ghazal

    किसी जादू टोने का ही असर है ( Kisi Jadoo tone ka asar hai )   किसी जादू टोने का ही असर है! परेशां इसलिए जीवन मगर है   बहुत भेजे उसके कासीद घर को नहीं आयी कोई उसकी ख़बर है   नजर आया नहीं मुझको कहीं भी उसी को ढूंढ़ती मेरी नजर है  …