• आये हो जब से तुम मेरी जिंदगी में

    आये हो जब से तुम मेरी जिंदगी में     आये हो जब से तुम मेरी जिंदगी में भूल गया हूँ दर्द ग़म सब  ख़ुशी में   बोलकर क्या मैं बताऊँ हाले दिल अब लिख डाली है बातें सब शाइरी में   दोस्त बनकर रह हमेशा तू मेरा ही कुछ नहीं रक्खा है देखो दुश्मनी…

  • बारिश की बूंदें

    बारिश की बूंदें     ऐसी बरसी थीं मुझ पर कल बारिश की बूंदें बरसा था मुझ पर तुम्हारा प्यार जैसे   मिट गईं खलिश मिट गईं दूरियां एहसासों से मेरे कर गई साजिशें ऐसी बरसी थीं मुझ पर कल बारिश की बूंदें   भीगे भीगे से शिकवे भीगी भीगी शिकायत आंसुओं से मेरे कर…

  • बात

    बात ** रात हुई ना बात हुई क्या बात हुई? कुछ खास हुई! नाराज हुई नासाज हुई ऐसी क्यों हालात हुई? बड़ी खुश थी! जब मुलाकात हुई फिर इस खामोशी की वजह क्या हुई? जो वो रूठ गई क्या सचमुच मुझसे कुछ भूल हुई? क्या बात ही कोई चुभ गई? जाने एकदम क्यों वो चुप…

  • जब तक जग से आस रहेगी

    जब तक जग से आस रहेगी     जब  तक  जग से आस  रहेगी। दिल   में   कोई  प्यास   रहेगी।।   कांटा    बनके    उम्मीदों    की। चुभती   हरदम   फांस   रहेगी।।   रहबर   कोई   साथ   न   होगा। जिसकी तुझको तलाश रहेगी।।   दिल   के  भीतर  अरमानों  की। यूं   ही   तिरती    लाश   रहेगी।।   अश्क   भरी   होगी   सब  राहें।…

  • लौटकर वो नहीं आया है गांव में

    लौटकर वो नहीं आया है गांव में     लौटकर वो नहीं आया है गांव में! रह गया हूँ तन्हा मैं तो   गांव में   शहर में तो नफ़रतों के है साये दोस्ती है प्यार है देखो गांव में   देखते है शहर में नजरें नफ़रत से आ रहेगे दोनों सनम चल गांव में जब…

  • जिंदगी

    जिंदगी ** जिंदगी की समझ, जिंदगी से समझ। जिंदगी से उलझ, जिंदगी से सुलझ। अबुझ है इसकी पहेली, तेरी मेरी ये सहेली। न मिलती यह सस्ती, ऊंची है तेरी हस्ती। कभी किया करो सख्ती, जो चाहो , चलती रहे कश्ती; संभालो कायदे से गृहस्थी। धीरज धैर्य संतोष रखो, अनावश्यक लोभ से दूर रहो। बातें कम,…

  • बारिशें नफरतों की शुरू हो गयी

    बारिशें नफरतों की शुरू हो गयी     बारिशें नफरतों की शुरू हो गयी! ख़त्म बू प्यार की अब गुलू हो गयी   इसलिए टूटा रिश्ता उसी से कल है तल्ख़ उससे बहुत गुफ़्तगू हो गयी   खो गये भीड़ में बेबसी की रस्ते ख़त्म अब मंजिल की जुस्तजू हो गयी   प्यार की दोस्ती…

  • क्या कहना

    क्या कहना     सरस सरगम सुधा सी सुंगधित बयार क्या कहना। चलन चपला सी चंचल छन छनन झंकार क्या कहना।।   विकट लट की घटा की छटा न्यारी, कशिश ऐसी अनुचरी प्रकृति है सारी, घूंघट पट अपट अनुपम निष्कपट श्रृंगार क्या कहना।।   कमल दल विकल लखि अधरन की आभा, रंक जग है तुम्हारा…

  • प्यार में दिल टूटा नहीं होता

    प्यार में दिल टूटा नहीं होता     प्यार में दिल टूटा नहीं होता जख़्म दिल में गहरा नहीं होता   ढूंढ़ पाता नहीं नगर में मैं याद जो  वो चेहरा नहीं होता   फ़ेरकर मुंह नहीं चलता उससे  ग़ैर उससे रिश्ता नहीं होता   तोड़ देता मैं प्यार के धागे प्यार से जो देखा…

  • मतदान जरूर करें

    मतदान जरूर करें ***** लोकतंत्र के महापर्व का मजा ले लो भैया, नियत तिथि को मतदान कर चुनो भविष्य भैया। अपनी ताकत-एकजुटता का दिखलाओ एहसास, जो काम न करे, कहें उसे नो बाॅस! अच्छे उम्मीदवार को कुर्सी पर बिठाएं, गर ना हो पसंद ‘नोटा विकल्प’ दबाएं। जांच परख कर किसी को दीजिए अपना मत, लालच…