तुम्हारा नाम

तुम्हारा नाम | Tumhara Naam

तुम्हारा नाम

( Tumhara Naam )

न याद-ए-आब-जू आए न याद-ए-आबशार आए।
तुम्हारा नाम ही लब पर हमारे बार-बार आए।

रहें होश-ओ-हवास़ अपने सलामत उस घड़ी या रब।
हमारे सामने जिस दम जमाल-ए-ह़ुस्ने-यार आए।

अभी दौर-ए-ख़िजां है तुम अभी से क्यों परेशां हो।
सजा लेना नशेमन को गुलों पर जब निखार आए।

सजा रक्खी है जिसके वास्ते यह अन्जुमन दिल की।
कभी तो इस तरफ़ वो ऐ मिरे परवरदिगार आए।

हमारा नाम भी शामिल है तेरे ग़म गुसारों में।
हमें भी याद कर लेना ख़िजां में जब बहार आए।

इसी में है अगर उनकी ख़ुशी तो ऐ मिरे मौला।
मयस्सर जीत हो उनको मिरे ह़िस्से में हार आए।

नज़र अन्दाज़ियां उनकी हमारी जान लेतीं हैं।
हमारी ज़ीस्त बढ़ जाए उन्हें गर हम पे प्यार आए।

कभी शोअ़ले बरसते हैं कभी बिजली कड़कती है।
ख़ुदाया कोई तो मौसम इधर भी साज़गार आए।

हमारे कहने-सुनने का तभी हो फ़ायदा कोई।
फ़राज़ उनको हमारी बात पर गर ऐतेबार आए।

सरफ़राज़ हुसैन फ़राज़

पीपलसानवी

यह भी पढ़ें:-

Similar Posts

  • आज फिर ग़मज़दा हो गया | Gamazada Shayari

    आज फिर ग़मज़दा हो गया ( Aaj Phir Gamazada ho Gaya )   यार भी बेवफ़ा हो गया देखलो वो जुदा हो गया चाहते थे जिसे हम बहुत शख्स मुझसे ख़फ़ा हो गया आज यूं हो गया ज़ीस्त से साथ मेरे दग़ा हो गया अश्क़ छलके मेरी आंख से यार जब तू जुदा हो गया…

  • हम से | Ghazal Hum Se

    हम से ( Hum Se ) मुदावा इस ग़म-ए-दिल का किया जाता नहीं हम से। तुम्हारे बिन किसी सूरत जिया जाता नहीं हम से। दबे लफ़्ज़ों में ले लेते हैं अक्सर ग़मज़दा हो कर। तुम्हारा नाम भी खुल कर लिया जाता नहीं हम से। जो तुम आकर पिलाओ तो ख़ुशी से पी के मर जाएं।…

  • अगर साकी | Agar Saqi

    अगर साकी ( Agar Saqi )    बता देते तो अच्छा था कहाँ तेरी नज़र साकी तो फिर हम झट से कर देते पियाला भी उधर साकी ॥ दिया ना जाम वो जिसकी तमन्ना थी मिरे दिल में गिला क्या अब तिरे मय का नहीं होगा असर साकी ॥ छलक जाता जो पैमाना , क़यामत…

  • प्यार की ये अजब रीत है | Pyar Ki ye Ajab Reet Hai

    प्यार की ये अजब रीत है ( Pyar Ki ye Ajab Reet Hai ) प्यार की ये अजब रीत है।हार में भी छुपी जीत है।। किससे शिकवा करें हम कहो,पास में जब नहीं मीत है।। धूप के साथ है छांव भी,ज़िन्दगी ऐसा ही गीत है।। दूर होकर लगे पास वो,हां यही सच कहूं प्रीत है।।…

  • जान से प्यारा वतन | Jaan se Pyara Watan

    जान से प्यारा वतन ( Jaan se pyara watan )   मुझे तो जान से प्यारा वतन है ? हसीं उल्फ़त भरा मेरा चमन है लड़े हैं दुश्मनों से सबकी खातिर कि मेरा सैनिको को ही नमन है बहारों में बहे जिसकी मुहब्बत हमारा मुल्क वो देखो फ़बन है कहीं होगी अदावत, तल्ख़ बातें मुहब्बत…

  • घर नहीं मिला | Ghazal Ghar Nahi Mila

    घर नहीं मिला ( Ghar Nahi Mila ) हमसे मुसाफिरों को कहीं घर नहीं मिला रस्ते बहुत थे राह में रहबर नहीं मिला वीरान रास्तों में पता किससे पूछते राह-ए-सफ़र में मील का पत्थर नहीं मिला दिन रात हम उसी के ख़यालों में ही उड़े तन्हाइयों में चैन तो पल भर नहीं मिला उसके सितम…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *