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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • मनुमुक्त ‘मानव’, आईपीएस की 42वीं जयंती पर कवि-सम्मेलन आयोजित
    साहित्यिक गतिविधि

    मनुमुक्त ‘मानव’, आईपीएस की 42वीं जयंती पर कवि-सम्मेलन आयोजित

    ByAdmin November 24, 2024November 24, 2024

    6 महाद्वीपों और 18 देशों के 25 कवियों ने की सहभागिता नारनौल(डॉ.सत्यवान सौरभ)। मनुमुक्त ‘मानव’ मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा भारतीय पुलिस सेवा के दिवंगत अधिकारी डॉ. मनुमुक्त ‘मानव’ की 42वीं जन्म-जयंती पर अंतरराष्ट्रीय कवि-सम्मेलन का आयोजन आज किया गया। लगभग अढ़ाई घंटों तक चले इस स्मरणीय कवि-सम्मेलन में छह महाद्वीपों और अठारह देशों के पच्चीस कवियों…

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  • बुढ़ापा की लाठी
    कहानियां

    बुढ़ापा की लाठी | Laghu Katha

    ByAdmin November 24, 2024November 24, 2024

    नीमा को ससुराल आये तीन माह ही हुए थे ।वह रट लगा दी कि मैं अलग खाऊंगी। आज से चूल्हा अलग…! मैं आपके मां-बाप को भोजन नहीं दे सकती। राहुल के लाख समझाने के बावजूद भी नीमा पत्थर की लकीर बनी रही। राहुल के मां-बाप भी हारकर अपनी बहू नीमा को कह दिये तुम्हें जो…

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  • कोई कुछ भी करले
    कविताएँ

    कोई कुछ भी करले

    ByAdmin November 24, 2024November 24, 2024

    कोई कुछ भी करले कोई कुछ भी करले ऊ बाप ना होईहर मोड़ पर जो खड़ा रहे अइसन साथ ना होई । बिना सोचे समझे जो सर्वस्व करे निछावरअइसन केहू में जज्बात ना होई। कोई कुछ भी करले ऊ बाप ना होई … अपना से बड़ होखत देख जो दिल से निरेखेहर पल शुभे शुभे…

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  • बाल-प्रज्ञान
    पुस्तक समीक्षा

    बालमन का सुन्दर विश्लेषण करती है बाल-प्रज्ञान

    ByAdmin November 24, 2024November 24, 2024

    सन् 1989 में हरियाणा में जन्मे डॉ. सत्यवान सौरभ बालसाहित्य के एक सुपरिचित हस्ताक्षर हैं। साहित्यकार, पत्रकार और अनुवादक डॉ. सत्यवान सौरभ ने बच्चों के साथ ही बड़ों के लिए भी विपुल साहित्य सर्जन किया है। बाल कविता की पुस्तकों के साथ ही प्रौढ़ साहित्य में दोहा, कथा, कविता, अनुवाद, रूपान्तर, सम्पादन की कई कृतियों…

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  • कवि महेन्द्र कुमावत
    साहित्यिक गतिविधि

    कवि महेन्द्र कुमावत को कन्हैयालाल सहल द्वितीय पुरस्कार प्रदान

    ByAdmin November 24, 2024November 24, 2024

    शब्दाक्षर राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था, संजीवनी व अलायंस क्लब नवलगढ़ द्वारा स्व. कन्हैयालाल सहल की जयंती पर जांगिड अस्पताल परिसर मे कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ दयाशंकर जांगिड थे तथा मुख्य अतिथि नगरपालिका उपाध्यक्ष कैलाश चोटिया विशिष्ट अतिथि इंजीनियर भंवरलाल जांगिड रामकुमार सिंह राठौड डाॅ अनिल कुमार शर्मा व…

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  • दिल को राहत है इस बहाने से
    ग़ज़ल

    दिल को राहत है इस बहाने से

    ByAdmin November 23, 2024November 23, 2024

    दिल को राहत है इस बहाने से तेरी ग़ज़लों को गुनगुनाने सेदिल को राहत है इस बहाने से दिल में कितने ही उठ गये तूफांइक ज़रा उनके मुस्कुराने से लुत्फ़ आने लगा है अब मुझकोनाज़ नखरे तेरे उठाने से प्यार के सिक्के हैं बहुत मुझ पररोज़ लूटा करो खज़ाने से ढह गया है महल उमीदों…

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  • हार हो गई
    कविताएँ

    हार हो गई | Haar ho Gai

    ByAdmin November 23, 2024November 23, 2024

    हार हो गई ( Haar Ho Gai ) सारी मेहनत बेकार हो गईइस बार भी हार हो गईकोशिश की थी बहुत हमनेमगर बेवफा सरकार हो गई । बड़ी मेहनत से उसको पाया थाबड़ी मुश्किल से करीब लाया थाअचानक वह फरार हो गईकिस्मत फिर दागदार हो गई । पास आकर वो चली गईकिस्मत फिर से छली…

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  • बहुत सुन चुके
    ग़ज़ल

    बहुत सुन चुके

    ByAdmin November 23, 2024November 23, 2024

    बहुत सुन चुके बहुत सुन चुके है कि घाटा नहीं हैबहीखाता फिर क्यों दिखाता नहीं है चलो दूर कुछ और भी तुम हमारेअभी प्यार का मुझको नश्शा नहीं है तुम्हारी जुबाँ अब तुम्हें हो मुबारककभी थूक कर हमने चाटा नहीं है न देखो ज़रा तुम मेरी सिम्त मुड़करअभी तक ये दिल मेरा टूटा नहीं है…

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  • ढलने लगी धीरे-धीरे जवानी
    कविताएँ

    ढलने लगी धीरे-धीरे जवानी

    ByAdmin November 23, 2024November 24, 2024

    ढलने लगी धीरे-धीरे जवानी ढलने लगी धीरे-धीरे जवानीबदलने लगी धीरे-धीरे कहानीभरोसा दिलों का अब घटने लगापिघलने लगी धीरे-धीरे रवानी।। बुढ़ापा बदन पर छाने लगाचांद सा चेहरा मुरझाने लगाचेहरे पर दिखती नही कोई रौनकसचमुच बुढ़ापा अब आने लगा।। वो मौसम दिखे ना फिजाएं दिखेहरी भरी दिलकश हवाएं दिखेदिखता नहीं है जुनून दिल में कोईनजरों में अब…

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  • प्रेरणा | लघुकथा
    कहानियां

    प्रेरणा | लघुकथा

    ByAdmin November 23, 2024November 23, 2024

    झुग्गी में रहने वाली संध्या बहुत ही होशियार लड़की थी। दसवीं कक्षा में उसने 93 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। उसके बाद 12वीं में भी अच्छे अंक प्राप्त किए। उसे एमबीबीएस में एडमिशन मिल नहीं सका। परंतु उसे बीएएमएस में एडमिशन मिल गया। अब वह डॉक्टर बन गई। उसका छोटा भाई आकाश इंजीनियर बनना चाहता था।…

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