रहे दिलों में मुहब्बत वतन की
रहे दिलों में मुहब्बत वतन की
दुआ मांगता हूँ हमेशा अमन की ?
रहे दिलों में मुहब्बत वतन की
न बरसात हो नफ़रतों की कभी भी
सलामत रहे बस बहारें वतन की
मेरी जान कुर्बान है इस वतन पर
यहीं आरज़ू है मेरे यार मन की
वतन से करो प्यार इतना दिलों से
हमेशा महके हर कली ही चमन की
करे है हिफाज़त सैनिक जो हमारी
उन्हें ही सलामी आओ दे नमन की
मिटा दो अदू सैनिकों देश के सब
असर हो न दिल पे किसी भी दमन की
वतन की फिज़ां में रहे प्यार आज़म
कभी खुशबुएँ हो न कम सुमन की

शायर: आज़म नैय्यर
(सहारनपुर )
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