तुम्हारे दर्द

तुम्हारे दर्द रह रह कर के तड़पाते अभी भी हैं

तुम्हारे दर्द रह रह कर के तड़पाते अभी भी हैं

तुम्हारे दर्द रह रह कर के तड़पाते अभी भी हैं,
तुम्हें हम प्यार दिलबर करके पछताते अभी भी हैं ।

कई आए गए मौसम जुलाई से दिसम्बर तक,
मेरी पलकों की किस्मत में तो बरसाते अभी भी हैं ।

कहे थे लफ़्ज़ जो तुमने मेरे कानों में हँस हँस कर,
हृदय के द्वार पर आकर वो टकराते अभी भी हैं ।

तेरा मिलना बिछड़ना है विधाता की रज़ा सारी,
तसल्ली दिल को दे देकर ये समझाते अभी भी हैं ।

लबों से चूमकर तुमने जो ख़त अनहद को भेजे थे,
गुलाबी मोहरों में शब्द मुस्काते अभी भी हैं ।

अजय जायसवाल ‘अनहद’

श्री हनुमत इंटर कॉलेज धम्मौर
सुलतानपुर उत्तर प्रदेश

यह भी पढ़ें:-

Similar Posts

  • मेरे ख़ुलूस को | Mere Khuloos ko

    मेरे ख़ुलूस को मेरे ख़ुलूस को चाहो अगर हवा देनामेरे ख़िलाफ़ कोई वाक्या सुना देना कभी तो आके मेरी ख़्वाहिशें जगा देनावफ़ा शियार हूँ तुम भी मुझे वफ़ा देना तमाम उम्र ये मंज़र रहेगा आँखों मेंनज़र मिलाते ही तेरा ये मुस्कुरा देना जिधर भी देखिए रुसवाइयों के पहरे हैंमेरे ख़ुतूत मेरे साथ ही जला देना…

  • हम में खोकर रहो तो हम जाने | Ham Jane

    हम में खोकर रहो तो हम जाने ( Ham mein khokar raho to ham jane )   ऐसी होकर रहो तो हम जाने हम में खोकर रहो तो हम जाने साथ देने का है इरादा गर खाके ठोकर रहो तो हम जाने मन की कोई कहाँ है कर पाता करना जो कर रहो तो हम…

  • जो ज़ख़्म बेनिशां थे वो नासूर हो गए

    जो ज़ख़्म बेनिशां थे वो नासूर हो गए हम क्या ह़रीमे-नाज़ से कुछ दूर हो गए।जो ज़ख़्म बेनिशां थे वो नासूर हो गए। सब इ़ज्ज़ो-इन्किसार ही काफ़ूर हो गए।मसनंद नशीं वो क्या हुए मग़रूर हो गए। बेचैन उनके इ़श्क़ ने इतना किया के बस।हम उनसे बात करने को मजबूर हो गए। वो संग थे यूं…

  • कमाल करते हो | Kamaal Karte ho

    कमाल करते हो ( Kamaal karte ho )    लगाकर चाँद पर दाग कमाल करते हो, बातें बड़ी आजकल बेमिसाल करते हो। बेचैन हो जाता दिल मेरा बातें सुन तुम्हारी, खुद से क्यों नहीं तुम ये सवाल करते हो? यूँ उलझा नहीं करते हर बार ही किसी से, बेवज़ह तुम हर बात पर बवाल करते…

  • जवानी | Ghazal Jawani

    जवानी ( Jawani ) जब जवानी ने खेल खेले थे हर तरफ फूल थे व मेले थे हम कभी भूल ना सकेंगे की फूल के साथ हम अकेले थे हां, झमेले भी थे मगर यारों वे सुगंधित हसीं झमेले थे काम था नाम था जवानी थी जेब में लाख लाख धेले थे वास्ता सिर्फ था…

  • कोई प्यारी लोरी सुनाओ हमें तुम

    कोई प्यारी लोरी सुनाओ हमें तुम चलो थपकी देकर सुलाओ हमें तुमकोई प्यारी लोरी सुनाओ हमें तुम नहीं याद आये कभी माँ की हमकोवो स्वादिष्ट व्यंजन खिलाओ हमें तुम रहें जीते हम बस तुम्हें देखकर हीकभी रूप ऐसा दिखाओ हमें तुम किया प्यार तुमसे यहाँ हमने जितनावही हो सके तो जताओ हमें तुम नहीं रोक…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *