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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • आजकल मिलनें को दिल मजबूर है
    शेरो-शायरी

    आजकल मिलनें को दिल मजबूर है | Dil majboor shayari

    ByAdmin September 26, 2020December 10, 2022

    आजकल मिलने को दिल मजबूर है ( Aaj kal milne ko dil majboor hai )    आजकल मिलनें को दिल मजबूर है हाँ मगर मुझसे जो रहता दूर है   सच कहूं उससे बिछड़कर के मगर रोज़ दिल मेरा यादों में चूर है   हर क़दम पे साथ तेरा देगें हम प्यार क्या मेरा सनम…

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  • चल अकेला
    गीत

    चल अकेला | Geet chal akela

    ByAdmin September 26, 2020December 8, 2022

    चल अकेला  ( Chal akela )    चल अकेला चल अकेला छोड़ मेला। चलने में झिझकन ये कैसी जब तूं आया है अकेला।‌।चल० कंचनजड़ित नीलमणित महल सब अध्यास हैं ये, सत्य कंचन मनन मंथन मणि तुम्हारे पास हैं ये, तूं अमर पथ पथिक जबकि जगत है दो-दिन का मेला।।चल० गगनचुंबी सृंग अहं किरीट मनस मराल…

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  • है घडी दो घडी के मुसाफिर सभी ।
    शेरो-शायरी

    है घडी दो घडी के मुसाफिर सभी | Ghazal musafir sabhi

    ByAdmin September 25, 2020December 7, 2022

    है घडी दो घडी के मुसाफिर सभी  ( Hai ghadi do ghadi ke musafir sabhi )   है घडी दो घडी के मुसाफिर सभी । समझते क्यूं नहीं बात ये फिर सभी।।   है खुदा वो बसा हर बशर में यहां। देख पाते नहीं लोग काफिर सभी ।।   याद करता ना कोई किसी को…

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  • मोबाइल फोन
    कविताएँ

    मोबाइल फोन | Hindi Poem on Mobile

    ByAdmin September 25, 2020September 21, 2024

    मोबाइल फोन ( Mobile phone )  संचार क्रांति का द्योतक सूचनाओं का संसार, घर बैठे करें मनोरंजन और व्यापार । ज्ञान का यह पिटारा, लुटा रहा प्यार इस पर जग सारा। स्क्रीन पर उंगलियां घिसते, नेट स्लो होने पर हैं दांत पीसते। बच्चे व्यस्क या हों बूढ़े, रख हाथों में कुछ ना कुछ ढ़ूंढ़ें। पाकर…

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  • सदा वो बेवफ़ा चेहरा रहा है
    शेरो-शायरी

    सदा वो बेवफ़ा चेहरा रहा है | Ghazal bewafa chehra

    ByAdmin September 25, 2020December 7, 2022

    सदा वो बेवफ़ा चेहरा रहा है ( Sada wo bewafa chehra raha hai )   सदा वो बेवफ़ा चेहरा रहा है कभी जिससे मेरा नाता रहा है   उसे कुछ याद भी हो या न हो अब मुझे वो याद सब वादा रहा है   वफ़ा झूठी दिखाकर रोज़ दिल से मुझे वो दर्द बस…

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  • है सभी के दिलों को लुभाती ग़ज़ल
    शेरो-शायरी

    है सभी के दिलों को लुभाती ग़ज़ल | Munish kumar shayari

    ByAdmin September 25, 2020December 7, 2022

    है सभी के दिलों को लुभाती ग़ज़ल ( Hai sabhi ke dilo ko lubhati gazal )    है  सभी  के दिलों को लुभाती ग़ज़ल। तार दिल  के सदा छेङ जाती ग़ज़ल।।   भावना   दूसरे  की  भी  अपनी  लगे।  यूं दिलों को सभी जोङ पाती ग़ज़ल।।   दायरा    बहुत     सारा    समेटे   हुए। बात  कोई  चले  याद …

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  • दिल चुराने का ये अंदाज न हो
    शेरो-शायरी

    दिल चुराने का ये अंदाज न हो | Dil love shayari

    ByAdmin September 25, 2020December 7, 2022

    दिल चुराने का ये अंदाज न हो ( Dil churane ka ye andaz na ho )   दिल चुराने का ये अंदाज न हो। क्या मजा है जो कोई राज न हो।। टूट जाउंगा बिखर जाऊंगा, जिंदगी इस कदर नाराज़ न हो। बहुत दिनों कहने से डर जाता हूं, छू लूं तुमको अगर ऐतराज न…

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  • राह ए मंजिल से तुम लौट आना नहीं
    शेरो-शायरी

    राह ए मंजिल से तुम लौट आना नहीं

    ByAdmin September 24, 2020December 31, 2020

    राह ए मंजिल से तुम लौट आना नहीं   राह ए मंजिल से तुम लौट आना नहीं। मुश्किलें देख कर सर झुकाना नहीं।।   कामयाबी मिले जो ना फिर भी कभी। अश्क कोई कभी तुम बहाना नहीं।।   कुछ असंभव नहीं है जहां में यहां। याद रखना कभी भूल जाना नहीं।।   बाजुओं का भरोसा…

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  • देखा है जब से तुम्हें
    शेरो-शायरी

    देखा है जब से तुम्हें | Poem dekha hai jab se

    ByAdmin September 24, 2020December 7, 2022

    देखा है जब से तुम्हें ( Dekha hai jab se tumhe )    देखा है जब से तुम्हें दिल में ख़ुशी है बहुत ये आजकल धड़कनों में बेकली है बहुत   मैं सच कहूं भूल पाया ही नहीं हूँ तुझको तुझसे मुझे आज भी ये आशिक़ी है बहुत   जो कल तलक था मेरा दुश्मन…

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  • नहीं कोई अपना यहां
    शेरो-शायरी

    नहीं कोई अपना यहां | Ghazal nahin koi apna yahaan

    ByAdmin September 24, 2020December 4, 2022

    नहीं कोई अपना यहां ( Nahin koi apna yahaan )    इस जहां में नहीं कोई अपना यहां। जो नज़र आ रहा वो है सपना यहां।।   दर्द अपना दिलों में छुपा कर सदा। हर कदम पर पड़ेगा तड़पना यहां।।   साथ किसका करे मतलबी है सभी। खुद पड़ेगा अकेले ही चलना यहां।।   कल…

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