प्यार के गुल खिले है यहाँ | Pyar ke Gul

प्यार के गुल खिले है यहाँ ?

( Pyar ke gul khile hai yahan ) 

 

प्यार के गुल खिले है यहाँ ?
नफ़रत की बू घटे है यहाँ

उम्रभर एक लड़की से हम
प्यार करते रहे है यहाँ

हाथ किससे मिलाऊँ भला
दोस्त दुश्मन बने है यहाँ

कौन महफूज़ है अब भला
देखिये घर जले है यहाँ

जा चुका छोड़कर शहर वो
बात किससे करे है यहाँ

कल हुआ इक आज़म हादसा
शर्म से सर झुके है यहाँ

 

शायर: आज़म नैय्यर
(सहारनपुर )

यह भी पढ़ें :-

भागे है सब अदू | Bhaage hai Sab Adoo


Posted

in

by

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *