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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • रंग
    कविताएँ

    kavita | रंग | Rango Par Kavita in Hindi

    ByAdmin March 25, 2021March 27, 2021

    रंग ( Rang )   नयनों से ही रग डाला है, उसने मुझकों लाल। ना  जाने  इस होली में, क्या होगा मेरा हाल।   पिचकारी में रंग भर उसने, रग दी चुनर आज, केसरिया बालम आजा तू,रग कर मुखडा लाल।   धानी  चुनरी  पीली चोली, लंहगे का रंग गुलाब। नयन गुलाबी चाल शराबी, मुखडें से…

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  • होली रंगों का त्योहार
    कविताएँ

    Rango par kavita in Hindi || होली रंगों का त्योहार | Kavita in Hindi

    ByAdmin March 24, 2021October 31, 2022

    होली रंगों का त्योहार ( Holi Rangon Ka Tyohar )   होली रंगों का त्योहार लाये मन में उमंग बहार, नाचो गाओ मिल के सब। रंग-बिरंगे गुलाल उड़ाओ पुआ पकवान खाओ खिलाओ, प्रेम सौहार्द के संग मिल के सब। प्रकृत रूप-लावण्य निखरे नाना पुष्पों के सुगंध बिखरे, भौरें गावत गीत मल्हार मिल के सब। मदन…

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  • प्रेम की होली
    कविताएँ

    Prem ki Holi | कविता प्रेम की होली

    ByAdmin March 24, 2021March 7, 2023

    प्रेम की होली ( Prem Ki Holi )   खेलेंगे हम प्रेम की होली। अरमानों की भरेगी झोली। खुशियों की बारात सजेगी, बिगड़ी सारी बात बनेगी। नोंक-झोंक कुछ हल्की-फुल्की, होगी हॅंसी-ठिठोली। खेलेंगे हम प्रेम की होली।   महुए की मदमाती गंध, फूलों की खुशबू के संग। आया है दुल्हा ऋतुराज, चढ़कर फाग की डोली। खेलेंगे…

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  • होली
    कविताएँ

    फागुन के दिन | Holi Poem in Hindi

    ByAdmin March 24, 2021March 6, 2023

     फागुन के दिन ( Phagun ke din )   फागुन  के  दिन थोडे रह गए, मन में उडे उमंग। काम काज में मन नाहि लागे,चढा श्याम दा रंग।   रंग  बसन्ती  ढंग बसन्ती, तोरा अंग  बसन्ती  लागे, ढुलमुल ढुलमुल चाल चले,तोरा संग बसन्ती लागे।   नयन से नयन मिला लो हमसें, बिना पलक झपकाए। जिसका पहले पलक…

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  • दिल में हमारे आप की सूरत उतर गई
    शेरो-शायरी

    दिल में हमारे आप की सूरत उतर गई | Ghazal

    ByAdmin March 23, 2021March 23, 2021

    दिल में हमारे आप की सूरत उतर गई ( Dil Mein Hamare Aap Ki Surat Utar Gai )   दिल में हमारे आप की सूरत उतर गई । सारे जहां में आप पे जब से नज़र गई।।   आंचल  से   अपने  खेलना बाहों में थाम के। दिल पे जवानी आप की जादू-सा कर गई ।।…

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  • भूख
    कविताएँ

    भूख | Safalta ki Bhookh par Kavita

    ByAdmin March 23, 2021February 13, 2023

    भूख ( Bhookh )   चाहे हो दु:ख लाख पालो भूख आप बढ़ने की पढ़ने की आसमां छूने की। भूख बड़ी चीज़ है! भूख ही नाचीज़ को चीज बनाती है वरना यह दुनिया बहुत सताती है बहुत रूलाती है सच को भी झुठलाती है। अधिकारों से भी रखती हमें वंचित मस्तिष्क इनका बहुत ही है…

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  • Essay In Hindi | होली
    निबंध

    Essay In Hindi | होली पर निबंध

    ByAdmin March 23, 2021March 31, 2021

    होली ( Holi : Essay In Hindi ) भूमिका (Introduction) – होली का त्योहार वसंत ऋतु महीने में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। होली एक ऐसा त्यौहार है जो सभी के लिए खुशी, सुख का संकेत लाने वाले त्यौहार के तौर पर जाना जाता है। सभी लोग बहुत ही उत्साह से इस त्यौहार को…

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  • भीगी सी अश्कों से दिल की जमीन है
    शेरो-शायरी

    Ghazal | भीगी सी अश्कों से दिल की जमीन है

    ByAdmin March 23, 2021

    भीगी सी अश्कों से दिल की जमीन है ( Bhigi Si Ashkon Se Dil Ki Zameen Hai )     भीगी सी अश्कों से दिल की जमीन है! यें   जिंदगी   अधूरी   तेरे   बिन   है   ऐसा मिला दग़ा खुशियों से ही मुझे दिल  रोज़  रहता मेरा ही हज़ीन है   वो तोड़कर गया क्यों रिश्ता…

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  • बर्बादियों का ग़म न शिकवा बेवफाई का
    शेरो-शायरी

    Ghazal | बर्बादियों का ग़म न शिकवा बेवफाई का

    ByAdmin March 22, 2021March 22, 2021

    बर्बादियों का ग़म न शिकवा बेवफाई का (Barbadiyon Ka Gham Na Shikwa Bewafai Ka)   बर्बादियों  का  ग़म न शिकवा बेवफाई का। हमको मिला है ये सिला तो आशनाई का।। था फ़लसफ़ा कुछ भी नहीं गुमराह हम हुए। अफसोस  होता  है  तेरी उस रहनुमाई का।।   बदनाम  हम को कर गए दिल को लगा के…

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  • हमारी बेवकूफियां
    कविताएँ

    हमारी बेवकूफियां | Kavita

    ByAdmin March 22, 2021

    हमारी बेवकूफियां ( Hamari Bewakoofiyaan )   सचमुच कितने मूर्ख हैं हम बन बेवकूफ हंसते हैं हम झांसा में झट आ जाते हैं नुकसान खुद का ही पहुंचाते हैं सर्वनाश देख पछताते हैं पहले आगाह करने वाले का ही मज़ाक हम उड़ाते हैं न जाने क्या क्या नाम उन्हें दे आते हैं शर्मिंदा हो आंख…

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