Bhojpuri bal kavita kabaddi

कबड्डी | Bhojpuri bal kavita kabaddi

” कबड्डी ”

(ल‌इकन के कविता)

 

आव कबड्डी खेली हम,
रेखा के एने ठॆली हम,

दऊड़-दऊड़ के पकड़ी हम,
एने-ओने जकडी हम

शोर मचाई दऊड़ल जाई
उठा पटक हूडदूग मचाई

कबो जियाई कबो मुआई
जिया मुआ के गोल बनाई

माटी में हम खूब लोटाई
कबड्डी-कबड्डी आव चिल्लाई

 

 

कवि उदय शंकर “प्रसाद”
पूर्व सहायक प्रोफेसर (फ्रेंच विभाग), तमिलनाडु

 

??

उपरोक्त कविता सुनने के लिए ऊपर के लिंक को क्लिक करे

यह भी पढ़ें:-

स्कूल | School par Bhojpuri kavita

 

 

Similar Posts

  • मिठ्ठा | Miththa Bhojpuri Kavita

    मिठ्ठा ( Miththa )   मिठ्ठा के गोली, भेल्ली कहाला क‌ई गो दवाई में, काम आ जाला गनना के रस पाक के भेलली हो जाला चना के साथ सबेरे खोजाला गोर होय या करिया सस्ता बिकाला चिउड़ा फूला के ओमे मिसाला मरचा आ नुन संगे धराला सट-सट सबके खुबे घोटाला भुजा के संगे भी कट-कट…

  • लड़कपन | Ladakpan par Bhojpuri kavita

    लड़कपन ( Ladakpan )   देखऽ-देखऽ ठेला वाला आइल ओपे धर के मिठाई लाइल दु प‌इसा निकाल के देदऽ जवन मन करे मिठाई लेलऽ खुरमा खाजा रसगुल्ला राजा इमरति अउर चन्दकला बा ताजा बर्फी, hमलाई हऽ मिठाई के भाई बुनिया सेव अउर गुलाब जामुन गाजा आवे ला खाये में खुबे माजा बाबु जी ग‌इल बाने…

  • बुढ़िया | Budhiya Bhojpuri Kavita

    बुढ़िया ( Budhiya )    दूर झोपड़ी में रहे, बहुत अन्हार। ओमे से आवत रहे, मरत दिया के प्रकाश! चारों ओर सन्नाटा ,कईले रहे प्रहार। लागत रहे पेड़ पौधा अउर सब के लागल बा बुखार ना कवनो पत्ता हीलत रहे,जाने कौन रहे बात? हवा भी मोड़ लेले रहे मुंह, चलत रहे समय इतना ऐतना खराब।…

  • उड़त बा रंगवाँ | Urat ba Rangwa

    उड़त बा रंगवाँ ( Urat ba Rangwa )    उठावा न साया घड़ी-घड़ी, उड़त बा रंगवाँ गली-गली। तोड़ा न सिग्नल,न तोड़ा कली, उड़त बा रंगवाँ गली-गली। (2) गमकत बा तोहरो ई फुलवा की क्यारी, लाल-लाल हुई मिट्टी,लाल हुई साड़ी। लाल हुई साड़ी हो, लाल हुई साड़ी, लाल हुई साड़ी हो, लाल हुई साड़ी। भरी पिचकारी…

  • हे प्रभु | Hey Prabhu Bhojpuri Kavita

    हे प्रभु! ( Hey Prabhu )    मिटा द मन के लोभ सब कुछ पावे के जे हमरा लागल बा दिल पे चोट हे प्रभु! मिटा द मन के लोभ दे सकऽ तऽ तू दऽ प्रेम अउर आराधना कर सऽकी हम पूजा अउर प्रार्थना ना रहे मन में दूख अउर खोट हे प्रभु! मिटा द…

  • हमरे देशवा कै दुनिया में मान बा | Hamre Deshwa

    हमरे देशवा कै दुनिया में मान बा! ( Hamre deshwa ke duniya me maan ba )    हमरे देशवा कै दुनिया में मान बा, हम सब कै जान बा ना। ( 2 ) आन -बान -शान इसकी अजब निराली, बहती जो नदिया ऊ अमृत कै प्याली। पूरी दुनिया में सबसे जवान बा, हम सब कै…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *