Bholenath par Kavita

प्यारा भोलेनाथ को है सावन | Bholenath par Kavita

प्यारा भोलेनाथ को है सावन

( Pyara bholenath ko hai sawan ) 

 

यह महीना है प्यारा-न्यारा सावन,
सभी के मन को सावन है भावन।
सोमवार इसमे है भोले को प्यारा,
शिवपूजा आराधना विधान सारा।।

सावन के पहले-आख़री सोमवार,
सावन का परम्परा व्रत एवं स्नान।
प्यारा भोले नाथ को भी है सावन,
जुलाई अगस्त में ‌आए पर्व पावन।।

मनोकामना पूर्ण करते भोलेबाबा,
सोमवार व्रत का महत्व है ज्यादा।
दर्शन करते है श्रद्धालु ज्योतिर्लिंग,
हिंदू धर्म में इसकी बहुत है गाथा।।

पूर्व दिशा से होती शिव आराधना,
एव सायं समय ये पश्चिम साधना।
धतूरे-फूल अर्पित ‌करते भोले को,
सर्वश्रेष्ठ है सोमवार शिवउपासना।।

सावन का लहंगा एवं चुनरी ख़ास,
आ रही होती है जब यह बरसात।
सावन में लगाते बागों में यह झूले,
सब देवों के देव है यही भोलेनाथ।।

 

रचनाकार : गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

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