Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • उल्फ़त का कभी अच्छा अंजाम नहीं होता
    शेरो-शायरी

    उल्फ़त का कभी अच्छा अंजाम नहीं होता

    ByAdmin December 2, 2020December 29, 2020

    उल्फ़त का कभी अच्छा अंजाम नहीं होता     उल्फ़त का कभी अच्छा अंजाम नहीं होता इससे बड़ा कोई भी बदनाम नहीं होता   मैं बात नही कह  पाता दिल की कभी उससे पीने को अगर हाथों में  जाम नहीं होता   हर व़क्त घेरे है यादें दिल को बहुत मेरे हाँ यादों से ही…

    Read More उल्फ़त का कभी अच्छा अंजाम नहीं होताContinue

  • जब भी मिला तो आँख मिलाकर नहीं मिला
    शेरो-शायरी

    जब भी मिला तो आँख मिलाकर नहीं मिला

    ByAdmin December 1, 2020December 29, 2020

    जब भी मिला तो आँख मिलाकर नहीं मिला     जब भी मिला तो आँख मिलाकर नहीं मिला दुश्मन भी मेरे कद के बराबर नहीं मिला   घर उसका मिल गया है, वो घर पर नहीं मिला यानी पता तो मिल गया नंबर नहीं मिला   लड़की को पूरी छूट मिली भी तो घर ही…

    Read More जब भी मिला तो आँख मिलाकर नहीं मिलाContinue

  • गृहशिल्पी
    कहानियां

    गृहशिल्पी

    ByAdmin December 1, 2020December 29, 2020

    जब शिल्पी की शादी हुई तब उसकी उम्र 24 वर्ष थी।वह भी अन्य लड़कियों की तरह अपने जीवनसाथी की अर्धांगिनी बन उसके सुख-दुख बांटने ससुराल आ गयी। वह पढ़ी लिखी तो थी ही सुलझी और समझदार भी थी वरना पढ़ाई बीच मे छोड़कर अपने बूढ़े पिता का मान रखने की खातिर शादी के लिए बिना…

    Read More गृहशिल्पीContinue

  • फूल उल्फ़त का दिया है आज फ़िर
    शेरो-शायरी

    फूल उल्फ़त का दिया है आज फ़िर

    ByAdmin December 1, 2020December 29, 2020

    फूल उल्फ़त का दिया है आज फ़िर     फूल उल्फ़त का दिया है आज फ़िर! कोई अपना कर गया है आज फ़िर   छेड़कर नग्मात दिल के प्यार में कोई दिल रुला गया है आज फ़िर   छोड़ जो मुझको गया था भीड़ में वो मुझे अब ढूंढ़ता है आज फ़िर   याद आयी…

    Read More फूल उल्फ़त का दिया है आज फ़िरContinue

  • यहां तो जिंदगी में ग़म रहा है
    शेरो-शायरी

    यहां तो जिंदगी में ग़म रहा है

    ByAdmin November 30, 2020December 29, 2020

    यहां तो जिंदगी में ग़म रहा है     यहां तो जिंदगी में ग़म रहा है ख़ुशी का कब यहां आलम रहा है   वफ़ा के नाम पत्थर मारे उसनें निगाहें करता मेरी नम रहा है   ख़ुशी का होता फ़िर अहसास कैसे ग़मों का सिलसिला कब कम रहा है   खिलेंगे गुल मुहब्बत के…

    Read More यहां तो जिंदगी में ग़म रहा हैContinue

  • श्रीगंगा-स्तुति
    कविताएँ

    श्रीगंगा-स्तुति

    ByAdmin November 30, 2020December 29, 2020

    श्रीगंगा-स्तुति (गंगा दशहरे के शुभ अवसर पर)   जगत् पावनी जय गंगे। चारों युग त्रिलोक वाहनी त्रिकाल-विहारिणी जय गंगे।।   महा वेगवति, निर्मल धारा, सुधा तरंगिनी जय गंगे। महातीर्था, तीर्थ माता , सर्व मानिनी जय गंगे।।   अपारा, अनंता, अक्षुण्ण शक्ति, अघ-हारिणी जय गंगे। पुण्य-मोक्ष-इष्ट प्रदायिनि, भव-तारिणी जय गंगे।।   “कुमार”मन पावन करो ,शिव जटा…

    Read More श्रीगंगा-स्तुतिContinue

  • वो हक़ीक़त में रूठे थे और रूठे ख़्वाब में
    शेरो-शायरी

    वो हक़ीक़त में रूठे थे और रूठे ख़्वाब में

    ByAdmin November 30, 2020December 29, 2020

    वो हक़ीक़त में रूठे थे और रूठे ख़्वाब में     वो हक़ीक़त में रूठे थे और रूठे ख़्वाब में कर गये है वो गिले कल रात ऐसे ख़्वाब में   भूल जाता मैं उसे दिल से हमेशा के लिये वो अगर मेरे नहीं जो दोस्त होते ख़्वाब में   जिंदगी भर जो नहीं मेरे…

    Read More वो हक़ीक़त में रूठे थे और रूठे ख़्वाब मेंContinue

  • जानें कब आएंगे अपने अच्छे दिन!
    कविताएँ

    जानें कब आएंगे अपने अच्छे दिन!

    ByAdmin November 29, 2020December 29, 2020

    जानें कब आएंगे अपने अच्छे दिन! ******** गरीबों तुमने.. बहुत कुछ झेला है! बहुत कुछ झेलना बाकी है, इतिहास इसका साक्षी है। अभी महामारी और कोरोना का दौर है, गरीबों के लिए यहां भी नहीं कोई ठौर है। सरकारों की प्राथमिकता में अभी कुछ और है, सेवा सहानुभूति का नहीं यह दौर है। धनवान निर्धन…

    Read More जानें कब आएंगे अपने अच्छे दिन!Continue

  • जब से तेरी पायल छनक गयी
    शेरो-शायरी

    जब से तेरी पायल छनक गयी | Payal shayari

    ByAdmin November 29, 2020December 11, 2022

    जब से तेरी पायल छनक गयी ( Jab se teri payal chhanak gayi )      जब से तेरी  पायल छनक गयी! प्यार में धड़कन ये बहक गयी   हो गया प्यार में दिल पागल वो निगाहें ऐसी  मटक गयी   कर गयी है असर प्यार का चूड़ी उसकी ऐसी छनक गयी   नींद आऐ…

    Read More जब से तेरी पायल छनक गयी | Payal shayariContinue

  • रहा हौंसला हर मुसीबत में भारी
    शेरो-शायरी

    Ghazal | रहा हौंसला हर मुसीबत में भारी

    ByAdmin November 29, 2020March 11, 2021

    रहा हौंसला हर मुसीबत में भारी  ( Raha Hausala Har Musibat Me Bhari )     रहा  हौंसला  हर  मुसीबत  में भारी। न टूटी दुःखों में भी हिम्मत हमारी।।   मिटे दिल के अरमां रहे सोच के चुप। किसी रोज होगी हमारी भी बारी।।   लिखा हाथ की जो लकीरों में रब ने। वो छीनेगी…

    Read More Ghazal | रहा हौंसला हर मुसीबत में भारीContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 757 758 759 760 761 … 832 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search