वक्त की आज हार हो जाए
वक्त की आज हार हो जाए
वक्त की आज हार हो जाए ।
कश्ती तूफां में पार हो जाए ।।१
आज दीदारे- यार हो जाए ।
ख़त्म यह इंतज़ार हो जाए ।।२
यह जो दुनिया हमें दगा देती ।
कुछ तो इसमें सुधार हो जाए ।।३
ज़ीस्त भर दोनों साथ साथ चलें
गर उन्हें ऐतबार हो जाए ।।४
इक नज़र देख लें जिधर मुड़कर ।
उनका ही इख्तियार हो जाए ।।५
प्यार इतना किया करो मुझसे ।
रूह तक बेकरार हो जाए ।।६
जैसे क़ुर्बान हूँ प्रखर उस पर
वो भी मुझ पर निसार हो जाए ।।७

( बाराबंकी )







