जीवन के रंग
झांसा तेरे वादे सरासर झूठ झांसा निकले, तेरे इरादे सरासर झूठ झांसा निकले। जाति धर्म मज़हब पर लड़ाई लफड़ा, ख़ून ख़राबा शोर शराबा तमाशा निकले। ग़रीबों को ग़ुमराह किया लालच देकर, भरोसा टूट गया तल्ख़ तमाचा निकले। क़दम दर क़दम दग़ा-बाज़ नौटंकी, मौक़ा प्रस्त धोखा दिया ओछा निकले। तंग दस्ती ने…










