Hindi Kavita On Women -नारी
नारी ( Nari Kavita ) नर से धीर है नारी … घर में दबी बेचारी , कभी बेटी कभी बहू बने , कभी सास बन खूब तने, एक ही जीवन कितने रूप , धन्य भाग्य तुम्हारी नर से धीर है नारी… कभी यह घर अपना , कभी वह घर अपना जिस घर जाए वहीं…
नारी ( Nari Kavita ) नर से धीर है नारी … घर में दबी बेचारी , कभी बेटी कभी बहू बने , कभी सास बन खूब तने, एक ही जीवन कितने रूप , धन्य भाग्य तुम्हारी नर से धीर है नारी… कभी यह घर अपना , कभी वह घर अपना जिस घर जाए वहीं…
रहे तन-मन सदा अपना वतन के वास्ते जग में ( Rahe Tan-Man Sada Apana Watan Ke Waste Jag Mein ) रहे तन-मन सदा अपनावतन के वास्ते जग में। बहारें खुद चली आती चमन के वास्ते जग में।। उसी को थाम के चलते वही रहता दिलों में है। तिरंगा पास में रखते कफ़न के…
भारत का गौरव ( Bharat Ka Gaurav ) राम तेरे आर्याव्रत अब, शस्त्र नही ना शास्त्र दिखे। धर्म सनातन विघटित होकर,मात्र अंहिसा जाप करे। शस्त्रों की पूजा करते पर, शस्त्र उठाना भूल गए, रणचंडी का वैभव भूले, खड्ग खप्पर सब भूल गए। परशुराम का परशु अब तो, यदा कदा ही दिखता…
नार परायी ( Naar Parai ) मिले हम मिले नही पर, मन से साथ रहेगे हम। नदी के दो किनारे से पर, मन से साथ रहेगे हम। मिलन ना अपना है ये,भाग्य विधाता ने लिखा है, मगर हुंकार सुनो इस दिल से,मन मे साथ रहेगे हम। कर्म तुम अपना आप करो हम,अपना…
यही जीवन है! ( Yahi Jeevan Hai ) ***** जीवन पथ में कभी कभी कुछ ऐसा होता है रोम रोम क्षण में पुलकित होता है। धूम धड़ाका पार्टी शार्टी गाजे बाजे संग बाराती प्रीतिभोज की होती तैयारी अधरो पर मुस्कान बिखर जाती चहुंओर खुशियां ही खुशियां नजर है आती। तो कभी एक पल में कर…
हिंदी हम को प्यारी है ( Hindi Humko Pyari Hai ) हिंदी हमको प्यारी है, हर भाषा से न्यारी है। तन मन धन सब मेरा, यह तो जान हमारी है।। मां की ममता में हिंदी, पिता की झमता में हिंदी। पति पत्नी के प्यार में , जीवन के हर कार्य में हिंदी।। …
स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ( late Atal Bihari Vajpayee ) मुल्क में होगा अटल जैसा न नेता कोई देखिए ए लोगो मुहब्बत एकता से ही भरा नाम जिसका ही जहां में है सारे रोशन लोगों सच कहूँ मैं मुल्क का है रहनुमा लोगों अटल हर किसी को ही दिया है हक वतन…
चुनाव परिणाम बिहार का! ******* चुनाव परिणाम बिहार का रूला रहा है थका रहा है हंसा रहा है धीरे धीरे आ रहा है काफी वक्त लगा रहा है टीवी वाला अपना टीआरपी बढ़ा रहा है उनको मजा भी बहुत आ रहा है चाहते हैं कुछ और लंबा खींचे गणना ताकि उनकी आमदनी होती रहे चुनाव…
सुनहरी सुबह ( Sunahri subah ) सुनहरी सुबह नि:स्वार्थ भाव से प्रतिदिन सुबह आती है || आँख बंद थी अभी, खोए थे मीठे सपनों में | कुछ हंसीन प्यारे पल थे, हमारे अपनों में | तभी सुनहरी धूप ने दस्तक दी, नींद टूट गई | अंगडाई ले कर उठ गए, और…