याद आया

याद आया | Yaad Aya

याद आया

( Yaad Aya )

आज वो गुज़रा सफ़र याद आया
साथ हर चलता बशर याद आया

बेच बिरसे को बसे शहरों में
फिर न बेटों को वो घर याद आया

दूर पल में हुए थे ग़म मेरे
गर्दिशों का जो समर याद आया

क़त्ल कर के जो गया हसरत का
संग जैसा वो जिगर याद आया

रोज़ सजदे में झुकाया था कभी
उसकी रहमत पे वो सर याद आया

नफ़रतों की लगी थी आग बडी
मज़हबों को न असर याद आया

दर्द दिल से हूँ पशेमां यारो
क्या करूँ लख़्ते जिगर याद आया

पार हद कर गई मीना गर्मी
हर कटा आज शजर याद आया

Meena Bhatta

कवियत्री: मीना भट्ट सि‌द्धार्थ

( जबलपुर )

यह भी पढ़ें:-

महक जिसकी | Mahak Jiski

Similar Posts

  • जाने क्यों बेख़बर नहीं आती

    जाने क्यों बेख़बर नहीं आती जाने क्यों बेख़बर नहीं आतीढ़ाने मुझपर कहर नहीं आती ताकते क्यों हो तुम गली उसकीआजकल वो नजर नहीं आती मैं हूँ मजबूर आज जीने कोयाद वह इस कदर नहीं आती देखकर हार बैठा दिल जिसकोवो भी लेने ख़बर नहीं आती तू उसे खोजता है क्यों दर दरवो कभी इस डगर…

  • हँसकर मिलते हो | Hans Kar Milte ho

    हँसकर मिलते हो ( Hans Kar Milte ho )   जो तुम यूँ हँसकर मिलते हो फूलों के माफ़िक लगते हो ग़म से यूँ घबराना कैसा आख़िर इससे क्यों डरते हो तुम जैसा तो कोई नहीं,जो माँ के चरणों में रहते हो गाँव बुलाता है आ जाओ क्यों तुम शहरों में बसते हो नफ़रत के…

  • इंतज़ार किया | Emotional Intezaar Shayari

    इंतज़ार किया ( Intezaar kia ) पूरा तेरा हरिक क़रार किया हमने पतझड़ को भी बहार किया उसके आगे किसी की क्या चलती वक़्त ने जिसको ताजदार किया ज़ख़्मी होकर भी मैं रहूँ ज़िन्दा किस हुनर से मेरा शिकार किया दुखती रग पर ही तुम ने हाथ रखा हाय क्या मेरे ग़मगुसार किया बात उसकी…

  • वो पहली मोहब्बत | Pehli Mohabbat

    वो पहली मोहब्बत ( Wo pehli mohabbat )   वो पहली मोहब्बत का बीता ज़माना याद आता है, वो छोटी-छोटी बातों पे रूठना मनाना याद आता है! ख्वाबों ख्यालों में रहना आसमान में उड़ने का मज़ा, हो दुनिया से बेख़बर इश्क-ऐ-फ़साना याद आता है! एक दूजे की आगोश में दिन रात का वक़्त गुजरना अपनी…

  • सैनिक | Sainik

    सैनिक ( Sainik ) जां हथेली पे लिए सैनिक लड़ा है ? सरहदों पर देखिये दुश्मन मरा है दो दुआएं फ़त्ह करके आये सैनिक हर अदू को मारने सैनिक चला है आंसुओं से आंखें भर आई हैं मेरी सैनिकों पर जब यहाँ हमला हुआ है सैनिकों ने ले लिया बदला वतन का देखिये कश्मीर से…

  • कोई अब अरमान नहीं है | Arman Shayari

    कोई अब अरमान नहीं है ( Koi ab arman nahin hai )    प्यार की पहचान नहीं है कोई अब इंसान नहीं है इस जगत में कौन है ऐसा जो यहाँ मेहमान नहीं है हर कोई मायूस लगे अब चेहरों पर मुस्कान नहीं है बाप की बातें न ले दिल पर ये तेरा अपमान नहीं…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *