• शरद का चाँद

    शरद का चाँद ***** शरद का चाँद लिए दिखा आज अंबर, चांदनी में नहाया जग दिख रहा अतिसुंदर। जगमगा रहा जग सारा रौशनी में नहाकर, कभी छत तो कभी आंगन से- निहार रहा हूं नीलांबर। पछुए की छुअन से सिहरन सी हो रही है, देख चांदनी , चकोरी विभोर हो रही है। उमड़ रहा नयनों…

  • हाथ में वरना मेरे ख़ंजर नहीं

    हाथ में वरना मेरे ख़ंजर नहीं     हाथ में वरना मेरे ख़ंजर नहीं! दुश्मनों के छोड़ता मैं सर नहीं   कट रही है जिंदगी फुटफाट पे मासूमों पे सोने को बिस्तर नहीं   लौट आया शहर से मैं गांव फ़िर ढूंढ़ता से भी मिला वो घर नहीं   सिर्फ़ आता मंजर नफ़रत का नजर…

  • हाँ वो कितनी कली देखो हसीन है

    हाँ वो कितनी कली देखो हसीन है     हाँ वो कितनी कली देखो हसीन है! अल्लाह की क़सम वो बहतरीन है   अल्लाह दिल से उसको ही भुला दें तू उसकी तरफ़ मेरा हर पल ज़हीन है   की प्यार से कैसे जोते भला यारों नफ़रत में बट गयी यारों ज़मीन है   हमला…

  • हमारे नबी

    हमारे नबी *** हमारे नबी सबके प्यारे नबी सबसे न्यारे नबी दो जहां के आंखों के तारे नबी जिनके सदके तुफैल में- खुदा ने रची कायनात बनाए दिन रात चमकाए आफताब व मेहताब हमारे लिए उस नबी ने मांगी दुआएं बुलंद हैं आज भी उनकी सदाएं सर सजदे में रख खुदा से की मिन्नत बख्श…

  • दिलों को तोड़ने वाले कहां इंसान होते है

    दिलों को तोड़ने वाले कहां इंसान होते है   दिलों को तोड़ने वाले कहां इंसान होते है। नहीं ईंसानियत की वो कभी पहचान होते है।।   लगाकर ठेस वो दिल को दिवानों की तरह अक्सर। खुशी इज़हार करते है बहुत शैतान होते  है।।   कभी अहसान मानेंगे नहीं चाहे करो कुछ  भी। भुला दे बात …

  • आये हो जब से तुम मेरी जिंदगी में

    आये हो जब से तुम मेरी जिंदगी में     आये हो जब से तुम मेरी जिंदगी में भूल गया हूँ दर्द ग़म सब  ख़ुशी में   बोलकर क्या मैं बताऊँ हाले दिल अब लिख डाली है बातें सब शाइरी में   दोस्त बनकर रह हमेशा तू मेरा ही कुछ नहीं रक्खा है देखो दुश्मनी…

  • बारिश की बूंदें

    बारिश की बूंदें     ऐसी बरसी थीं मुझ पर कल बारिश की बूंदें बरसा था मुझ पर तुम्हारा प्यार जैसे   मिट गईं खलिश मिट गईं दूरियां एहसासों से मेरे कर गई साजिशें ऐसी बरसी थीं मुझ पर कल बारिश की बूंदें   भीगे भीगे से शिकवे भीगी भीगी शिकायत आंसुओं से मेरे कर…

  • बात

    बात ** रात हुई ना बात हुई क्या बात हुई? कुछ खास हुई! नाराज हुई नासाज हुई ऐसी क्यों हालात हुई? बड़ी खुश थी! जब मुलाकात हुई फिर इस खामोशी की वजह क्या हुई? जो वो रूठ गई क्या सचमुच मुझसे कुछ भूल हुई? क्या बात ही कोई चुभ गई? जाने एकदम क्यों वो चुप…

  • जब तक जग से आस रहेगी

    जब तक जग से आस रहेगी     जब  तक  जग से आस  रहेगी। दिल   में   कोई  प्यास   रहेगी।।   कांटा    बनके    उम्मीदों    की। चुभती   हरदम   फांस   रहेगी।।   रहबर   कोई   साथ   न   होगा। जिसकी तुझको तलाश रहेगी।।   दिल   के  भीतर  अरमानों  की। यूं   ही   तिरती    लाश   रहेगी।।   अश्क   भरी   होगी   सब  राहें।…

  • लौटकर वो नहीं आया है गांव में

    लौटकर वो नहीं आया है गांव में     लौटकर वो नहीं आया है गांव में! रह गया हूँ तन्हा मैं तो   गांव में   शहर में तो नफ़रतों के है साये दोस्ती है प्यार है देखो गांव में   देखते है शहर में नजरें नफ़रत से आ रहेगे दोनों सनम चल गांव में जब…