Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
TheSahitya – द साहित्य
  • दबी दबी सी आह है
    कविताएँ

    Hindi Kavita | Hindi Poetry -दबी दबी सी आह है

    ByAdmin February 26, 2021March 27, 2021

    दबी दबी सी आह है ( Dabi Dabi Si  Aah Hai )   कही  मगर सुनी नही, सुनी  थी  पर दिखी नही। दबी दबी सी आह थी,  जगी  थी जो बुझी नही।   बताया था उसे मगर, वो  सुन  के अनसुनी रही, वो चाहतों का दौर था, जो प्यास थी बुझी नही।   मचलते मन…

    Read More Hindi Kavita | Hindi Poetry -दबी दबी सी आह हैContinue

  • बाप
    कविताएँ

    Hindi Kavita | Hindi Poetry On Life | Hindi Poem -बाप

    ByAdmin February 25, 2021February 28, 2021

    बाप ( Baap ) १. बाप रहे अधियारे  घर में बेटवा क्यों उजियारे में छत के ऊपर बहू बिराजे क्यों माता नीचे ओसारे  में २. कैसा है जग का व्यवहार बाप बना बेटे का भार जीवन देने वाला दाता क्यों होता नहीं आज स्वीकार ३. कल तक जिसने बोझ उठाया आज वही क्यों  बोझ  बना…

    Read More Hindi Kavita | Hindi Poetry On Life | Hindi Poem -बापContinue

  • अक्सर सज़ा मिली है जिनको,मुस्कुराने की,
    शेरो-शायरी

    Ghazal – अक्सर सज़ा मिली है जिनको, मुस्कुराने की

    ByAdmin February 25, 2021February 25, 2021

    अक्सर सज़ा मिली है जिनको, मुस्कुराने की ( Aksar Saza Mili Hai Jinko, MuskuraneKi )     अक्सर सज़ा मिली है जिनको,मुस्कुराने की, जुर्रत वो कैसे कर सकेंगे,खिलखिलाने की।   हम इम्तिहाने इश्क को तैयार हैं हर वक़्त, कोशिश तो करे कोई हमको आजमाने की।   जमाई  है  धाक  नभ  पर  सूरज औ चॉंद ने।…

    Read More Ghazal – अक्सर सज़ा मिली है जिनको, मुस्कुराने कीContinue

  • चार लाइनें
    कविताएँ

    Hindi Kavita | चार लाइनें

    ByAdmin February 25, 2021December 30, 2024

    मुक्तक मुस्कुराते फूल सा खिलने भी आया कीजिये।घाव औरों के कभी सिलने भी आया कीजिये।एक दिन भगवान ने इक बड़ा सा ताना दिया-मांगने आते हो बस, मिलने भी आया कीजिये। देशपाल सिंह राघव ‘वाचाल’ —0— अपने कभी भी संभल नहीं पाते हैं।जब अपने छोड़ चले जाते हैं।जीना हो जाता कितना दूभर,यह हम तभी समझ पाते…

    Read More Hindi Kavita | चार लाइनेंContinue

  • जीस्त में जिसकी यहां तो मुफलिसी है
    शेरो-शायरी

    Emotional Sad Shayari -जीस्त में जिसकी यहां तो मुफलिसी है

    ByAdmin February 24, 2021February 24, 2021

    जीस्त में जिसकी यहां तो मुफलिसी है ( Jist Mein Jiski Yahan To Muphlasi Hai )     जीस्त में जिसकी यहां तो मुफ़लिसी है जीस्त में उसके भला क्या फ़िर ख़ुशी है   मयकशी ही कौन करता है उल्फ़त की रोज़  होती  नफ़रतों  की मयकशी है   अब  दिखाता  ग़ैर  होने की वो आंखें…

    Read More Emotional Sad Shayari -जीस्त में जिसकी यहां तो मुफलिसी हैContinue

  • सितम ढा रही है अदा आपकी ये
    शेरो-शायरी

    Romantic Ghazal | Love Kavita -सितम ढा रही है अदा आपकी ये

    ByAdmin February 23, 2021February 24, 2021

    सितम ढा रही है अदा आपकी ये ( Sitam Dha Rahi Hai Ada Aapki Ye ) सितम ढा रही है अदा आपकी ये। सहे  जा  रहे हैं  खता आपकी ये।।   मजा भी बहुत है सजा जो मिली है। निगाहें है कातिल जुदा आपकी ये।।   हो  अब  दूर  कैसे  तेरे गेसुओं से। हमें नित…

    Read More Romantic Ghazal | Love Kavita -सितम ढा रही है अदा आपकी येContinue

  • भारत मे हिंगलिश का प्रयोग सबसे पहले कब और किसने किया था
    विवेचना

    भारत मे हिंगलिश का प्रयोग सबसे पहले कब और किसने किया था

    ByAdmin February 23, 2021February 24, 2021

    हम लोग अपनी बोलचाल की भाषा में कई सारी भाषाओं का प्रयोग करते हैं अधिकतर हिंदी भाषी क्षेत्र के लोग हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी के भी कई शब्द बोलते हैं जिसे आजकल लोग हिंगलिश के नाम से जानते हैं लेकिन हिंगलिश का प्रयोग सबसे पहले कब हुआ था और किसने किया था कि आपको पता…

    Read More भारत मे हिंगलिश का प्रयोग सबसे पहले कब और किसने किया थाContinue

  • कर गया दुश्मनी की वो ही बात है
    शेरो-शायरी

    sad shayari -कर गया दुश्मनी की वो ही बात है

    ByAdmin February 23, 2021February 24, 2021

    कर गया दुश्मनी की वो ही बात है ( Kar Gaya Dushmani Ki Wo Hi Baat Hai )     कर गया दुश्मनी की वो ही बात है दोस्ती की करी जिससें शुरुवात है   प्यार मेरा नहीं है किया हाँ क़बूल दिल के उसनें नहीं समझें जज्बात है   नफ़रतों की ही बरसात होती …

    Read More sad shayari -कर गया दुश्मनी की वो ही बात हैContinue

  • टिकैत बाबा और मनचाहे गीत
    कहानियां

    Hindi Kahani | Kahani टिकैत बाबा और मनचाहे गीत

    ByAdmin February 22, 2021February 23, 2021

    तब रामू की उम्र 13-14 वर्ष रही होगी जब वह अपनी भैंस चराने दूर खेतों में ले जाता था। हर रोज दोपहर 3 बजे स्कूल से आने के बाद वह झटपट खाना खाता और अपनी प्यारी छड़ी ( जिसे वह भैंस चराने के लिए उपयोग करता था ) लेकर भैंस खूंटे से छोड़ देता। भैंस…

    Read More Hindi Kahani | Kahani टिकैत बाबा और मनचाहे गीतContinue

  • आज के बच्चे
    कविताएँ

    Hindi Kavita| Hindi Poem | Hindi Poetry आज के बच्चे

    ByAdmin February 22, 2021February 23, 2021

    आज के बच्चे ( Aaj Ke Bache ) आज के बच्चे बड़े चालाक करने लगे मोबाइल लॉक खाने पीने में होशियार रोवे  जैसे रोए सियार मांगे बाप से रोज ए पैसा बोले बात पुरानिया जैसा पापा  के पेंट से टॉफी खोजें नहीं मिले तो फाड़े मोजे खाए आम अनार और केला देखे घूम -घूम कर…

    Read More Hindi Kavita| Hindi Poem | Hindi Poetry आज के बच्चेContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 731 732 733 734 735 … 839 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
Search