कविताएँ

  • फूल | Phool kavita

     फूल ( Phool kavita )   –> ये फूलों का संसार, ये फूलों का संसार || 1.फूलों का संसार बेहद रंगीन, सुंदर सुगंधित रहता है | फूलों के साथ जीना सीखो, हर फूल कुछ तो कहता है | लाल-गुलाबी-सफेद-जामुनी, कुछ सतरंगी होते हैं | कुछ तो होते बड़े सुनहरे, कुछ छोटे-छोटे होते हैं | –>…

  • आईना | Aaina kavita

    “आईना” ( Aaina : kavita ) –> सच्चाई का प्रतीक है “आईना” || 1.सब कहते हैं सच्चा-झूँठा, किस पर यकीन करें | देख कर चेहरा बातें करते, किस पर यकीन करें | किसके दिल मे क्या रहता, कुछ पता नहीं चलता है | एक आईना झूँठा न बोले, जो सच है सो कहता है |…

  • धरा | Dhara kavita

     “धरा”  ( Dhara )     “धरा”नहीं, तो क्या”धरा” || धरती-भूमि-धरा-प्रथ्वी-हम सब का अभिमान है | बसते हैं नर-जीव-जन्तु जो, उन सब पर बरदान है | प्रथम गोद माँ की होती है, दूसरी धरती माता की | प्रथम खुरांक माँ के आँचल से, दूजी धरती माँ की | “धरा”नहीं, तो क्या”धरा” || इसी धरा पर…

  • सुनहरी सुबह  | Kavita

        सुनहरी सुबह   ( Sunahri subah )      सुनहरी सुबह नि:स्वार्थ भाव से प्रतिदिन सुबह आती है || आँख बंद थी अभी, खोए थे मीठे सपनों में | कुछ हंसीन प्यारे पल थे, हमारे अपनों में | तभी सुनहरी धूप ने दस्तक दी, नींद टूट गई | अंगडाई ले कर उठ गए, और…

  • ऐसा हो संसार जहाँ पर | Sansar kavita

      ऐसा हो संसार जहाँ पर   आओ मिलकर करें कल्पना हम ऐसे संसार की। जहाँ भावना त्याग समर्पण प्रेम और उपकार की।। ऐसा हो संसार जहाँ पर, सब मिलकरके  रहते हो। एक-दूजे को गले लगाकर भाई -भाई कहते हो।। सोच सभी की होनी चाहिए सृष्टि के उद्धार  की। कर्म की पूजा होती हो वहाँ, मेहनत…

  • वो मजदूर है | Mazdoor kavita

     वो मजदूर है ( Wo mazdoor hai : Kavita )   अरे! वो मजदूर हैं इसीलिये तो वो मजबूर हैं उनकी मजबूरी किसी ने न जानी मीलों का सफर तय किया पीकर पानी। पांव में जूते नही छाले पड़ गए थे भारी अमीरो को तो लेने जहाज गए विदेश, उनके लिये तो बसों के भी…

  • माना कि तुम | Love kavita

      माना कि तुम ( Mana ki tum )     माना कि इन हाथों की लकीरों में तुम नहीं….…….. फिर भी मुझमें तुम शामिल हो, लकीरें तो उनके हाथ में भी नहीं होती जिनके हाथ नहीं होते। तुम मुझे हासिल नहीं फिर भी मुझसे तुम दूर तो नहीं हो। इन हाथों की लकीरों में…

  • रॉंग नंबर (PART-2 )

    रॉंग नंबर (PART-2 )     हर हर महादेव             ★■★■★■ महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर बम भोले के जयकारे लगाते हुए हम लोग चल पड़े।हमने किराए पर लोडर बुक किया था जिसका खर्च 150₹/व्यक्ति आया। हमने पहले ही उस पर पुआल बिछा दी थी ताकि हमे धक्के न लगें और…

  • समय चुराएं | Poonam singh poetry

     समय चुराएं  ( Samay churaye )   आओ … समय से कुछ समय चुराएं शुन्य के सागर में गुम हो जाएं बीती बातों का हिसाब करें आने वाले पलों का इंतज़ार करें भूली यादों को याद करें बीती चाहतों को ताज़ा करें   कुछ बातें इधर की हों कुछ बातें उधर की हों इधर –…

  • हे सरकार ! कुछ तो करो | Political kavita

       हे सरकार ! कुछ तो करो  ( Hey sarkar kuch to karo )   हे सरकार! कुछ तो करो क्यूँ छोड़ दिया मरने को सड़कों और पटरियों पर दर-दर की ठोकरें खाने को खाने को तरसने को। हे सरकार! कुछ तो करो क्या बीत रही है उन गर्भवती और नव माताओं पर सड़कों पर…