• बदलने से | Badalne se

    बदलने से हमको परहेज़ है साहब कहाँ बदलने से।कुछ न बदलेगा मगर बस यहाँ बदलने से। बात कोई नहींं करता वहाँ बदलने कीहम बदल सकते हैं सचमुच जहाँ बदलने से। न दिल, न जज़्बा, न लहजा, न नज़रिया, न नज़रकुछ बदलता नहीं है चेहरा बदलने से। सर झुकाने के तरीके के सिवा क्या बदलादिल बदलता…

  • शारदे मां का वंदन

    शारदे मां का वंदन ज्ञान की देवी मातु शारदे, मां मैं तुझको प्रणाम करूं,निशदिन तुझे प्रणाम करूं,तेरे चरणों में मैं शीश धरुं।जग का भाग्य बनाने वाली मां,मेरा भी जग नाम करो,इतनी बुद्धि दे देना मां शारदे,आठों पहर तेर नाम धरूं।। मां मेरी अभिलाष यही,जग में ज्ञान की ज्योति जगाऊं मैं,तेरे आशीर्वाद से मां बस जग…

  • घर आबाद रखना | Ghar Aabaad Rakhna

    घर आबाद रखना मुसलसल दिल को अपने शाद रखनामेरी यादों से घर आबाद रखना गुज़ारी है ग़मों में यूँ भी हँसकरमुझे है प्यार की मरजाद रखना मिलेंगे हम ख़ुशी से फिर यहीं परलबों पर बस यही फ़रियाद रखना वफ़ा के फूल ख़ुद खिलते रहेंगेसदा देते इन्हें तुम खाद रखना बहारें दे रहीं हैं दस्तकें फिरसनम…

  • जागो! मेरे देश के युवा

    जागो! मेरे देश के युवा आओ! हम रचे नवगीत।रचे ऐसा नवगीत, शत्रु भी बन जाए मीत॥ साधु बन घूमते रावणकरने सीता का वरण।आए दिन अब हो रहा,द्रोपदी का चीर-हरण॥करे पापियों का अब नाश, हो अच्छाई की जीत।रचे ऐसा नवगीत, शत्रु भी बन जाए मीत॥ छलावी चालें चल रहेकपटी-काले मन।नित झूठे लूट रहेंसच्चाई का धन॥बन पार्थ…

  • हौसला मेरा अभी है बुलंद

    हौसला मेरा अभी है बुलंद मंजिल को पाना मेरी है पसंदहौसला मेरा अभी है बुलंदमेरा हौसला ही है मेरी मंजिलदुश्मन भी मेरा मुझे क्या मात देमेरे साथ है ईश्वर सदा मेरा साथ देरब साथ है परेशान मेरा क़ातिलभुजाओं में मेरी अब भी जोश हैअभी खोया नहीं मुझे होश हैरखुगां सदा अपना होश राह जटिलसत्य की…

  • बताया गया है

    बताया गया है कि बारिश की तबाही से सौ मरे बताई जाती रही है इसी तरह चीख के गुबार में गायब होती जाड़े और लू से मरने वालों की संख्याएँ। मालिकों ने बताया दासों की मौत के बारे में विषाक्त भोजन खाने वा मिलावटी शराब पीने से मरे। हंटरों-जूतों-लातों और बलात्कारों के बारे में कोई…

  • तुझे ताजदार करना है

    तुझे ताजदार करना है वफ़ा की राह को यूँ ख़ुशग़वार करना हैज़माने भर में तुझे ताजदार करना है भरम भी प्यार का दिल में शुमार करना हैसफ़ेद झूठ पे यूँ ऐतबार करना है बदल बदल के वो यूँ पैरहन निकलते हैंकिसी तरह से हमारा शिकार करना है ये बार बार न करिये भी बात जाने…

  • मुआवजा

    कोरोना की दूसरी लहर ने भारत में जितनी तबाही मचाई, उतनी तबाही शायद कहीं और नहीं देखी गई। ऑक्सीजन के लिए सड़कों पर तड़पते लोग, अस्पताल में बेड के इंतजार में बैठे मरीज, दवाओं के लिए दर-दर भटकते मरीजों के परिजन। यह कैसी त्रासद स्थिति थी कि संक्रमण में घर के लोग न माथे पर…

  • इश्क-ओ-हुस्न

    इश्क-ओ-हुस्न इश्क-ओ-हुस्न भला क्या है ये आज तक न कोई समझा सनम,जमाना करता इश्क की ख़िलाफत और खुद ही इश्क करता सनम, वो जिन्हें मिलता इश्क सच्चा यार का वो हुलारे जन्नत के लिया करते हैं,न हो नसीब जिसे यार का दीदार वो शब-ए-हिज्रा में आहें भरता सनम, मिलती जब आँखो से आँखे मयखाने सा…

  • ओ निष्ठुर मनुष्य!

    ओ निष्ठुर मनुष्य! ओ निष्ठुर मनुष्य! क्यों तू,हरे-भरे वृक्षों को काटकर,उनको टुकड़ों में बाँटता है।सुनो! ये वृक्ष भी तो रोते हैं,इनको भी तो पीड़ा होती है। ओ निष्ठुर मनुष्य ! क्यों तू,हो गया इतना पत्थर-दिल?इन वृक्षों से ही जहाँ में तू,मानव तू ! जीवित रहता है।सोचा भी है तूने ओ मनुष्य,इन समस्त वृक्षों के बारे…