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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • कभी तो कोई बात होना चाहिये
    शेरो-शायरी

    कभी तो कोई बात होना चाहिये | Ghazal Kabhi to

    ByAdmin May 4, 2021February 8, 2023

     कभी तो कोई बात होना चाहिये ( Kabhi to koi baat hona chahiye )     बाद मसरूफ ही सही , कभी तो कोई बात होना चाहिये लाख फासले हो, फिर भी ‘होने’ का एहसास होना चाहिये   समझ  लो  हमारी  ज़िद या तकाज़ा-ए-वक्त इसको मगर न कहना, मौजू-ए-गुफ्तगू भी कुछ होना चाहिये   खामोश…

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  • पथिक प्रेमी
    कविताएँ

    पथिक प्रेमी | Kavita

    ByAdmin May 4, 2021

    पथिक प्रेमी ( Pathik Premi )   हे पथिक मंजिल से भटके, ढूंढता है क्या बता। क्यों दिखे व्याकुलता तुझमें, पूछ मंजिल का पता। यू ही भटकेगा तो फिर सें, रस्ता ना मिल पाएगा, त्याग संसय की घटा अरू, पूछ मंजिल का पता।   जितना ही घबराएगा तू, उतना ही पछताएगा। वक्त पे ना पहुचा…

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  • आओ मिलकर प्यार लिखें
    कविताएँ

    आओ मिलकर प्यार लिखें | Geet

    ByAdmin May 4, 2021

    आओ मिलकर प्यार लिखें ( Aao milkar pyar likhen )   प्रेम और सद्भावों की मधुर मधुर बयार लिखे खुशियों भरा महकता सुंदर सा संसार लिखे मधुर गीतों की लड़ियां गा गुल गुलशन गुलजार लिखें अपनापन अनमोल जग में आओ मिलकर प्यार लिखें   जहां नेह की बहती धारा पावन गंगा की धार लिखें जहां…

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  • नीली छतरी वाला
    कविताएँ

    नीली छतरी वाला | Kavita Neeli Chatri Wala

    ByAdmin May 3, 2021February 8, 2023

    नीली छतरी वाला ( Neeli chatri wala )   नीली छतरी वाला बैठा, अपनी डोर हिलाता। कभी हिलोरे लेती नदिया, हिमखंड बहाता।   गर्म हवा जोरों से चलती, आंधी तूफान चलाता। गड़ गड़ करते मेघ गरजते, सावन में बरसाता।   मधुमास प्यारा लगे, सबके मन को भाता। जगतपति रक्षा करो हे नाथ जीवनदाता   पीर…

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  • अपनें ही हुस्न पे उसको गरूर है
    शेरो-शायरी

    अपनें ही हुस्न पे उसको गरूर है| Husn Shayari

    ByAdmin May 3, 2021May 3, 2021

    अपनें ही हुस्न पे उसको गरूर है ( Apne hi husn pe usko guroor hai )   अपनें ही हुस्न पे उसको गरूर है ! उल्टा दिमाग़ में उसके फ़ितूर  है   मत दो सजा इसे झूठी बेवजह मासूम  ए लोगों  ये  बेक़सूर है   है आरजू ये ही अपना बनाना उसे  की मांग का…

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  • लीलाधारी श्रीकृष्ण
    कविताएँ

    लीलाधारी श्रीकृष्ण | Kavita

    ByAdmin May 2, 2021

    लीलाधारी श्रीकृष्ण ( Liladhari Shreekrishna )   लीलाधारी श्री कृष्ण लीला अपरंपार आकर संकट दूर करो प्रभु हे जग के करतार लीलाधारी श्री कृष्ण चक्र सुदर्शन धारी हो माता यशोदा के गोपाला गोपियों के गिरधारी हो हे केशव माधव दामोदर सखा सुदामा सुखदाता हे अगम अगोचर अविनाशी जग कर्ता विश्व विधाता कोई तुमको छलिया कहता…

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  • प्यार से कब मिला है मुझे
    शेरो-शायरी

    प्यार से कब मिला है मुझे | Ghazal Pyar se

    ByAdmin May 1, 2021February 8, 2023

    प्यार से कब मिला है मुझे ( Pyar se kab mila hai mujhe )     प्यार से कब मिला है मुझे ! नफ़रत से देखता  है मुझे   भूल गया शायद दिल से मगर कब वही सोचता है मुझे   कब निभा वो रहा है वफ़ा वो दग़ा दें  रहा है मुझे   क्यों…

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  • कोरोना पर दोहे
    कविताएँ

    कोरोना पर दोहे | Corona par dohe

    ByAdmin April 30, 2021

    कोरोना पर दोहे ( Corona par dohe )   समय चक्र का खेल नया, कोरोना  की  चाल। अर्थव्यवस्था चौपट हुई, जनजीवन  बदहाल ।   सारे घर में बंद हुए, लक्ष्मण रेखा भीतर । सामाजिक दूरियां ही, कोरोना का उत्तर।।   लॉक डाउन का पालन, सारे मिलकर करें। जान सबको प्यारी है, सभी मिल परवाह करें…

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  • भोर की किरण
    कविताएँ

    भोर की किरण | Kavita

    ByAdmin April 30, 2021

    भोर की किरण ( Bhor ki kiran )   भोर की पहली किरण उर चेतना का भाव है उषा का उजाला जग में रवि तेज का प्रभाव है   आशाओं की जोत जगाती अंधकार हरती जग का जीने की राह दिखाकर उजियारा करती मन का   कर्मवीरों की प्रेरणा हौसलों की उड़ान है योद्धाओं की…

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  • मुहब्बत में मुझे धोखा दिया है
    शेरो-शायरी

    मुहब्बत में मुझे धोखा दिया है | Dhokha Shayari

    ByAdmin April 30, 2021February 8, 2023

    मुहब्बत में मुझे धोखा दिया है ( Muhabbat me mujhe dhokha diya hai )     मुहब्बत में मुझे धोखा दिया है किसी ने दर्द ग़म ऐसा दिया है   दवा करने से भी भरता नहीं ये जिगर पे जख़्म वो गहरा दिया है   रुलाये याद बनकर रोज़ दिल को वफ़ाओ का सिला कैसा…

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