Sad Shayari -यहाँ रोज़ लब पे ख़ामोशी रही है!
यहाँ रोज़ लब पे ख़ामोशी रही है! ( Yahaan Roz Lab Pe Khamoshi Rahi Hai ) यहां रोज़ लब पे ख़ामोशी रही है! कहीं प्यार की ही लबों पे हंसी है किसी ने तोड़ा प्यार से ही भरा दिल आंखों में भरी प्यार की ही नमी है उदासी ख़ामोशी भरी जिंदगी…










