Phir Sahi

यह कहानी फिर सही | Phir Sahi

यह कहानी फिर सही

( Yeh kahani phir sahi ) 

 

हमने कब किसको पुकारा यह कहानी फिर सही
किसको होगा यह गवारा यह कहानी फिर सही

आबरू जायेगी कितनों की तुम्हें मालूम क्या
किसने किसका हक़ है मारा यह कहानी फिर सही

रिश्तों को मीज़ान पर लाकर के जब रख ही दिया
क्या रहा मेरा तुम्हारा यह कहानी फिर सही

तेज़ था तूफान बरहम भी था हमसे नाख़ुदा
कैसे पाया था किनारा यह कहानी फिर सही

जिसने मेरा हाथ थामा ख़ुश रहे वो ऐ ख़ुदा
कौन है मेरा सहारा यह कहानी फिर सही

अपनी ग़लती का उसे अहसास शायद हो गया
लौट आया वो दुबारा यह कहानी फिर सही

उड़ रहे हैं होश मेरे इन को काबू में करूँ
जो भी देखा है नज़ारा यह कहानी फिर सही

पहले अपने दिल को बहला लूँ मैं साग़र हर तरह
इश्क़ में क्या क्या है वारा यह कहानी फिर सही

 

Vinay

कवि व शायर: विनय साग़र जायसवाल बरेली
846, शाहबाद, गोंदनी चौक
बरेली 243003
यह भी पढ़ें:-

परदेस में रहा | Pardes mein Raha

Similar Posts

  • गुलज़ार हो तुम | Gulzar ho tum

    गुलज़ार हो तुम ( Gulzar ho tum )   हजारों ख्वाहिशें दबी दिल में, कहीं ये दम यूं ही न निकल जाए, इंतज़ार ए उम्मीद में कहीं, आरजूओं का मौसम न बदल जाए।   रगों में खौलता ये लहू कहीं, बेसबर आंखों से न बह जाए , संभाल आंगन ये तेरे सपनों का, कहीं सपनों…

  • याद आया | Yado ki Shayari

    याद आया ( Yaad Aya )    कोई अनजान सफ़र याद आया अजनबी कोई बशर याद आया तेरा चेहरा ही नज़र में उतरा जब कभी दर्दे जिगर याद आया धूप ने जब भी सताया हमको बारहा बूढ़ा शजर याद आया इक मेरा दोस्त पुराना था जो कुछ लगी देर मगर याद आया अपनी ख़ुशक़िस्मती समझेंगे…

  • कौन देता सहारा किसी को

    कौन देता सहारा किसी को कौन देता सहारा किसी कोलोग जीते हैं अपनी ख़ुशी को रश्क करने लगे तुझ से दुनियाइतना रंगीन कर ज़िन्दगी को इक मुसाफ़िर ने दिल में उतर करदिल से बाहर किया है सभी को मिन्नतें कर के तौबा भी कर लीछोड़िए आप अब बरहमी को झुक गये वक़्त के फ़ैसले पररोते…

  • तुम्हारा नाम | Tumhara Naam

    तुम्हारा नाम ( Tumhara Naam ) न याद-ए-आब-जू आए न याद-ए-आबशार आए।तुम्हारा नाम ही लब पर हमारे बार-बार आए। रहें होश-ओ-हवास़ अपने सलामत उस घड़ी या रब।हमारे सामने जिस दम जमाल-ए-ह़ुस्ने-यार आए। अभी दौर-ए-ख़िजां है तुम अभी से क्यों परेशां हो।सजा लेना नशेमन को गुलों पर जब निखार आए। सजा रक्खी है जिसके वास्ते यह…

  • कभी तुम प्यार से बस इक नज़र देखो

    कभी तुम प्यार से बस इक नज़र देखो कभी तुम प्यार से बस इक नज़र देखोफ़क़त मुझ को भी अपना मान कर देखो विरासत में नहीं मिलते ख़ुशी के पलये काँटों से भरा मेरा सफ़र देखो लक़ब मुझ को मिले जो अब तलक सारेमिरी माँ की दुआ का है असर देखो अगर जो प्यार में…

  • मुझे ये बात | Mujhe ye Baat

    मुझे ये बात ( Mujhe ye Baat ) मुझे ये बात लोगों ने कही हैगलत है तू मगर फिर भी सही है नयी है और मज़बूत भी परन जाने क्यों इमारत ढह रही है बिना तारीख़ वाली ज़िन्दगी कीकठिन मौखिक परीक्षा आज ही है कुशल तैराक बनकर आज यारोंग़ज़ल शब्दों के सागर में बही है…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *