यदि होता नभ का पंछी मैं | Yadi Hota Nabh ka Panchhi main
यदि होता नभ का पंछी मैं
( Yadi hota nabh ka panchhi main )


( Yadi hota nabh ka panchhi main )


डा. तरुण राय ‘कागा’ जी रेतीले धोरों की माटी का सच्चा सपूत,कला-साहित्य का जो रखे अद्भुत रूप।चौहटन की धरती से उठाया परचम,डा. तरुण राय ‘कागा’, नाम हुआ अमरतम। कभी कविताओं में बहाए भावनाओं के रंग,कभी विधायक बन सजाए जनता के संग।साहित्य से राजनीति तक सफर किया विशाल,हर क्षेत्र में दिखी आपकी अद्वितीय मिसाल। कलम से…

फागुन के दिन ( Phagun ke din ) फागुन के दिन थोडे रह गए, मन में उडे उमंग। काम काज में मन नाहि लागे,चढा श्याम दा रंग। रंग बसन्ती ढंग बसन्ती, तोरा अंग बसन्ती लागे, ढुलमुल ढुलमुल चाल चले,तोरा संग बसन्ती लागे। नयन से नयन मिला लो हमसें, बिना पलक झपकाए। जिसका पहले पलक…

कुदरत की आवाज ! ( Kudrat ki aawaj ) कुदरत से छल करके कहाँ जाओगे, बहाया उसका आँसू तो बच पाओगे? कुदरत का सिर कुचलना मुनासिब नहीं, बचाओगे उसको तो दुआ पाओगे। जोशीमठ में जो मची है हाय – तौबा, क्या फजाओं को फिर से हँसा पाओगे? काटा पहाड़, बनाई हाट, सुरंग,सड़क, क्या फिर…

नवदुर्गा पर कविता ( Navdurga par kavita ) मां मुझको तू शक्ति दे दे जीवन के तू दुख हर ले जुड़ा रहे तुझसे यह नाता इतनी मेरी बिनती सुन ले मांगू मैं ना तुझसे कुछ मैं चरणों में शरणागत कर ले दीया जनम जो तूने मुझको दूजो की सेवा का वर दे तुझे चढ़ाऊं…

प्रेम में डूबी स्त्री ( Prem me dubi stree ) प्रेम में डूबी किसी स्त्री को कभी कोई फर्क़ नहीं पड़ता कि तुम कितने पढ़े लिखे हो या फिर अनपढ़, तुम दिन के दो सौ रूपए कमाते हो या दो हज़ार, तुम सबसे सुंदर दिखते हो या बदसूरत !… बस, उसे तो फ़र्क सिर्फ़…

प्रपोज़ डे तेरी आँखों में जो प्यार झलकता है,वही मेरी रूह तक महकता है।हर धड़कन में तेरा ही नाम बसा है,दिकु, तू ही मेरा पहला और आखिरी किस्सा है। सांसों में खुशबू है तेरे एहसास की,हर शाम है मेरी अब तेरी तलाश की।आज जुबां पर वही बात ले आया हूँ,जिसे सदियों से दिल में दबाया…