Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Ghazal बहोत दुश्वार है दिल का दरिया हो जाना
    शेरो-शायरी

    Ghazal बहोत दुश्वार है दिल का दरिया हो जाना

    ByAdmin February 28, 2021

    बहोत दुश्वार है दिल का दरिया हो जाना ( Bahot Dushwar Hai Dil Ka Dariya Ho Jana )     बहोत दुश्वार है दिल का दरिया हो जाना जैसे एक दम से बेहरका क़तरा हो जाना   ये फितरत नहीं होती हर किसी में सुमार सबको मयस्सर और एक पे फ़िदा हो जाना   दश्त-ए-बे-आब…

    Read More Ghazal बहोत दुश्वार है दिल का दरिया हो जानाContinue

  • आँखों में अश्कों के समंदर रो रहे हैं!
    शेरो-शायरी

    Sad Shayari | आंखों में अश्कों के समंदर रो रहे हैं

    ByAdmin February 28, 2021June 8, 2023

    आंखों में अश्कों के समंदर रो रहे हैं ( Aankhon Mein Ashkon Ke Samandar Ro Rahe hain )     आँखों में अश्कों  के समंदर  रो रहे हैं! ग़म मुहब्बत के कई मेरे अंदर रो रहे हैं!   मिट गया झगड़े में नामो निशान घर का, और  दहलीज़  पे  बैठे खंडहर रो रहे हैं!  …

    Read More Sad Shayari | आंखों में अश्कों के समंदर रो रहे हैंContinue

  • दहेज़ एक मज़ाक : लघुकथा
    कहानियां

    Hindi Laghukatha | Kahaniya -दहेज़ एक मज़ाक : लघुकथा

    ByAdmin February 27, 2021February 28, 2021

    दहेज़ एक मज़ाक : लघुकथा ( Dahej Ek Mazak : Laghukatha ) लाला नारायण दास की शहर में सुनार की बहुत बड़ी दुकान है । आज उनकी दुकान पर उनके एक पुराने मित्र रत्नसेठ आए । उनका कारोबार भी अच्छा चल रहा है। औपचारिक अभिवादन के बाद रतन सेठ उनसे अपनी बेटी के लिए, उनके लड़के…

    Read More Hindi Laghukatha | Kahaniya -दहेज़ एक मज़ाक : लघुकथाContinue

  • बिटिया रानी
    कविताएँ

    Kavita Bitiya Rani | Hindi Kavita – बिटिया रानी

    ByAdmin February 27, 2021February 28, 2021

    बिटिया रानी ( Bitiya Rani )     बिटिया जब डाँट लगाती है , वो दिल को छू जाती है l   बिटिया जब दुलराती है , मन को बहुत लुभाती है l   बिटिया जब हंसती है , रोम रोम पुलकित हो जाता है l   बिटिया के रोते ही , तन मन सब…

    Read More Kavita Bitiya Rani | Hindi Kavita – बिटिया रानीContinue

  • चन्द्रशेखर आजाद को श्रद्धा सुमन
    कविताएँ

    Kavita On Chandrashekhar Azad -चन्द्रशेखर आजाद को श्रद्धा सुमन

    ByAdmin February 27, 2021February 28, 2021

    चन्द्रशेखर आजाद को श्रद्धा सुमन ( Chandrashekhar Azad Ko Shradha Suman ) भारत  भूमि  जब  जब  सम्मान  से  सिर झुकायेगी हर मुकाम पर हिन्द को चन्द्रशेखर की याद आयेगी   ऐसा किया ऊँचा मस्तक भारत गौरव के अभिमान का धूल चटाकर प्राण हरे खुद दृश्य सन 31 के सग्राम का   आजाद  हिंद  फौज  से…

    Read More Kavita On Chandrashekhar Azad -चन्द्रशेखर आजाद को श्रद्धा सुमनContinue

  • धीरे -धीरे जहन से उतरता गया
    शेरो-शायरी

    Ghazal धीरे-धीरे जहन से उतरता गया

    ByAdmin February 27, 2021

    धीरे -धीरे जहन से उतरता गया ( Dhire Dhire Jehan Se Utarta Gaya )     धीरे -धीरे  जहन  से  उतरता  गया, जो  कभी  प्यार  मेरा  सहारा  रहा।     जिन्दगी ने मुझे आज सिखला दिया, मतलबी  दौर  का  वो सिकारा रहा।     मैने  चाहा  बहुत  टूट  कर प्यार की, पर  उसे  ना  कभी …

    Read More Ghazal धीरे-धीरे जहन से उतरता गयाContinue

  • काव्य जगत के नन्हें दीप
    कविताएँ

    Hindi Kavita | Hindi Poetry -काव्य जगत के नन्हें दीप

    ByAdmin February 26, 2021February 28, 2021

    काव्य जगत के नन्हें दीप ( Kavy Jagat Ke Nanhen Deep )   नया कुछ गीत गाए हम बच्चों संग बच्चा बन जाएं हम उलझन की इस बगीया में खुशीयो के फूल खिलाये हम   बाते चाद सितारो की ना ना बाते जमी आसमाँ की हो बाते जगमग जुगुनू की और रंग बिरंगी तितली की…

    Read More Hindi Kavita | Hindi Poetry -काव्य जगत के नन्हें दीपContinue

  • दबी दबी सी आह है
    कविताएँ

    Hindi Kavita | Hindi Poetry -दबी दबी सी आह है

    ByAdmin February 26, 2021March 27, 2021

    दबी दबी सी आह है ( Dabi Dabi Si  Aah Hai )   कही  मगर सुनी नही, सुनी  थी  पर दिखी नही। दबी दबी सी आह थी,  जगी  थी जो बुझी नही।   बताया था उसे मगर, वो  सुन  के अनसुनी रही, वो चाहतों का दौर था, जो प्यास थी बुझी नही।   मचलते मन…

    Read More Hindi Kavita | Hindi Poetry -दबी दबी सी आह हैContinue

  • बाप
    कविताएँ

    Hindi Kavita | Hindi Poetry On Life | Hindi Poem -बाप

    ByAdmin February 25, 2021February 28, 2021

    बाप ( Baap ) १. बाप रहे अधियारे  घर में बेटवा क्यों उजियारे में छत के ऊपर बहू बिराजे क्यों माता नीचे ओसारे  में २. कैसा है जग का व्यवहार बाप बना बेटे का भार जीवन देने वाला दाता क्यों होता नहीं आज स्वीकार ३. कल तक जिसने बोझ उठाया आज वही क्यों  बोझ  बना…

    Read More Hindi Kavita | Hindi Poetry On Life | Hindi Poem -बापContinue

  • अक्सर सज़ा मिली है जिनको,मुस्कुराने की,
    शेरो-शायरी

    Ghazal – अक्सर सज़ा मिली है जिनको, मुस्कुराने की

    ByAdmin February 25, 2021February 25, 2021

    अक्सर सज़ा मिली है जिनको, मुस्कुराने की ( Aksar Saza Mili Hai Jinko, MuskuraneKi )     अक्सर सज़ा मिली है जिनको,मुस्कुराने की, जुर्रत वो कैसे कर सकेंगे,खिलखिलाने की।   हम इम्तिहाने इश्क को तैयार हैं हर वक़्त, कोशिश तो करे कोई हमको आजमाने की।   जमाई  है  धाक  नभ  पर  सूरज औ चॉंद ने।…

    Read More Ghazal – अक्सर सज़ा मिली है जिनको, मुस्कुराने कीContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 724 725 726 727 728 … 832 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search