• निभाए तो कैसे, कौन-सा रिश्ता?

    निभाए तो कैसे, कौन-सा रिश्ता? गुलिस्तां जो थे सुनसान हो गए।पंछी पेड़ों से अनजान हो गए॥ आदमी थे जो कभी अच्छे-भले,बस देखते-देखते शैतान हो गए॥ सोचा ना था कभी ज़ख़्म महकेंगे,गज़लों का यू ही सामान हो गए॥ निभाए तो कैसे, कौन-सा रिश्ता?दिल सभी के बेईमान हो गए॥ पूछते हैं काम पड़े सब हाल मियाँ,मतलबी अब…

  • सर्दी | Sardi

    सर्दी सर्दी में होती जब कड़क ठंडी हवा ।चाय की प्याली होती सबकी प्यारी दवा।।मास दिसंबर में जब होती प्यारी सर्दी।भाई पहन लेते सब अपनी गर्म वर्दी।। सर्दी में जब-जब ठंडी हवा चलती।कपड़े भी देखो कहा हवा सुखाती।।ठंडी हवा में चाय की प्याली होती प्यारी।ठंडी हवा में चाय का मजा लें दुनिया सारी।। किट-किट बजते…

  • चिट्ठी और संदेश

    चिट्ठी और संदेश तेरी यादें, हवाओं में सजी हैं,हर आहट में तेरी कोई कड़ी बसी है।चिट्ठी न कोई, न ही कोई पैगाम,तेरे बिना वीरान लगे ये सारा जहां तमाम। तेरे जाने का दर्द, अब भी दिल से उतरता नहीं,हर रास्ता तेरा पता पूछता है, कहीं पर भी रुकता नहीं।जाने वो कौन सा देश है, जहाँ…

  • जख़्म के हर निशान से निकला

    जख़्म के हर निशान से निकला जख़्म के हर निशान से निकलादर्द था वो अज़ान से निकला लोग जो भी छिपा रहे मुझसेबेजुबां की जुबान से निकला इश्क़ के हो गये करम मुझ परतीर जब वो कमान से निकला आँख भर ही गई सुनो मेरीआज जब वो दुकान से निकला आज सब कुछ लिवास से…

  • मां तुम रोना मत | Maa Tum Rona Mat

    मां तुम रोना मत अब अगले जन्म में मिलनामैं बनने वाला हूंकिसी भी पल लाशयहां बस जंगल हैंगीदड़, कुत्ते, भेड़ियों के दंगल हैंखा जाएंगे नोच –मेरी देह कोतुम्हें मेरी मिट्टी भी नहीं मिलेगीवहीं अपने खेत की मिट्टी कोअपनी छाती से लगा लेनामुझे राजा बेटा कह- कहपुकार लेनामां मत रोना मुझे याद हैजब पहली बार तुमखेत…

  • चश्मे-तर बोलना

    चश्मे-तर बोलना कैसे कोशिश करे चश्मे-तर बोलनाहुक्म उसका उसे राहबर बोलना पूरी कर दूँगा तेरी हरिक आरज़ूप्यार से तू मगर उम्र भर बोलना इस ख़मोशी से कैसे कटेगा सफ़रकुछ तो तू भी मेरे हमसफ़र बोलना मैंने मजबूर होकर के लब सी लियेरूबरू उसके है बेअसर बोलना मेरी ख़ामोशी चुभने लगी क्या उसेकह रही है वो…

  • हनुमान चालीसा की रचना किसने किया है: एक विश्लेषण

    सामान्य जन में ऐसी मान्यता है कि हनुमान चालीसा की रचना गोस्वामी तुलसीदास जी ने किया है जो की अकबर द्वारा बंदी बनाए जाने पर हनुमान जी से प्रार्थना के रूप में किया है जिसे हनुमान जी प्रसन्न होकर पूरे अकबर के दरबार में बंदरों का आक्रमण हो जाता है उसके बाद अकबर तुलसीदास जी…

  • कुंडली | Kundli

    अभि (अभिमन्यु) और प्रिया (सुप्रिया) की प्रेम कहानी वास्तव में एक अद्भुत और सुंदर दास्तान है जो हर किसी के दिल को छू जाती है। उनका प्यार इतना सच्चा और गहरा था कि वह हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करता था। वे दोनों एक दूसरे के लिए बनें थे। उनका प्रेम एक दूसरे के…

  • मनोविकार | Manovikar

    शमी, एक हष्ट-पुष्ट नवमीं कक्षा का छात्र था, उसे खाने-पीने का बहुत शौक था । वह होनहार एवं मिलनसार प्रवृत्ति का लड़का था ,परन्तु कुछ दिनों से एकदम शांत और अलग-थलग रहता था । खाने-पीने में कोई रुचि नहीं ले रहा था । उदास मन से स्कूल जाता तथा वापस आने के बाद , पूरे…

  • मैं भी था | Main Bhi Tha

    मैं भी था तुम्हारे हुस्न-ओ-अदा पर निसार मैं भी थातुम्हारी तीर-ए-नज़र का शिकार मैं भी था मेरे गुनाह ख़ताएं भी फिर गिना मुझकोतेरी नज़र में अगर दाग़दार मैं भी था बहुत ही ख़ौफ़ ज़माने का था मगर सचमुचतुम्हें भी अपना कहूँ बेकरार मैं भी था यक़ी न होगा तुझे पर यही हक़ीक़त हैहसीं निगाहों का…