ये प्यारे प्यारे बच्चे
ये प्यारे प्यारे बच्चे

ये प्यारे प्यारे बच्चे

 

ये तोतली बोल के बच्चे, मन के अनमोल बच्चे,

नवतन के प्यारे बच्चे , सुन्दर सलोने बच्चे,

कारेनयन के तारे बच्चे, नियति के सच्चे बच्चे,

स्वराष्ट्र के रतन बच्चे, पितृ- मातृ के अच्छे बच्चे,

 

 

इनका खिला चेहरा देख के, शर्मा जाते हैं फूल

देखो  ये प्यारे- प्यारे बच्चे जाते हैं स्कूल ।।

 

 

पीठ पर लादे बास्ते , गले में डालें पहने ,

हाथ में थामे बोतल , स्वच्छ परिधान पहने ,

अति शीतोष्ण पवन से, शुरू हुआ स्वेद बहने,

इन देव पुष्प ईश रूप, आगमो के क्या है कहने,

 

 

गमन कर स्कूल के , ये गृह जाते है भूल,

देखो ये प्यारे – प्यारे बच्चे जाते हैं स्कूल ।।

 

 

आते जाते मन ललचाये, गर बचपन होवे बचपन,

इसी रास में गोता लगते, नेहरू पहने टोपी -अचकन,

लछ्मी, गाँधी, सुबाष, से भी, तेज़ है इनकी धड़कन,

आज का नन्हा कल का विशाल, यही है हमारी धड़कन,

 

शैशव रहे स्वथ आ. बी. नहीं चुभेंगे बन के शूल,

देखो ये प्यारे –  प्यारे बच्चे जाते हैं स्कूल ।।

🍀

लेखक: राम बरन सिंह ‘रवि’ (प्रधानाचार्य)

राजकीय इंटर कालेज सुरवां माण्डा

प्रयागराज (उत्तर प्रदेश )

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