• उम्मीदों भरा नया साल

    उम्मीदों भरा नया साल उम्मीदों भरा नया सालखूब आता है मन में ख्याल।ढेर सारी आशाएं हैंजिंदगी की अभिलाषाएं हैं ,शायद जिंदगी हो जाए खुशहालउम्मीदों भरा नया साल।।अधूरे सपने इस साल हों पूरेवक्त बुरा कब तक, जब हम नहीं है बुरेखुशियां जरूर मिलेंगीजिंदगी जरूर खिलेगी ,बदलेगा मौसम का हालउम्मीदों भरा नया साल।।किस्मत कब तक रुलाएगीइस बार…

  • मिलता कैसे सहारा नये साल में

    मिलता कैसे सहारा नये साल में मिलता कैसे सहारा नये साल मेंकर रहे सब किनारा नये साल में चमके किस्मत का तारा नये साल मेंकर दो कुछ तो इशारा नये साल में भर गया दिल हमारा उमंगों से अबदेखा ऐसा नजारा नये साल में कोई तरकीब ऐसी लगा लीजियेहो सुकूँ से गुज़ारा नये साल में…

  • हर घड़ी इस साल की

    हर घड़ी इस साल की हो मुबारकबाद सबको हर घड़ी इस साल कीसाल भर रौनक़ रहे घर घर में इस्तकबाल की कीजिएगा सब दुआएं उम्र भर फूले फलेंदिल को छू पाये नहीं कोई हवा जंजाल की गुज़रे ऐ मौसम बहाराँ तू चमन में इस तरहख़ूबसूरत ज़िन्दगी हो हर शजर हर डाल की दूध माखन और…

  • नया साल आया है

    नया साल आया है स्वर्णिम आभा छाई है नए सपने लाई हैउत्साह का किरण जल रहा है नवीन सपने लेकरनया साल आया है नई खुशियां लेकर जो रीति गई वह बीत गईअब क्या पछताना उनको लेकरनया साल आया है नई खुशियां लेकर दुख की काली अधियारी थी जोवह अब बीत चुकी हैसुख की नव पुष्पित…

  • सवाल:- गलती किसकी ?

    नेहा बैंक में क्लर्क के पद पर कार्यरत थी। ससुराल से ही वह बैंक आना-जाना करती थी। नेहा का पति राहुल एक प्राइवेट कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत था। दोनों की शादी को 3 वर्ष बीत चुके थे लेकिन उनके कोई बच्चा नहीं था। नेहा को प्राइवेसी पसंद थी। उसे पाबंदी लगाने…

  • सर्दी की धूप | Sardi ki Dhoop

    सर्दी की धूप सर्दियों में धूप का राज,हर गली में उसका ही बाज।घर के आँगन में जो उतर आई,लगता जैसे सरकार बनकर आई। गुनगुनी धूप का खेल निराला,कभी सीधे छत पर, कभी आँगन में पग डाला।जहाँ तिरपाल देखा वहीं लेट गई,फूस की छत पर तो जैसे फिक्स बैठ गई। चाय की दुकान पर चर्चा थी…

  • छोड़ो | Chhodo

    ‘छोड़ो’ किसी बहाने जब देखो छज्जे पर आना-जाना छोड़ोआता देख मुझे खिड़की में आकर बाल बनाना छोड़ो क्या नाता है तुमसे मेरा क्यों अपनापन जता रहे होहँस हँस के यूँ बार-बार नैनों से तीर चलाना छोड़ो मैं नसीब का मारा मुझको पाकर होगा हासिल क्याअपने दिल के बालू पर बरसाती फसल उगाना छोड़ो आहें भरना…

  • नववर्ष दोहे

    नववर्ष दोहे अभिनंदन सबके लिए, लाए ये नववर्ष।हर तबका फूले फले, पहुँचे नव उत्कर्ष।। आशा है नववर्ष में, किस्मत हो रंगीन।प्रेम बढ़े परिवार में, मिटे दु:ख संगीन।। नये साल में कीजिए, नया-नया कुछ काम।छोंड़ के गंदी आदतें, पहुँचो सच्चे धाम।। सदा सत्य अपनाइए, रहो झूँठ से दूर।मिले सफलता आपको, नहीं रहो मगरूर।। रखो स्वच्छ तन-मन…

  • नव वर्ष पर एक नवगीत

    दीप प्रेम का जग में जलाएं दीप प्रेम का जग में जलाएंआओ मिल नव वर्ष मनाएं रहे न भूखा कोई कहीं परसोए नहीं मजबूर जमीं परहाथ मदद का चलो बढ़ाएंआओ मिल नव वर्ष मनाएं। १। लुटे न अस्मत किसी बहन कीउठे न अर्थी किसी दुल्हन कीसंस्कारों की हम जोत जलाएंआओ मिल नव वर्ष मनाएं।२। नशे…

  • आधुनिक द्वंद्व

    आधुनिक द्वंद्व प्रभु सुमिरन के पथ पर, पाओ सच्ची राह,सत्य, करुणा, प्रेम ही, जीवन का उन्नाह। फूलों की महक में छुपा, है प्रभु का आभास,जीवन की हर साँस में, बसा प्रेम-विलास। नदी बहती निर्बाध सी, सिखलाए ये बात,कठिनाई चाहे जितनी, रखना सहज प्रवाह। भारतीय संस्कृति में, गूँज रहा संसार,रीति-रिवाज और कला, अनमोल उपहार। नृत्य में…