• अलविदा से स्वागत

    अलविदा से स्वागत गुज़रा साल बहुत ही अच्छा था,हर हाल में इतिहास वह रचा था;गुजरा कल सारा वो भी सच्चा था,हर पल जो ख़ुशीओं में बीता था। वक्त आएगा और निकल जाएगा,सोच अपनी अपनी कैसे जिएगा;गर बुरी आदतों को छोड़कर रहेगा,अच्छी आदतों से खुशियां पाएगा। अब सारी बुराइयां हम मिटा देंगे,जीवन में सदा सभ्यता को…

  • बाँट रहे शुभकामना, मंगल हो नववर्ष।

    नए साल पर अपनी आशाएँ रखना हमारे लिए बहुत अच्छी बात है, हमें यह भी समझने की ज़रूरत है कि आशाओं के साथ निराशाएँ भी आती हैं। जीवन द्वंद्व का खेल है और नया साल भी इसका अपवाद नहीं है। यदि हम ‘बीते वर्ष’ पर ईमानदारी से विचार करें, तो हमें एहसास होगा कि हालांकि…

  • कागा के खट्टे मीठे अनुभव

    राम नाम राम मेरे रोम रोम में बसता,राम मेरे सांस रोमांस में बसता! आंखों का तारा बन हर पल,राम मेरी नज़र नूर में बसता! रक्त धारा बहती रग रग में,लाल ध्वल नस नस में बसता! राम रंग रूप स्वरूप मन मूर्त,स़ूरत बन सलोनी तन में बसता ! मृग नाभि कस्तूरी ढूंढे वन उपवन,सूंघे घास सुगंध…

  • मैंने सीख लिया

    मैंने सीख लिया मन के भावों को होंठों पर लाना मैंने सीख लियालफ़्फ़ाज़ी में लोगों को उलझाना मैंने सीख लिया पहले थोड़ा डर लगता था फ़िर बेशर्मी ओढ़ी तोखुलकर हर महफ़िल में आना-जाना मैंने सीख सच्चाई में जीना मुश्किल अच्छे-अच्छे डूब गएभर-भर थाली घोटालों से खाना मैंने सीख लिया शेख़ असल हूँ पीना छोड़ो छूना…

  • अद्वैत दर्शन की गाथा

    अद्वैत दर्शन की गाथा ब्रह्म से हम, ब्रह्म में समाहित,यही सत्य है, जीवन का उद्देश्य।अहं ब्रह्मास्मि, आत्मा का स्वर,अद्वैत में बसा, जीवन का मर्म। न कोई भेद है, न कोई दूरी,सब एक हैं, यही सत्य की पूरी।ब्रह्म साकार, ब्रह्म निराकार,एक ही शक्ति, आत्मा का दुआर। जीवन की धारा, एक ही प्रवाह,आत्मा और ब्रह्म, दोनों का…

  • दुआँ है ऊपरवाले

    दुआँ है ऊपरवाले दुआँ है ऊपरवाले तुमसे,आने वाले साल में -2सुखमय जीवन सबका बीते,फँसे न अब जंजाल में -2 धारा बहे विकास की हरदम, खुशियाँ ऐसे बरसे हो, खुशियाँ ऐसे बरसे. हरमन प्यार से झूमें, गाये ,गम पाने को तरसे हो, गम पाने को तरसे. हटे समस्या और गरीबी -2मरे न कोई काल में, हो…

  • यमराज के पत्र शुरू हो गए है

    आज सुबह आइने मे जब मै खुद को निहार रहा था अचानक चौक पड़ा.. देखा की बालो में सफेदी कुछ बढ़ सी गयी है.. ओह ये क्या..? यमराज ने पत्र भेजने शुरू कर दिए है। यमराज का स्मरण मात्र ही रूह को कँपा देने वाला होता है.. मौत के देवता से भला कौन प्यार करता…

  • सुमंगला सुमन को मिला ‘स्वर्ण भारत सन्मान 2024’

    मुंबई। साहित्य के क्षेत्र में अपनी अद्वितीय रचनात्मकता और योगदान के लिए सुमंगला सुमन को ‘स्वर्ण भारत सन्मान 2024’ से सम्मानित किया गया। यह भव्य कार्यक्रम 24 दिसंबर 2024 को मुंबई के कल्याण स्थित पाटीदार भवन में आयोजित किया गया। इस आयोजन का नेतृत्व इंडिया प्राउड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि…

  • तुम्हारे बाद का दुख | Tumhare Baad ka Dukh

    तुम्हारे बाद का दुख मैं ये समझा की पल भर है तुम्हारे बाद का दुखमगर अब तो मुकर्रर है तुम्हारे बाद का दुख मेरे चहरे पे रौशन हैं उमीदें लौटने कींमेरी आँखों के अंदर है तुम्हारे बाद का दुख तुम्हारी डायरी भी है वो छोटी मूरती भीसभी तोहफ़ों से बढ़कर है तुम्हारे बाद का दुख…

  • निर्मल गंगा की धारा जैसे साथ रहे तुम

    निर्मल गंगा की धारा जैसे साथ रहे तुम निर्मल गंगा की धारा जैसे साथ रहे तुम,2024, खत लिखना चाहती हूं मैं तुम्हें।जीवन की उपलब्धियों में संगी बनाना चाहती हूं,कभी हौसलों को परखते रहे,कभी चलने का साहस बढ़ाते रहे। तुम ने एकांत के एहसासों को कोमलता से जगाया,अनुभवों की यात्रा में नयन सजल हुए जब,तुमने ही…