• दोस्त वीरान ये जिंदगी है अभी

    दोस्त वीरान ये जिंदगी है अभी     दोस्त वीरान ये जिंदगी है अभी दूर मेरे ही दिल से ख़ुशी है अभी   जोड़ा उससे नहीं दोस्ती का रिश्ता वो मेरे ही लिये अजनबी है अभी   भूलने की कोशिश कर ली उसकी बहुत दिल में उसके लिये बेकली है अभी   देख लिया प्यार…

  • प्रियवर

    प्रियवर   मेरे तन मन प्रान महान प्रियवर। प्रात:सांध्य विहान सुजान प्रियवर।।   इस असत रत सृष्टि में तुम सत्य हो, नित नवीन अनवरत पर प्राच्य हो, मेरे अंतस में तुम्हारा भान प्रियवर।।प्रात:०   ललित वीणा तार तुमसे है सुझंकृत, ये षोडस श्रृंगार तुमसे है अलंकृत, प्रेयसी का मान स्वाभिमान प्रियवर।।प्रात:०   प्रणयिका बन चरण…

  • उसने किया नहीं रिश्ता क़बूल है

    उसने किया नहीं रिश्ता क़बूल है     उसने किया नहीं रिश्ता क़बूल है! ये जुल्म भी किया उसका क़बूल है   पर कर गया धोखा वादे के नाम पे उसका किया था जो वादा क़बूल है   उसको तो सिर्फ़ आता नफ़रत का लहज़ा कब प्यार का किया लहज़ा क़बूल है   इंकार करना…

  • खूबसूरत है बोलने का ही उसे लहज़ा नहीं

    खूबसूरत है बोलने का ही उसे लहज़ा नहीं     खूबसूरत है बोलने का ही उसे लहज़ा नहीं! सच कहूँ मैं प्यार से ही पेश वो आता नहीं   सोचकर करना है ये  इजहार दिल से प्यार तू प्यार का आसान देखो ये इतना  रस्ता नहीं   प्यार से देखें हमेशा के लिये मुझको वही…

  • मेरी साँसों मे तेरी महक सी है

    मेरी साँसों मे तेरी महक सी है     मेरी साँसों मे तेरी महक सी है आँख खोलूं तो तेरी चमक सी है   जब हाथ लग जाये कोई शाख पर लगता है इसमें भी तेरी लचक सी है   गिर कर झड़ना जब जमीं पर टूट जाये इसको भी हो रही कोई कसक सी…

  • दिल अपना ग़रीब है

    दिल अपना ग़रीब है     ख़ुशी से दिल अपना ग़रीब है कब दिल अपना खुशनसीब है   गिला क्या करुं ग़ैर से भला यहां तो अपना ही रकीब है   किसे मैं हाले दिल सुनाऊँ अब नहीं कोई भी अपना हबीब है   तन्हा हूँ नगर में बहुत यहां नहीं कोई मेरे करीब है…

  • एक तरफा प्यार है

     एक तरफा प्यार है     जिसके दिल में एक तरफा प्यार है अश्क आंखों में ही उसकी यार है   जख़्म इतनें है मिले रूह तक कर गया वो जिंदगी को आजार है   ख़्वाब टूटे है आंखों से ऐसे कल नींद से आंखें मेरी  बेदार है   प्यार की बातें न थी लब…

  • तेरी ये बातें

    तेरी ये बातें ( हाइकु )   1 तेरी ये बातें है झुठे सनम ये तेरे वो वादे   2   देखी है रोज़ मैंनें तो ए  सनम तेरी ही राहें   3   दिया है दग़ा प्यार में ही निकली दिल से आहें   4   गुम कहीं वो ढूंढ़ती है उसको रात दिन…

  • सुनो

    सुनो   तुम्हें हर बार #सोचना और- सोचते रहना #बदन में एक #सिहरन सी उठती है तुम्हें याद करके एक तो #शीत और- दूसरा तुम्हें #महसूस करना अक्सर #दर्द जगा जाता है…. #तन्हाइयां भी असमय घेर लेती है आकर उठते दर्द को ओर बढ़ा जाती है टूटता #बदन #बेहिसाब #बेसबब #अहसास करा जाता है बस……..

  • हर घड़ी ग़म तेरे उठाने है

    हर घड़ी ग़म तेरे उठाने है     हर घड़ी ग़म तेरे उठाने है अश्क आंखों से अब गिराने है   तोड़ी सारी रस्में उसी ने थी वादे फ़िर भी हमें निभाने है   आपकी याद में सनम अब तो दिल को ताउम्र ग़म उठाने है   इक दिन सबको झूठी मुहब्बत के गुजरे वो…