• है वो आज़म गुलाब सा चेहरा

    है वो आज़म गुलाब सा चेहरा     है वो  आज़म गुलाब सा चेहरा ! जैसा हुस्ने  शबाब सा चेहरा ।।     मैं पढ़ूँ उसके शब्द उल्फ़त के । वो दिखे पर क़िताब सा चेहरा।।   देखकर प्यार का नशा होता। है वो ऐसा  शराब सा चेहरा।।   प्यार आता बहुत मुझे उस पर…

  • छठ पूजा | Chhath puja poem

    छठ पूजा ( Chhath puja )  ऐसे मनाएं छठ पूजा इस बार, हो जाए कोरोना की हार। सामूहिक अर्घ्य देने से बचें, कोरोना संक्रमण से सुरक्षित हम रहें। किसी के बहकावे में न आएं- अपने ही छत आंगन या पड़ोस के आहर तालाब में करें अर्घ्य दान सूर्योपासना का पर्व यह महान मिले मनोवांछित संतान…

  • ए दोस्त हम ख़ुशी के तलबगार हो गये

    ए दोस्त हम ख़ुशी के तलबगार हो गये     ए दोस्त हम ख़ुशी के तलबगार हो गये। हम जिंदगी में इतनें ग़मेयार हो गये ।।   अब हो गया है हमसे ख़फ़ा इस क़दर सनम । किस बात के हम इतनें ख़तावार हो गये ।।   दें दें हंसी लबों पे ख़ुदा मेरे अब…

  • ग़म से जीना सदा मुहाल रहा

    ग़म से जीना सदा मुहाल रहा   ग़म  से जीना  सदा मुहाल  रहा।। फिर  भी  जीते  रहे कमाल रहा।।   क्यूं  दबे  हम ग़मों  के  बोझ तले। जिंदगी  भर   यही  मलाल  रहा।।   पास  रह   के  भी  दूर  -दूर   रहे। दूरियां   क्यूं  बढी   सवाल  रहा।।   याद   आती   रही   दुखाने  दिल। दिल  यूं  होता  सदा…

  • हुस्ने खिलता गुलाब है आज़म

    हुस्ने खिलता गुलाब है आज़म     हुस्ने खिलता गुलाब है आज़म ऐसा वो तो शबाब है आज़म   मैं पीना चाहता हूँ अब खुशियां पीली ग़म की  शराब है आज़म   कैसे करता मैं फ़ोन तुझको ही फ़ोन मेरा ख़राब है आज़म   रह गयी प्यार की बातें लब पे दें गया कब ज़वाब…

  • कोरोना की बरसी !

    कोरोना की बरसी ! ***** सुन आई हंसी देखा केक काट थी रही! किसी ने कहा- जन्मदिन मना ली? अब जाओ इतना भी न सताओ। करोड़ों पर तेरी कृपा हुई है लाखों अब भी पीड़ित हैं इतने ही हुए मृत हैं। न दवा है न वैक्सीन और कितना रूलाएगी? ऐ हसीन! हसीन कहने पर लोग…

  • बताओ कौन ?

    बताओ कौन ? ***** परिस्थितियों का मारा बेचारा! थका-हारा लिए दो सहारा चल रहा है चला रहा है सातवीं बार आगे आगे जा रहा है! देखिए आगे क्या हो रहा है? किधर जा रहा है? लड़खड़ा रहा है या निकल जा रहा बेदाग? अभी तक तो नहीं लगे हैं उसे कोई दाग! सिवाए कुछ आरोपों…

  • लक्ष्मी ( फिल्म समीक्षा )

    साउथ की कंचना सीरीज की फिल्में जिन्होंने देखी हैं उनके लिए इस फ़िल्म को देखना समय की बर्बादी है। अक्षय कुमार आसिफ के किरदार में यदि प्रभावित नही कर पाए तो इसका कारण यही है कि उनके पास अलग से करने को कुछ था ही नही।एक ही स्क्रिप्ट पर बार बार फिल्में बनाई जाएं तो…

  • चांद पर मिला पानी

    चांद पर मिला पानी ****** सुन हुई हैरानी शुरू हो सकेगी जिंदगानी करने को मिलेगी मनमानी! यान धरती से होगा रवाना अब लगा रहेगा आना जाना अब न रह जाएगी कोई कहानी बहुत किए हो अपनी मनमानी तेरी सुन रखीं हैं कितनी कहानी दूध भात लाने में करते हो देर बच्चे इंतजार करते जाते हैं…

  • कोई तो ख़त का तू ज़वाब दें

    कोई तो ख़त का तू ज़वाब दें     कोई तो ख़त का तू ज़वाब दें न यूं बेरुख़ी तू  ज़नाब दें   किसी की लगेगी बुरी नज़र सनम चेहरे को तू हिजाब दें   न कर तू मुझे अजनबी मगर सनम प्यार का तू गुलाब दें   वफ़ा में दिये है मुझे तूने ग़मों…