• प्रकृति की गोद में

    प्रकृति की गोद में जगमगाते सितारों से, आसमान सजता है।प्रकृति की शांति में, मन को सुकून मिलता है।। विस्तृत मैदानों में, खुशी दोस्तों के संग।मन के सारे दर्द, भूले जाते हैं वहां।। प्रकृति का सौंदर्य है, जो सबको मोह लेता है।मन की तनाव से राहत, इससे ही मिलती है।। बारिश के गीत से, जीवन को…

  • उपहार | Uphar

    उपहार आता नववर्षसब होते मिलकर हर्षदेते उपहार प्यारा नववर्षघर आंगन देते दर्षमिलता उपहार अपने जीवनजीवन में बने श्रीमनउपहार संग नववर्ष वेलानववर्ष पर लगता मेलाईश्वर उपहार उपहार प्यारामिलता जब उसे प्याराखुशियों संग चहुंओर खुशीमिलती हैं जब ताजपोशीअनमोल उपहार सुनील कुमारनकुड़ सहारनपुरउत्तर प्रदेश भारत यह भी पढ़ें :-

  • चले आइए | Chale Aaiye

    चले आइए आपको दिल पुकारे चले आइएराह पलके बुहारे चले आइए क्या हँसी हैं नजारे चले आइएचल पड़े नैन धारे चले आइए यार छत पर कभी आप आये नज़रतो करें हम इशारे चले आइए पास बैठो कभी तो घड़ी दो घड़ीआपको हम निहारे चले आइए होश बाकी रहा आपको देखकरजुल्फ़ फिर हम सँवारे चले आइए…

  • नया पुराना जोड़-तोड़ कर

    नया पुराना जोड़-तोड़ कर नया पुराना जोड़-तोड़ करजन-जन की बाहें मरोड़ कर छाती धर कर ले जाएंगेलाख-हज़ारों को करोड़ कर लूट तंत्र की नींव धरेंगेनयी चुनरिया ओढ़-ओढ़ कर अब भारत के लोकतंत्र कीधाराओं को तोड़-मरोड़ कर नया रचें इतिहास आइयेशर्म-हया का घड़ा फोड़ कर देशपाल सिंह राघव ‘वाचाल’गुरुग्राम महानगरहरियाणा यह भी पढ़ें:-

  • विध्वंस | शैलेन्द्र शांत

    विध्वंस आदमी का फटे चाहे आसमान काकलेजाविध्वंस ही होता है अपमान बहुतदोहन भरपूरउपेक्षा अतिवादे अनवरत झूठेअहर्निश लूटहोती है भारी टूट-फूटकहीं, तब फटता है कलेजा टूट जाता है जब धैर्यप्रकृति काचाहे आदमी का विध्वंस ही होता है ( Destruction was published in the reputed magazine: The Hans. ) Destruction Whether it’s the heart of a manOr…

  • बारह महीनों का संदेश

    बारह महीनों का संदेश जनवरीनव वर्ष का संकल्प लो, बदलें अपने हाल,सर्दी की ठिठुरन में, ढूंढें जीवन का सवाल।नवजागरण का दीप जलाओ, ज्ञान का करो मान,मानवता का पाठ पढ़ें, करें सच्चा अभिमान। फरवरीप्रेम का संदेश लाए, रिश्तों का आधार,दुनिया के हर कोने में, बस हो प्यार ही प्यार।स्वार्थ को हटा कर, दया का दो दान,दिलों…

  • उसका जलवा कमाल है अब भी

    उसका जलवा कमाल है अब भी उसका जलवा कमाल है अब भीवो नही तो मलाल है अब भी देख उसको यही सदा कहते ।जान तुझ पर निहाल है अब भी वो जो उसने कभी नही पूछालब पे वो ही सवाल है अब भी सुर्खी जितनी लगा रही लब परसुर्ख उतने तो गाल है अब भी…

  • जड़न घड़न

    जड़न घड़न कोई पूत कोई दौलत मांगेकोई रुतबा और शौहरत मांगेकोई दुनिया से न्यारी प्यारीबेहद हसीन औरत मांगे कोई राजपाट का इच्छुक हैकोई ठाट-बाट का इच्छुक हैकोई मस्त मसनदों गद्दों मेंकोई एक खाट का इच्छुक है कोई आशिक़ मस्त बहारों काकोई आशिक़ चाँद-सितारों काकोई मगन फ़क़ीरी में रहताकोई आशिक़ है भण्ड़ारों का लेकिन कोई ये…

  • नव वर्ष का आगमन

    नव वर्ष का आगमन नव वर्ष का आगमन, बीते का अवसान।इस मिश्रित बेला में, देता हूँ यह पैगाम।। हुआ साल पुराना, वर्ष नया आएगा।बीते दिनों का, लेखा-जोखा पाएगा।। हर्ष-उल्लास के, अक्सर कई पल पाए।एक नहीं अनेक, दुखद प्रसंग भी आए।। जाने-अनजाने, अवसर भी रहे होते।कुछ को पाया हमने, बाकी रहे खोते।। रख विषाद साल पूरे,…

  • सबको प्रेषित शुभकामना

    सबको प्रेषित शुभकामना न‌ए वर्ष पर सबको प्रेषित शुभकामना न‌ईमृदुल हृदय की अर्पित मंजुल संवेदना न‌ई सजे आपके अधरों पर नूतन मुस्कान सदाभरे चित्त में चंदन सी निर्मल भावना नई सुलग रही हर साँस यहाँ,मन में अवसाद भराहँसे सृष्टि, चँद्रिका खिले, हो‌ नित सर्जना नई करें आज से चिर प्रशांत मंगल की अभिलाषामधुर भाव अंतर…