तेरी यादों के

तेरी यादों के | Teri Yaadon Ke

तेरी यादों के

( Teri Yaadon Ke )

तेरी यादों के मेघों से ,हर निशा दिवस ही मंगल है ।
जो सीच रहा मन-मरुथल को ,वो मेघ सलिल गंगाजल है।।

वर्षों से बरखा रूठ गई ,इस मुरझाई फुलवारी से।
अब नील गगन को ताक रहे, मन मारे किस लाचारी से ।
कब भाग्य विधाता रीझ सके ,
उच्छवासों की अज्ञारी से ।।
जिस ओर दृष्टि जाती जग में, हर क्षितिज नयन में जंगल है।।
तेरी यादों के—–

जब हुईं पराजित आशायें,हर पग पर ही विश्वास छले।
घनघोर तिमिर में भी लेकिन, तेरी सुधियों के दीप जले।
मन भटक रहा सन्यासी सा ,तेरी निधियों की राख मले।
जो माँगोगे दे सकता हूँ ,यह उर वरदान कमंडल है।।
तेरी यादों के—–

अभिशापों भरे सरोवर में ,मीनों की भाँति मचलते हैं ।
तुमसे मिलने की चाहत में ,मन के विश्वास तड़पते हैं ।
आकर तो देखो प्राण कभी ,नयनों में नेह उमड़ते हैं ।
मैं श्वास श्वास महका दूँगा ,सीने में खिला कमलदल है।।
तेरी यादों के——

अब तक वैसे ही बिखरे हैं ,जो खेल-खिलौने तोड़ गये ।
उन पृष्ठों को कब तक बाँचें, जिन पन्नों को तुम मोड़ गये ।
अन्तस-वीणा में क्यों साग़र, विरही तारों को जोड़ गये ।
अब तक इन सूने पंथों पर ,मचती श्वासों में हलचल है ।।

तेरी यादों के—–
जो सीच रहा——

Vinay

कवि व शायर: विनय साग़र जायसवाल बरेली
846, शाहबाद, गोंदनी चौक
बरेली 243003

यह भी पढ़ें:-

Similar Posts

  • स्वर्णिम साँझ सवेरे | Sanjh Savere

    स्वर्णिम साँझ सवेरे ( Swarnim sanjh savere )    टकराती हैं शंकित ध्वनियाँ , ह्दय द्वार से मेरे । अभिशापित से भटक रहे हैं , स्वर्णिम साँझ-सवेरे ।। विकल हुईं सब जोत-सिद्धियाँ, किसके आवाहन में एक अनोखा जादू छलता , मन को सम्मोहन में ठहर गया है ह्दय-द्वार तक , कोई आते -आते चँहक उठी…

  • खेलो रे होली | Holi ke Geet

    खेलो रे होली  ( Khelo re Holi ) खेलो खेलो रे, खेलो खेलो रे, खेलो रे होली, साथी खेलो रे !! रंग लगाओ, सबको गले लगाओ, मौज मनाओ भाई गुंजिया खाओ, रंगो में रंगो के, मेल मिलाओ, खुशियों का आनंद सब ले लो रे ! खेलो खेलो रे, खेलो खेलो रे, खेलो रे होली, साथी…

  • जिंदगी | Zindagi

    जिंदगी ( Zindagi ) जिंदगी की भाग दौड़ में कब जिंदगी की सुबह और शाम हो गई पता ही नहीं चला। कल तक जिन मैदान में खेला करते थे कब वो मैदानों मैं बड़े-बड़े मॉल बन गए ‌ पता ही नहीं चला । कब अपने सपनों के लिए गांव शहर देश छोड़ दिया माता-पिता को…

  • अगर तुम कहो | Nagma Agar Tum Kaho

    अगर तुम कहो ( Agar Tum Kaho ) गुल वफ़ा के लुटा दूं अगर तुम कहो। राह में दिल बिछा दूं अगर तुम कहो। आओ तो इस तरफ़ जाने जानां कभी। कर दूं क़ुर्बान तुम पर मैं यह ज़िन्दगी। ताज की क्या ह़क़ीक़त है जाने अदा। ताज मैं भी बना दूं अगर तुम कहो। राह…

  • प्रेरणा गीत | Inspirational Song in Hindi

    प्रेरणा गीत ( Prerna Geet )   कदम से मिलाकर कदम जो चलोगे, सफलता कदम चूम लेगी। डर के अंधेरों से निकलोगे बाहर, विफलता तुम्हें छोड़ देगी। चिंता करो न कि कैसे ये होगा, समाधान ये न करेगी। चिंतन करो कि करेंगे ये ऐसे, नई राह सुबह मिलेगी। कदम से मिलाकर कदम….. समय ये कठिन…

  • रावण का अनुसरण | Geet Ravan ka Anusaran

    रावण का अनुसरण ( Ravan ka Anusaran ) अपना घर जो फूक चुके है औरों का भी फूकेंगें। अपने कदमों से ही ये नष्ट सभी कुछ कर देगें।। अपना घर जो……।। अपने अहिंम् के चलते ही ये किसी की नही सुनते है। अपनी अक्षमता का श्रेय औरों के सिर पर मड़ते है। जो अपनों का…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *