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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • अग्निसुता
    कविताएँ

    Agnisuta par Kavita | अग्निसुता

    ByAdmin April 14, 2021February 9, 2023

    अग्निसुता ( Agnisuta )   द्रौपदी  ने  खोले  थे  केशु, जटा अब ना बांधूंगी। जटा पर दुःशासन का रक्त, भीगों लू तब बाधूंगी। मेरे प्रतिशोध की ज्वाला से,जल करके नही बचेगे, मै कौरव कुल का नाश करूगी, केशु तभी बाधूंगी।   धरा पर नारी को कब तक सहना,अपमान बताओं। पुरूष की भरी सभा मे,द्रोपदी की…

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  • वह बचपन की याद पुरानी
    कविताएँ

    Kavita | वह बचपन की याद पुरानी

    ByAdmin April 14, 2021

    वह बचपन की याद पुरानी ( Woh bachpan ki yaad purani ) दही  बिलोती  दादी नानी नहीं रही वह कथा कहानी कहां  गई  पीपल की छांव वो बचपन की याद पुरानी   सावन  के  झूले  कहां  अब कहां बरसता टिप टिप पानी बहुत सुहानी लगती हमको वो  बचपन  की  याद पुरानी   निकर पहन स्कूल…

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  • नेहरू जी बताएंगे
    व्यंग्य

    Vyang | नेहरू जी बताएंगे ! ( व्यंग्य )

    ByAdmin April 14, 2021

    नेहरू जी बताएंगे ! ( व्यंग्य ) ( Nehru Ji Batayenge )   वादे के मुताबिक ही हम काम कर रहे हैं, क्यों बेकार में फरियाद कर रहे हैं। सबको मिलेगी जगह शमशान में, क्यों इतना हैरान हो रहे हैं। आपने जो चाहा था,उसी पर काम कर रहे हैं, अयोध्या में बन रहा है, वाराणसी…

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  • दिल हुआ आपका दिवाना है
    शेरो-शायरी

    Romantic Ghazal | दिल हुआ आपका दिवाना है

    ByAdmin April 14, 2021April 15, 2021

    दिल हुआ आपका दिवाना है ( Dil Hua Aapka Deewana Hai )   दिल हुआ आपका दिवाना है। धड़कनों में तुझे बसाना है।। तेरे  दम  से  वजूद  है  मेरा। सांस लेना तो इक बहाना है।। कम नहीं झील से तेरी आंखें। डूब  के  ही  सुकून  पाना है।। भूल सकता नहीं नशा हरगिज़। जो  तेरा  आँख…

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  • बाल साहित्य रचना
    बाल साहित्य

    हम नन्हे बच्चे हैं | बाल साहित्य रचना

    ByAdmin April 14, 2021September 24, 2023

    बाल साहित्य रचना ( Bal Sahitya Rachna )   हम हंसते गाते छोटे छोटे नन्हे बच्चे हैं तुतलाती तुतलाती बोली मन के सच्चे हैं बढ़  जाएंगे  कदम  हमारे  खुले आसमान में अच्छे काम करेंगे हम भी भारत मां की शान में तूफानों  से  टकराना  तो  खूब  मन को भाता है आगे बढ़ना और संभलना यह…

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  • चले नेताजी
    व्यंग्य

    Netaji par Vyang | चले नेताजी

    ByAdmin April 13, 2021February 9, 2023

    व्यंग्य – चले नेताजी ( Vyang – Chale Netaji )   चले  हैं नेताजी समाज सेवा करने हरने  जनता–जनार्दन  की  पीड़ा, पाँव  उखड़  उस  गरीब का जाये जहाँ खड़ा हो जाए इनका जखीड़ा।   रखवारों की कुछ टोली है संग में कुछ  चाटुकारों   की   है  फौज, सेवा के नाम पर फोटो खिंचवावत मनावत हर जगह…

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  • माँ शैलपुत्री कृपा करो
    कविताएँ

    माँ शैलपुत्री कृपा करो | Maa Shailputri par Kavita

    ByAdmin April 13, 2021February 9, 2023

    माँ शैलपुत्री कृपा करो ( Maa shailputri kripa karo )   हे माँ शैलपुत्री कृपा करो, हमें अपनी शरण देकर माँ अपनी दया कर देना माँ ।।   सत्य  की  राह चुने हम, ऐसी  सुमति  हमें  देना , हम बालक नादान है तेरे, अपनी छाव मैं रखना माँ ।   हे माँ शैलपुत्री आ जाओ…

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  • सनातन नववर्ष
    कविताएँ

    सनातन नववर्ष | Sanatan nav varsh par kavita

    ByAdmin April 13, 2021

    सनातन नववर्ष ( Sanatan nav varsh )   वर्ष नया हो हर्ष नया हो घटा  प्रेम  की  छाई  हो जीवन का उत्कर्ष नववर्ष मधुर  बजे  शहनाई  हो   सनातन संस्कृति हमारी केसरिया  बाना  लहराये राज तिलक राम का हुआ राममय  माहौल  हो जाए   मां दुर्गा शक्ति स्वरूपा आकर हर ले कष्ट सारे चैत्र नवमी…

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  • Eid Ghazal
    शेरो-शायरी

    Eid Ghazal | ईद पर ग़ज़ल

    ByAdmin April 13, 2021April 23, 2023

    ईद पर ग़ज़ल ( Eid Par Ghazal )   लिए पैगाम खुशियों का मुबारक ईद आती है। भुलाकर वैर आपस के हमें जीना सिखाती है।।   खुदा के है सभी बंदे भले मजहब कोई भी हो। करो दीदार चंदा का दिलों का तम हटाती है।।   नहीं  कोई  पराया  है  बढ़ाके  हाथ  तो  देखो। गले…

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  • जिंदगी क्यों तेरी मर गई आरजू
    शेरो-शायरी

    Dard Bhari Ghazal | जिंदगी क्यों तेरी मर गई आरजू

    ByAdmin April 13, 2021April 13, 2021

    जिंदगी क्यों तेरी मर गई आरजू  ( Jindagi kyon teri mar gai aarzoo )     जिंदगी  क्यों  तेरी  मर गई आरजू अब न दिल में कोई भी बची आरजू   चाहकर भी नहीं कुछ उसे कह सका रोज़  दिल  में  तड़फती रही आरजू   ढूंढ़ता  ही  रहा  हूँ  गली दर गली जिंदगी की मेरी…

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