maa narmada

मां नर्मदा | Maa Narmada

मां नर्मदा

( Maa Narmada ) 

 

अनंत नमामि मां नर्मदा
******
हिंद उत्संग अति आह्लाद,
पुनीत दर्शन सरित छटा ।
मातृ उपमा संबोधन सेतु,
नित निर्माण आनंद घटा ।
दिव्य मर्म अंतर सुशोभना,
स्कंद पुराण नित बखान अदा ।
अनंत नमामि मां नर्मदा ।।

शिव सुता मोहक अनुपमा,
माघ शुक्ल सप्तमी अवतरण।
धन्य संपूर्ण देव धरा लोक,
सर्वत्र पावनता संचरण ।
महा रूपवती परम आभा,
मोहित सृष्टि रज रज सदा ।
अनंत नमामि मां नर्मदा ।।

पंचम दीर्घ सुआकार छवि,
पश्चिम बहाव शृंगार प्रथमा ।
उद्गम स्थल अमरकंटक,
अंतस्थ गंगा सम विमलता रमा ।
रेवा स्थानिक अपनत्व संज्ञा,
मोक्षदायिनी प्रभा सर्वदा ।
अनंत नमामि मां नर्मदा ।।

मध्य प्रदेश गुजरात शोभना,
उपमित अनूप जीवन रेखा ।
उत्तर दक्षिण भव्य विभाजक,
हिंद परंपरा कल्याण लेखा ।
नित वंदन अभिनंदन संकल्प,
संरक्षण प्रयास मूल रूप तदा ।
अनंत नमामि मां नर्मदा ।।

 

महेन्द्र कुमार

नवलगढ़ (राजस्थान)

यह भी पढ़ें:-

सूर्य नमस्कार | Surya Namaskar

Similar Posts

  • सपनों के लिये | Sapno ke liye | Kavita

    सपनों के लिये ( Sapno ke liye )   हम अपने हर सपनों को सच कर सकते हैं,  चाहे वो चांद पर जाना हो या हो कोई और लक्ष्य  बस इच्छा हो, सनक हो एक जुनून मन में हो,  एक चाहत हो, जो कभी कम न हो। सपनों को सच करने के लिए इस पर…

  • किताबें | Kavita Kitaben

    किताबें ( Kitaben )   ज्ञान का अनमोल भंडार किताबें। सदियों से सुरक्षित रखी गई किताबें। वेद, पुराण, उपनिषद, प्राचीनतम ग्रंथ हमारे। हमारी धर्म संस्कृति के वाहक। किताबों ने हम तक सुरक्षित पहुॅंचाए। फैलाया ज्ञान प्रकाश चंहुदिस।। गीता, रामायण ,महाभारत जैसे महान ग्रंथ, सदियों पहले लिखे गए थे। किताबों ने ही, हमें ज्ञान कराया इनका।…

  • प्यारा देश हमारा | Pyara Desh Hamara

    प्यारा देश हमारा  ( Pyara desh hamara )   कल कल करती बहती रहती धमनी  सी  नदियों  की  धारा पग  धोता  है  सागर  जिसका वह   है   प्यारा   देश   हमारा,   सिर समान काश्मीर सुशोभित महक  वादियां  जिसका प्यारा शोभित जिस पर ताज हिमालय वह   है   प्यारा    देश   हमारा।   ऊंचे – ऊंचे  हिम  शिखरों से…

  • जगतगुरु आदि शंकराचार्य | Kavita

    जगतगुरु आदि शंकराचार्य ( Jagadguru Adi Shankaracharya )    धर्म और संप्रदाय पर जब था अंधकार का साया,  तब केरल के कालडी़ मैं जन्मे महान संत| 8 वर्ष की उम्र में सन्यासी बने सबको दिया ज्ञान,  कई ग्रंथ  रचकर  दिया सबको परम ज्ञान| सनातन धर्म स्थापित किया, अद्वैत चिंतन को पुनर्जीवित करके सनातन हिंदू धर्म…

  • वर्तमान समझ | Vartman Samaj

    वर्तमान समझ ( Vartman Samaj )   शिक्षा का विकास हुआ,समझ अधूरी रह गई पूरे की चाहत मे ,जिंदगी अधूरी रह गई बन गए हों कई भले ही महल अटारी चौबारे मुराद भीतर ही मन की,दम तोड़ती रह गई बिक गए पद,सम्मान औ प्रसंशा के मोल मे माता स्वाभिमान की,छाती पिटती रह गई सोच बदली…

  • नवरात्र के प्रसाद में | Navratra

    नवरात्र के प्रसाद में ( Navratra ke Prasad mein )    सृजनात्मकता प्रस्सपुरण,नवरात्र के प्रसाद में परम काल चेतना जागरण, रज रज मांगलिक भोर । नव नौ रूप मां अनूप दर्शन, शक्ति भक्ति अलौकिक छोर । तमोगुणी शोध विवेचना, जय माता दी संवाद में । सृजनात्मकता प्रस्सपुरण, नवरात्र के प्रसाद में ।। आराधना शीर्ष स्पर्शन,…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *