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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • उसने किया होगा 'गजल'
    शेरो-शायरी

    उसने किया होगा ‘गजल’

    ByAdmin July 30, 2020January 4, 2021

    उसने किया होगा ‘गजल’   होके मजबूर मुझे उसने भुलाया होगा जहर जुदाई का उसने खातिर मेरे खाया होगा   कांटो को चुनकर उसने मेरे राहों से  उसने जीवन में मेरे फूल गाया होगा    याद सताया जब पाया हरेक चेहरों में मुझे मेरे तस्वीर को चुपके सीने से हटाया होगा   मेला की धूम…

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  • उनकी तस्वीर को हमें गले से लगाना था
    शेरो-शायरी

    उनकी तस्वीर को हमें गले से लगाना था

    ByAdmin July 30, 2020January 4, 2021

    उनकी तस्वीर को हमें गले से लगाना था   उनकी तस्वीर को हमें गले से लगाना था बाकी सब तो फ़क़त इसीका बहाना था   मुहब्बत यूँ भी तो बड़ा अजब है यारा के खुद से रूठकर दुसरो को मनाना था   हम पर फ़ज़ा-ए-उल्फत की नज़र ऐसी है जान के लिए बाज़ी जान का…

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  • पुनर्विवाह
    कहानियां | सिनेमा

    पुनर्विवाह | Punar vivaah film script

    ByAdmin July 27, 2020May 25, 2022

    एक लड़की, पलक | अमृतसर मे, अच्छे जीवनसाथी पाने के लिए माथा टेक रही है, तभी पीछे दो लड़के अलग-अलग शहरों से आये (1>पवन {अनाथ अमीर,बिजनेश}) और (2> पुनीत {मिडिल परिवार,जॉब}) पलक के अगल-बगल बैठ माथा टेक, अपने घर की सुख-शांती और सुन्दर सुशील जीवन साथी की कामना की दर्शन कर पलटे, तो पलक को…

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  • किस्सा-दर-किस्सा
    शेरो-शायरी

    किस्सा-दर-किस्सा | Kissa-dar-kissa | Ghazal

    ByAdmin July 26, 2020May 25, 2022

    किस्सा-दर-किस्सा ( Kissa-dar-kissa )     किस्सा-दर-किस्सा का मुझे साफ़ बयानी चाहिए कुछ किताबें, कुछ रंजिशें और कुछ गुमानी चाहिए   ये भी बहोत खूब है, तुम्हे कुछ भी तो नहीं चाहिए और एक में हूँ जिसको सफर भी सुहानी चाहिए   ज़िन्दगी गुजर सकती है बस एक भरम के साथ मुहब्बत की राह में…

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  • मिलाते तो सही
    कविताएँ

    मिलाते तो सही | Milate to sahi poem

    ByAdmin July 26, 2020May 25, 2022

    मिलाते तो सही ( Milate to sahi poem )   आवाज़ से आवाज़ मिलाते तो सही….! दिल से दिल मिलाते तो सही…..! मन से मन मिलाते तो सही…..! हाँ में हाँ मिलाते तो सही…….! सुर से सुर मिलाते तो सही…..! हाथ से हाथ मिलाते तो सही…..! नज़र से नज़र मिलाते तो सही……! क़दम से कदम…

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  • पहल्यां ही बता देंदी
    कविताएँ

    पहल्यां ही बता देंदी | Hariyanwi kavita

    ByAdmin July 23, 2020May 25, 2022

    पहल्यां ही बता देंदी ( Pahalyaan hi bata dendee )   बैरण! तू मनै पहल्यां ही बता देंदी जिब बात्याँ का सिलसिला शुरू करया था क्यूँ इतणा लगाव बढ़ाया तनै तनै जाण बूझ कै नै मेरै गैल यू छल करया सै। मैं तै ठीक था अपणी जिंदगी म्है काट रया था अपणे दिनां नै फेर…

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  • उसके आँखों में सुहाल होगा
    शेरो-शायरी

    उसके आँखों में सुहाल होगा | Ghazal uske aankhon mein

    ByAdmin July 22, 2020May 25, 2022

    उसके आँखों में सुहाल होगा ( Uske aankhon mein suhal hoga )   उसके आँखों में सुहाल होगा और कहाँ इस जहाँ में येसे मिराल होगा   हुस्न-ए-अंदाज़ से टुटा था जो दील अब जुड़ने में मुहाल होगा   हालत-ए-हाल जो हमारी है ये उसी का कमाल होगा   इसी आरज़ू के साथ अर्सो से…

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  • वह छुपे पत्थर के टूटने पर मीर ही ना हुई
    शेरो-शायरी

    वह छुपे पत्थर के टूटने पर मीर ही ना हुई | Ghazal meer na huee

    ByAdmin July 21, 2020May 25, 2022

    वह छुपे पत्थर के टूटने पर मीर ही ना हुई ( Vah chhupe patthar ke tootne par meer na huee )   वह छुपे पत्थर के टूटने पर मीर ही ना हुई खामोशी से क़ुबूल हुआ, तफ़्सीर ही ना हुई   बिछड़ कर भी वह सुलह करना चाहती है जुर्म नहीं किया उसने कोई तो…

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  • मंजिल का एहसास
    कविताएँ

    मंजिल का एहसास | Prernadayak poem

    ByAdmin July 20, 2020May 25, 2022

     मंजिल का एहसास ( Manzil ka ahsas )     यूं ही तो नही ये मेरे मेरे सपनों की उड़ान है, कुछ तो है मन के अंदर तो जुड़ा हुआ है इससे। कुछ तो है जो कर रहा है प्रेरित इस कदर से कि अब ये चुनोतियाँ बाधा नही बन सकती हैं।।   क्या है…

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  • तर्क-ए-आम ना कर मुझसे मुहब्बत का
    शेरो-शायरी

    तर्क-ए-आम ना कर मुझसे मुहब्बत का | Ghazal tark-e-aam

    ByAdmin July 19, 2020May 25, 2022

    तर्क-ए-आम ना कर मुझसे मुहब्बत का ( Tark-e-aam na kar mujhse muhabbat ka )   सच का खिदमत भी हो तो कुछ इश्क़ की तरह कभी खैरियत भी हो तो कुछ इश्क़ की तरह   तर्क-ए-आम ना कर मुझसे मुहब्बत का अब इबादत भी हो तो कुछ इश्क़ की तरह   बे-बसर ज़िन्दगी का बसर…

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