Kavita Gumnam

गुमान | Kavita Gumnam

गुमान

( Gumnam )

पहुँच जाओगे एवरेस्ट की उचाई तक
नाप लोगे पाताल की गहराई भी
पर, गिरने या डूबने पर
बचाने वाले लोग भी हों
ख्याल इस बात का भी रखना होगा

हर मौसम अनुकूल नहीं होता
हर कोई प्रतिकूल नही होता
बनाकर चलते हैं जो
उन्हे कुछ भी मुश्किल नहीं होता

लहरों की संगीत पर मत जाना कभी
किनारे की हवा और गहराई की धारा में
बहुत फर्क होता है
मोती मिल भी जाय तो
नर भक्षी मछलियों का खतरा बना रहता है

तरकस के जहरीले तीरों पर
न करना गुमान कभी
शिकारियों से भरा हुआ माहौल है सारा
आस्तीन में हि सांप छिपे रहते हैं
डंक की दवा बाजार में भी नही मिलती

चलोगे अपनों को भी साथ लिए
तो कवच बना रहेगा
कछुये की खाल भले सख़्त हो
तले मे मगर जान नहीं होती

मोहन तिवारी

( मुंबई )

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