कुछ ऐसे मनाएं होली

Kavita Aise Manayein Holi | कुछ ऐसे मनाएं होली

कुछ ऐसे मनाएं होली

( Kuch Aise Manayein Holi )

 

आओ मनाएं मिलजुलकर खुशियों की होली,
जर्रा जर्रा खिलखिला उठे
दे हम ऐसी गोली।
बढ़े भाईचारा
रहे न कोई बेसहारा
पकड़ हाथ
ले साथ
किनारे सबको लगाएं
चेहरे सभी के खिल जाएं
कुछ इस तरह हम होली मनाएं
रंगत हमारी देखकर
गुलाल भी शरमा जाए…
होली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

नवाब मंजूर

लेखक– मो.मंजूर आलम उर्फ नवाब मंजूर

सलेमपुर, छपरा, बिहार ।

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