Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
TheSahitya – द साहित्य
  • तुझसे मुख्फी करते हुए भी डर लगता है
    शेरो-शायरी

    Ghazal | तुझसे मुख्फी करते हुए भी डर लगता है

    ByAdmin March 5, 2021March 5, 2021

    तुझसे मुख्फी करते हुए भी डर लगता है ( Tujhse Mukhphi Karte Hue Bhi Dar Lagta Hai )   तुझसे मुख्फी करते हुए भी डर लगता है सोज़-ए-दीवानगी क्यों मुझे खर लगता है   जहाँ देखो वहीँ बैठ जाता हूँ नाजाने क्यों देखने में तो यह अपना ही घर लगता है   बे-सब्र  बचाए  जा …

    Read More Ghazal | तुझसे मुख्फी करते हुए भी डर लगता हैContinue

  • लकीर
    शेरो-शायरी

    Ghazal | लकीर

    ByAdmin March 4, 2021March 10, 2021

    लकीर ( lakeer )   हाथों की उलझी लकीरों में, तेरा नाम ढूंढ रहा हूँ। इक  बार  नही कोशिश ये, बार बार कर रहा  हूँ।   शायद  नही तू किस्मत में, एहसास कर रहा हूँ। फिर भी हृदय से कोशिश मैं, हर बार कर रहा हूँ।   कुछ रेखाएं ऐसी है जो, कुछ दूरी  तक…

    Read More Ghazal | लकीरContinue

  • मिटाया तेरा नाम दिल और दर से
    शेरो-शायरी

    Ghazal || मिटा जब तेरा नाम इस दिल के दर से

    ByAdmin March 3, 2021March 5, 2021

    मिटा जब तेरा नाम इस दिल के दर से (Mita Jab  Tera Naam Is Dil Ke Dar Se)     मिटा जब तेरा नाम इस दिल के दर से। हटा बौझ- सा कुछ कोई जैसे सर से।।   हुई हम को नफ़रत शकल से बहुत ही। गिरे  जब  से  हो तुम हमारी नज़र से।।  …

    Read More Ghazal || मिटा जब तेरा नाम इस दिल के दर सेContinue

  • मेरी नजर में 'आका बदल रहे हैं' ग़जल संग्रह
    पुस्तक समीक्षा

    Book Review | मेरी नजर में ‘आका बदल रहे हैं’ ग़जल संग्रह

    ByAdmin March 3, 2021March 3, 2021

    मेरी नजर में ‘आका बदल रहे हैं’ ग़जल संग्रह ‘आका बदल रहे हैं’- गजल संग्रह, श्री विजय तिवारी का एक बहुत सार गर्भित ग़जल संग्रह है। साहित्य और समाज दोनों का चोली दामन का संबंध है, इस लिहाज से भी इन ग़जलों में प्रस्तुत भाव,विचार, व्यंग्य,जैसे-जैसे इस गजल संग्रह को हम पढ़ते हैं, वैसे वैसे…

    Read More Book Review | मेरी नजर में ‘आका बदल रहे हैं’ ग़जल संग्रहContinue

  • जुगनू आये नया उजाला लेकर
    शेरो-शायरी

    Ghazal || जुगनू आये नया उजाला लेकर

    ByAdmin March 3, 2021

    जुगनू आये नया उजाला लेकर ( Jugnoo Aaye Naya Ujala Lekar )   बुझते  दीपक  मे  साथ  जलने आई  हूं अपनी सारी ही तमन्नाए साथ लाई  हूँ खुदको खोकर मेरा मोल लगाया तुमने दिल के बाजार में बिकने के लिए आयी हूँ चोट पत्थर से नहीं फूल से खायी तुमने इक नादान मुहब्बत में लुट…

    Read More Ghazal || जुगनू आये नया उजाला लेकरContinue

  • हुंकार का दिल
    शेरो-शायरी

    Ghazal || हुंकार का दिल

    ByAdmin March 3, 2021

    हुंकार का दिल ( Hunkaar Ka Dil )     मूंगफली  के  दाने  सा,  छोटा  सा  दिल  है  मेरा। उसपर भी ना सम्हाला तुझसे,ला दिल वापस मेरा।   कोई कही तो होगा जिसको, मेरा दिल प्यार होगा, लाखों  मे  कही  एक  है  होता,  ऐसा दिल है मेरा।   छोटा सा है चिप के जैसा,जिसकी मेमोरी…

    Read More Ghazal || हुंकार का दिलContinue

  • न जाने कौन सी बीमारी है
    शेरो-शायरी

    Ghazal || न जाने कौन सी बीमारी है

    ByAdmin March 2, 2021

    न जाने कौन सी बीमारी है ( Na Jane Kaun Si Bimari Hai )     जिगर में दर्द अश्क जारी है। न जाने कौन सी बीमारी है।।   शुकून लाऊं तो लाऊं कैसे, हर तरफ बहुत पहरेदारी है।।   चार कंधों पर सज गया बिस्तर, क्या मेरे जाने की तैयारी है।।   मुहब्बत खेल…

    Read More Ghazal || न जाने कौन सी बीमारी हैContinue

  • अनमोल धरोहर
    कविताएँ

    Kavita अनमोल धरोहर

    ByAdmin March 2, 2021

    अनमोल धरोहर ( Anmol Dharohar )   बेटी हैं अनमोल धरोहर, संस्कृति और समाज की। यदि सभ्यता सुरक्षित रखनी, सींचो मिल सब प्यार से ।।   मां के पेट से बन न आई, नारी दुश्मन नारी की । घर समाज से सीखा उसने, शिक्षा ली दुश्वारी से।।   इच्छाओं को मन में अपने, एक एक…

    Read More Kavita अनमोल धरोहरContinue

  • गए छोड कर वो हमें एक पल में
    शेरो-शायरी

    Ghazal गए छोड कर वो हमें एक पल में

    ByAdmin March 1, 2021March 2, 2021

    गए छोड कर वो हमें एक पल में ( Gae Chhod Kar Wo Hame Ek Pal Mein )   गए  छोड  कर  वो  हमें  एक  पल में।। लुटा दिल का गुलशन बहारे-चमन में।।   बनाए  सभी  ख़ास  जग  में खुदा ने। है खो जाती पहचान सारी नकल में।।   उसे  छोड़  दो  हाल  पे  तुम …

    Read More Ghazal गए छोड कर वो हमें एक पल मेंContinue

  • सांसों में ही आती रोज खुशबू रही
    शेरो-शायरी

    Ghazal सांसों में ही आती रोज खुशबू रही

    ByAdmin March 1, 2021March 1, 2021

    सांसों में ही आती रोज खुशबू रही ( Sanson Mein Hi Aati Roj Khushboo Rahi )   सांसों में ही आती रोज़ ख़ुशबू रही इसलिए याद दिल को आती तू रही   चैन दिल को भला कैसे हो जीस्त में ए सनम तू नजर आती हर सू रही   प्यार का ही असर तेरे ऐसा…

    Read More Ghazal सांसों में ही आती रोज खुशबू रहीContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 729 730 731 732 733 … 839 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
Search