कविताएँ

  • होगा निश्चय सबेरा

    होगा निश्चय सबेरा   अधिकार है सबको जीने का राजा रंक और फकीर, तृप्त होता कोई ख़्वाब देखकर हँसकर काटता कोई गम के जंजीर। लाख उलझनें हो जीवन में ख़्वाब सभी सजाते हैं, किसी के ख़्वाब पूरे होते किसी के अधूरे रह जाते हैं। नीद में देखता ख़्वाब कोई कोई सो नही पाता है, न…

  • सोचो नया कुछ करने की

    सोचो नया कुछ करने की ******* वर्ष नया है तुम भी सोचो नया नया कुछ करने की। करो सामना चुनौतियों की, समय यही है लड़ने की; मुसीबतों से नहीं डरने की। कलम उठाओ, रफ़्तार बढ़ाओ; झटके में एक सीढ़ियां चढ़ जाओ। पहुंच मंजिल पर थोड़ा सुस्ता लेना रास्ते में थक बैठने की- न किसी से…

  • kia ho gai halat -क्या हो गई हालात

    क्या हो गई हालात   देख ले मालिक अन्नदाता की क्या हो गई हालात कितना तड़प रहा है किसान पी एम बदला सी एम बदला फिर भी ना बदले किसान के हालात कितना तड़प रहा है किसान आया पी एम बड़ा ही अंधा नहीं दिख रहा है सड़कों पर पड़ा अन्नदाता कहीं पे भूखा कहीं…

  • मोबाइल- hindi kavita

    मोबाइल   –>मोबाइल से क्या सही,क्या गलत हो रहा है || 1.नहीं था बड़ा सुकून था, दोस्त परिवार के लिये समय था | दिल मे चैन दिमाक शांत, सुखी संसार के लिये समय था | न जाने क्या भूचाल सा आया, समय लापता सा हो गया | आज हर इंसान व्यस्त है, बस मोबाइल सब…

  • जरूरत-मन्द -hindi poetry || jaroorat mand

    जरूरत-मन्द   –>नकली के सम्मुख, असली फीका पड़ जाता है ||   1.नकली जेवर की चमक मे, असली सोना फीका पड गया | नकली नगीनों की चमक मे, असली हीरा फीका पड गया | दिखावटी लोगो की चमक मे, असली इंसान फीका पड गया | मतलबी दोस्तों की धमक मे, सच्चा दोस्त फीका पड गया…

  • अफसाने तेरे नाम के -hindi poems

    अफसाने तेरे नाम के   मेरी वफा का सिला यही वो मुझपे मरता है  मिलता है जब भी जख्म हरा जरूर करताहै जाने कहां से सीखा जीने का यह सलीका कत्ल मेरा काँटे से नहीं वो फूल से करता है। वक्त को रखता हमेशा अपनी निगेहबानी में वो जिनदगी को बडे गुरुर से जीता है…

  • लवली-अक्षय

    लवली-अक्षय   –>अक्षय अक्षय नहीं, ब्रांड है ब्रांड”बिग ब्रांड”|| 1.प्यारा है दिल वाला है, हर आँख बसा वो तारा है | काम से अपने काम रखे, हर काम करे वो न्यारा है | देश का कोई भी कोना हो, या सारे देश कोरोना हो | हर बार मदद वो करता है, अक्षय सच मे तुम…

  • हैप्पी न्यू ईयर

    हैप्पी न्यू ईयर     हैप्पी न्यू ईयर बोल उठी गांव शहर की हर गलियां नव वर्ष आते ही खिल उठी गांव शहर की हर गलियां फूल खिल महक उठी जगत की गांव शहर की हर गलियां , गुलाबों ने भी है तोड़ी अपनी अपनी चुप्पियां,  सौगात इजहार कर गया है गांव शहर की हर…

  • मैं

    मैं –> मैं हुँ तो सब कुछ है, नहीं तो कुछ भी नहीं || 1.मैं हुँ तो चाँद सूरज सितारे, बादल आसमान सब है | मैं हुँ तो नादियाँ झील झरने, सागर और किनारे सब है | मैं हुँ तो पर्वत वृक्ष वादियाँ, घनेरे जंगल चट्टान सब है | मैं नहीं तो क्या पता क्या…

  • नया है साल ये बेशक मगर बातें पुरानी है

    नया है साल ये बेशक मगर बातें पुरानी है     नया है साल ये बेशक मगर बातें पुरानी है। न पूछो हाल तुम अपना नहीं यादें सुहानी है।।   हुए जब कैद घर अपने कटे सारे ज़माने से। नहींआज़ाद है अब तक यही जग की कहानी है।।   कहां मिलना किसी से था हुई…