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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • गलतफहमी
    कविताएँ

    Hindi Kavita | Hindi Poetry -गलतफहमी!

    ByAdmin January 24, 2021February 25, 2021

    गलतफहमी! ( Galatfahmi ) ***** वो समझते हैं समझते नहीं होंगे लोग। वो उलझते हैं पर उलझते नहीं हैं लोग। वो सुलगाते हैं पर सुलगते नहीं हैं लोग। उम्र कद कर्म अनुभव संस्कार की कमी, लहजे से ही दिख जाता है, हर कहीं। कुछ ज्यादा ही उछलते है वो, आका के संरक्षण में पलते हैं…

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  • श्याम रे
    कविताएँ

    Bhakti Kavita | Hindi Kavita | Hindi Poem -श्याम रे

    ByAdmin January 24, 2021February 25, 2021

    श्याम रे ( Shyam Re )   नाही  आये  यमुना  तट पे  श्याम रे, सुबह  बीती  दोपहरी  हुई  शाम  रे।   कहाँ छुप गए मनमोहन घनश्याम रे, मन  है बेकल  कहाँ  है श्री श्याम रे।   निरखत से नयन नीर भर भर आए रे, जैसे  घटा  में  मेघ घन  घिर  आए रे।   कारी  बदरिया …

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  • लोकतंत्र में मतदान का महत्व पर निबंध
    निबंध

    Essay In Hindi- लोकतंत्र में मतदान का महत्व

    ByAdmin January 24, 2021September 9, 2021

    लोकतंत्र में मतदान का महत्व पर निबंध  (The Importance Of Voting In Democracy : Essay In Hindi )   प्रस्तावना ( Preface ) :- भारत एक लोकतांत्रिक देश है। लोकतांत्रिक व्यवस्था वाले देश में जनता का महत्व होता है। जनता ही अपने नेता का चुनाव करती है और जनता अपने नेता का चुनाव मतदान के…

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  • सूखी दरख्तो के साये
    कविताएँ

    Ghazal | सूखी दरख्तो के साये

    ByAdmin January 24, 2021October 25, 2023

    सूखी दरख्तो के साये ( Sookhi Darakhton Ke Saaye )     ये जो हम में तुम में कुछ प्यार बाकी है कहीं  दो दिलो  को बहलाने का बहाना तो नहीं फांसलो की अपनी भी जुबानें हुआ करती हैं तेरे मेरे करीब आने का इशारा तो नहीं   दिल जब भी धड़के, अफसाने बने ,सुना…

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  • तुझसे जब तलक़ मुहब्बत करते रहे हम
    शेरो-शायरी

    Romantic Ghazal -तुझसे जब तलक़ मुहब्बत करते रहे हम

    ByAdmin January 24, 2021February 25, 2021

    तुझसे जब तलक़ मुहब्बत करते रहे हम   ( Tujhse Jab Talaq Muhabbat Karte Rahe Ham )   तुझसे जब तलक़ मुहब्बत करते रहे हम बड़े सलीके से इबादत करते रहे हम   मंजूर-ए-खुदा है इश्क़, किया जाए इस बात पर सदा बगावत करते रहे हम   उसको रास्तों पर जब जब भी देखा हमने…

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  • Dil Tod Kar Dil lagana Bura Hai
    शेरो-शायरी

    Ghazal On LIfe -दिल तोड़ कर दिल लगाना बुरा है

    ByAdmin January 23, 2021February 25, 2021

    दिल तोड़ कर दिल लगाना बुरा है   ( Dil Tod Kar Dil lagana Bura Hai )     दिल तोड़ कर दिल लगाना बुरा है! नज़र से नज़र फिर मिलाना बुरा है!!    रखी हुई चीज़ कोई उठाना बुरा है! अमानत किसी की ले आना बुरा है!   वक़्त की नज़ाकत है फासले रक्खो,…

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  • चंद बुलबुले जो देखते हो पानी में तुम
    कविताएँ

    Hindi Ghazal -चंद बुलबुले जो देखते हो पानी में तुम

    ByAdmin January 23, 2021February 25, 2021

    चंद बुलबुले जो देखते हो पानी में तुम   ( Chand Bulbule Jo Dekhte Ho Pani Mein Tum )   दो घडी रुककर घाव सहलाने लगे हम यूँ भी दर्द अपना भुलाने लगे तुम जो राहो में मेरी बिछाते हो शूल दामन फूलो से तुम्हारा महकाने लगे   किस्मत में था इन्तेजार वही मैं करती…

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  • जीस्त तन्हाई की सहेली है!
    शेरो-शायरी

    Hindi Poetry On Life -जीस्त तन्हाई की सहेली है!

    ByAdmin January 23, 2021February 25, 2021

    जीस्त तन्हाई की सहेली है! ( Jeest Tanhai Ki Saheli Hai )   जीस्त तन्हाई की सहेली है! कट रही जिंदगी अकेली है   नफ़रतों की बू कम नहीं होती देखो फ़िर भी खिली चमेली है   जो सुलझती नहीं बातें दिल की  बन गयी वो  उल्फ़त पहेली है   दोस्ती के टूटे है वो…

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  • मुसाफिर
    कविताएँ

    Hindi Kavita On Life | Hindi Kavita -मुसाफिर

    ByAdmin January 22, 2021February 25, 2021

    मुसाफिर ( Musafir ) … मुसाफिर तंन्हा हूँ मै, साथ चलोगे क्या, तुम  मेेरे। है मंजिल दूर, सफर मुश्किल , क्या साथ चलोगे मेरे। यही है डगर, एक मंजिल है तो फिर, साथ चलो ना, सफर कट जायेगा दोनो का, हमसफर बनोगे मेरे। … करेगे दुख सुख की बातें, बातों से खनक बढेगी। हमारे दिल…

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  • गणतंत्र दिवस
    कविताएँ

    India Republic Day Kavita | गणतंत्र दिवस

    ByAdmin January 22, 2021October 27, 2022

    गणतंत्र दिवस ( India Republic Day )   भारत माता के मस्तक पर, रोली अक्षत चंदन की। संविधान के पावन पर्व पर, वंदन और अभिनंदन की।   वर्षों के तप और धैर्य से, वीरों के लहू और शौर्य से, माताओं के जिन पुत्रों ने, चलना सही न सीखा था, अंग्रेजों से लड़ लड़ कर, ये…

    Read More India Republic Day Kavita | गणतंत्र दिवसContinue

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