होगा निश्चय सबेरा

होगा निश्चय सबेरा

होगा निश्चय सबेरा

 

अधिकार है सबको जीने का
राजा रंक और फकीर,
तृप्त होता कोई ख़्वाब देखकर
हँसकर काटता कोई गम के जंजीर।

लाख उलझनें हो जीवन में
ख़्वाब सभी सजाते हैं,
किसी के ख़्वाब पूरे होते
किसी के अधूरे रह जाते हैं।

नीद में देखता ख़्वाब कोई
कोई सो नही पाता है,
न सोने वाला ही जीवन में
ख़्वाब पूर्ण कर पाता है।

जब ख़्वाब न पूरे होते
कुछ लोग उड़ाते हैं खिल्ली,
पूर्ण होते ही जीवन के सपने
बनते यही लोग हमदर्द दिल्ली।

ख़्वाब देखें हँसते रहें
डाले रहें कर्मपथ पर डेरा,
कुछ देर भले ही हो जाये
छटेगा अंधकार होगा निश्चय सबेरा।

 

☘️

लेखक: त्रिवेणी कुशवाहा “त्रिवेणी”
खड्डा – कुशीनगर

यह भी पढ़ें :

मन जीता जग जीता | Man Jeeta

 

Similar Posts

  • कच्चे मकान बरसाती रातें | Poem kache makan

    कच्चे मकान बरसाती रातें ( Kache makan barsati raatein )   चलो कच्चे मकानों में, गरीबों के ठिकानों में। बरसाती राते देखो, उनकी जिंदगानी है।   छप्पर टपके पानी, नैन टपकता नीर। जलमग्न हो कुटिया, भरे बस्ती में पानी है।   दिल पर कैसी गुजरे, बरसाती काली रातें। अंधियारा घट छाए, बस्तियों की कहानी है।…

  • ज़िन्दगी ढूंढ ही लेगी

    ज़िन्दगी ढूंढ ही लेगी ज़िन्दगी, ढूंढ ही लेगी ।सुखों का द्वार ।खुशी की वज़ह ।सुकून की जगह ।खोया हुआ प्यार ।छूटा हुआ साथ ।मुस्कानों का हार ।बेफ़िक्र दिन रात ।अपनों का साथ ।हां, ज़िन्दगी ढूंढ लेगी । श्रीमती प्रगति दत्तअलीगढ़ उत्तर प्रदेश यह भी पढ़ें :

  • गौरव का क्षण

    गौरव का क्षण हर जागरूक इन्सानअपने जीवन में सुख चाहता हैवह उसका जीवन हो सुन्दरऔर सार्थक इस हेतु प्रयासभी उसका सदैव होता है किबड़े भाग्य से मिलने वालायह मानव जीवन न जाए निरर्थककुछ लोग सुखी रहने का मंत्रखोजने में जिंदगी गुजार देते हैंपर प्रायः निराश ही होते हैंवह अगर कोई गुणवान औरप्रतिभावान हो तो उसे…

  • तेरी चाहत के सिवा | Teri Chahat ke Siva

    तेरी चाहत के सिवा ( Teri Chahat ke Siva )   कई काम हैं और भी जिंदगी में तेरी चाहत के सिवा वक्त की पेचीदगी ने सोचने की मोहलत ही दी कहाँ आरजू तो थी बहुत तेरी बाहों में सर रखने की कमबख्त कभी तकदीर तो कभी खामोशी भी दगा दे गई तेरे आंचल से…

  • और घूंघट

    और घूंघट   शरद सिहरन चलन चटपट और घूंघट। प्राण ले लेगी ये नटखट और घूंघट।।   कुंद इंदु तुषार सघनित दामिनी तन, व्यथित पीड़ित प्रणयिनी सी काम बिन, मिल रही कुछ ऐसी आहट और घूंघट।। प्राण०   नैन पुतरी मीन सी विचरण करें, अधर फरकन चपला संचालन करे, करत बेसर अकट झंझट और घूंघट।।…

  • अध्यापिका | Adhyapika

    अध्यापिका ( Adhyapika )    अध्यापिका हो मेरी आप ही सबसे खास, आपने ही कराया मुझे जीवन का अभ्यास, आपने ही दिखाया मुझे मंजिल का रास्ता, आप ही हो मेरे लिए सबसे बड़ी फरिश्ता | आप ही मेरी राह हो, आप ही मेरी चाह हो आप ही मेरी भक्ती,आप ही मेरी शक्ती हो आप से…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *