Hindi poem on love | इक रोज़ हवा बनकर, तेरी गली में आ जाऊंगा
इक रोज़ हवा बनकर, तेरी गली में आ जाऊंगा ( Ek Roz Hawa Banke Teri Gali Mein Aa Jaunga ) इक रोज़ हवा बनकर, तेरी गली में आ जाऊंगा। मैं तेरी जुल्फें तेरा आंचल, लहरा जाऊंगा।। तेरी अदा तेरी हंसी, लजबाव है। बोल इतना खुश,क्यूं तू आज है।। यूं मुस्कुरा कर, जान…
