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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • तुझको दिल देख बहल जाता है
    शेरो-शायरी

    तुझको दिल देख बहल जाता है

    ByAdmin November 28, 2020December 29, 2020

    तुझको दिल देख बहल जाता है     तुझको दिल देख बहल जाता है। इक तेरा साथ हमें भाता है।।   डाल के आंखें तेरा आंखों में। यूं मुस्काना ग़ज़ब सा ढ़ाता है।।   पास में आना कोई बहाना कर। दिल में अरमां कई जगाता है।।   बस ख्यालों में तेरे खो जाउं। ख्याल ये…

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  • क्या कहूं! ये इश्क नहीं आसां
    कविताएँ

    क्या कहूं! ये इश्क नहीं आसां

    ByAdmin November 28, 2020December 20, 2024

    क्या कहूं! ये इश्क नहीं आसां ******** साजिश की बू आ रही है घड़ी घड़ी उसकी याद आ रही है इंतजार करके थक गया हूं फिर भी नहीं आ रही है। क्या ऐसा करके मुझे सता रही है? क्या कहूं ? साजिश की बू आ रही है यूं ही तो नहीं मुझे तड़पा रही है…

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  • आज आंखों में नमी है देखिए
    शेरो-शायरी

    आज आंखों में नमी है देखिए

    ByAdmin November 28, 2020December 29, 2020

    आज आंखों में नमी है देखिए     आज आंखों में नमी है देखिए! जीस्त में उसकी कमी है देखिए   लौट आ तेरे बिना ए सनम कितनी तन्हा जिंदगी है देखिए   शहर में कोई नहीं है अपना ही हर कोई तो अजनबी है देखिए   देख ले तू प्यार से ही इक नज़र…

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  • किसी से नहीं अब रही आस बाकी।
    शेरो-शायरी

    किसी से नहीं अब रही आस बाकी

    ByAdmin November 27, 2020December 29, 2020

    किसी से नहीं अब रही आस बाकी     किसी से नहीं अब रही आस बाकी। रहा अब कहीं पर न विश्वास बाकी।।   मिटे प्यार में इस तरह हम किसी के। जलाने की ख़ातिर नहीं लाश बाकी।।   वफा की बहुत पर हुआ कुछ न हासिल। नहीं कुछ हमारे रहा पास बाकी।।   गए…

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  • लालच बुरी बलाय
    कविताएँ

    लालच बुरी बलाय

    ByAdmin November 27, 2020December 29, 2020

    लालच बुरी बलाय ***** सदैव हलाल की कमाई खाएं, किसी के आगे हाथ न फैलाएं। ऊपर वाला जिस हाल में रखें- ख़ुशी ख़ुशी जीवन बिताएं, आवश्यकता से अधिक न चादर फैलाएं; बस अपना काम ईमानदारी से करते जाएं। बरकत और अल्ल्लाह की रहमत- खुद चलकर आपके द्वार आए, फिर काहे को हाय हाय? सब जानते…

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  • बातें
    कविताएँ

    बातें

    ByAdmin November 26, 2020December 29, 2020

    बातें * करो सदा पक्की सच्ची और अच्छी! वरना… ये दुनिया नहीं है बच्ची, सब है समझती। समझाओ ना जबरदस्ती! बातें… ओछी खोखली और झूठी नहीं हैं टिकतीं। जगह जगह करा देतीं हैं बेइज्जती! सच्चाई छुप नहीं सकती, बेवक्त है आ धमकती! होश फाख्ता कर देती है, सिर झुका देती है। तेज़ ही उसकी इतनी…

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  • मां की वेदना
    कविताएँ

    मां की वेदना

    ByAdmin November 26, 2020December 29, 2020

    मां की वेदना   मां कोख में अपने खून से सींचती रही।   अब तुम बूंद पानी  देने को राजी नहीं।   मां थी भूखी मगर भरपेट खिलाती रही।   अब तुम इक रोटी देने को राजी नहीं।    मां थी जागती रात भर  गोद में सुलाती रही।    अब तुम इक बिस्तर  देने को…

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  • ढ़ल रही धूप है सूरज की देखिए
    शेरो-शायरी

    ढ़ल रही धूप है सूरज की देखिए

    ByAdmin November 26, 2020December 29, 2020

    ढ़ल रही धूप है सूरज की देखिए     ढ़ल रही धूप है  सूरज की देखिए!  है उछल कूद ये  आदमी देखिए   भा गयी है आंखों को सूरज की लाली ख़ूबसूरत बड़ी दिलकशी देखिए    रास्ते मंजिलों के  दिखाने को ही राहों में फ़ैली है रोशनी देखिए   जीतेंगे जंग रख हौसला दुश्मन से…

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  • वक्त रुका ही नहीं कभी किसी के लिए
    कविताएँ

    वक्त रुका ही नहीं कभी किसी के लिए

    ByAdmin November 25, 2020December 29, 2020

    वक्त रुका ही नहीं कभी किसी के लिए     ऊंचे नीचे पथरीले रास्ते का प्रारब्ध सफर कारवां गुजर जाने के बाद धुंधला दिखा   जीवन का बहुमूल्य अंश बीत जाने पर अस्थिर और अविचर सी दशा में रुका   बीते लम्हेंआंखों में कैद कुछ इस तरह हुए डूबे  जैसे दरिया में हम समंदर छोड़कर…

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  • हरे है ज़ख़्म अब तक भी दिलों पे दाग़ है बाकी
    शेरो-शायरी

    हरे है ज़ख़्म अब तक भी दिलों पे दाग़ है बाकी

    ByAdmin November 25, 2020December 29, 2020

    हरे है ज़ख़्म अब तक भी दिलों पे दाग़ है बाकी     हरे है ज़ख़्म अब तक भी दिलों पे दाग़ है बाकी। धुआँ- सा उठ रहा शायद कहीं पे आग है बाकी ।।   नहीं ग़र भूल पाते हो करी कोशिश भुलाने की। बहुत यादें सताती है समझ लो राग है बाकी।।  …

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