Praman Patra par Kavita

सम्मान-पत्र/प्रमाण-पत्र | Praman Patra par Kavita

सम्मान-पत्र/प्रमाण-पत्र

( Samman-patra : Praman patra ) 

 

जिन पत्रों पर लिखी‌ यें सब बातें,
सही और प्रमाणिक मानी जाती !
उसको ही कहते है यें प्रमाण पत्र,
जो प्रतिष्ठित व्यक्ति‌ संस्थाएं देती !!

अनेंक प्रकार के होते प्रमाण पत्र,
जन्म प्रमाण या मृत्यु प्रमाण पत्र !
जिसको बनाकर देती है सरकार,
जाति प्रमाण या मूल निवास पत्र !!

तहसीलदार करते उसे सत्यापित,
बनवाते सभी तहसील‌ में जाकर !
पंच-सरपंच द्वारा होता प्रमाणित,
अपनें राशन आधार यें दिखाकर !!

देती है प्रमाण-पत्र अनेंको संस्था,
सरकारी व प्राइवेट करते प्रसंशा !
सारासच कर रहा साहित्य प्रचार,
कोरोना वारियर्स को पत्र-प्रसंशा !!

यें साहित्यिक सम्मान प्रमाण पत्र,
अनेंको मेंने भी किए अपनें नाम !
लिखकर रचना मुक्तक लघुकथा,
जिससे हुआ पहचान मिला नाम !!

आज सारा सच सच बता रहें हम,
प्रमाण-पत्रों को समझें नही कम !
चाहें प्रमाण पत्र कही से मिला हो,
हौंसला सबका बढ़ाता यें हरदम !!

 

रचनाकार : गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

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