अर्थ जगत | Kavita Arth Jagat

अर्थ जगत

( Arth Jagat )

 

अर्थ जगत अनुपमा, प्रेरणा पुंज मारवाड़ी समाज
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उद्गम राजस्थानी मरुथल धरा,
न्यून वृष्टि संसाधन विहीन ।
तज मातृभूमि आजीविका ध्येय
अंतर्मन श्रम निष्ठ भाव कुलीन ।
प्रायः राष्ट्र हर क्षेत्र श्री गमन ,
लघु आरंभ बुलंद आर्थिक आवाज ।
अर्थ जगत अनुपमा, प्रेरणा पुंज मारवाड़ी समाज ।।

हिंद अर्थ व्यवस्था रीढ़ स्तंभ,
नब्बे प्रतिशत आधिक्य योगदान ।
वृहत्त उद्योग स्थापना अनूप ,
मूल मंत्र सतत प्रगति आह्वान ।
रोजगार शिक्षा अनन्य भागिता ,
चिकित्सा क्षेत्र सेवा महाकाज ।
अर्थ जगत अनुपमा, प्रेरणा पुंज मारवाड़ी समाज ।।

जप तप सम मस्त मलंग,
धर्म परोपकार हित अग्र कदम ।
मानवता उत्थान नित्य आतुर,
सदा यथार्थ स्तुति उर भाव पदम।
शुद्ध सात्विक नैतिक जीवन शैली ,
सनातन संस्कृति दिव्य रिदम साज ।
अर्थ जगत अनुपमा, प्रेरणा पुंज मारवाड़ी समाज ।।

टाटा बिड़ला डालमिया बजाज संग
पोद्दार सेकसरिया मित्तल शुभ नाम ।
सिंघानिया मोदी सर्राफ पिरामल सह ,
संपूर्ण वैश्य जाति अनंत कोटि प्रणाम ।
पर्याय आर्थिक तंत्र मोहक श्रृंगार,
शोभा विकास प्रतिमान स्थापना ताज ।
अर्थ जगत अनुपमा, प्रेरणा पुंज मारवाड़ी समाज ।।

महेन्द्र कुमार

नवलगढ़ (राजस्थान)

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