तुम मिलो तो सही

तुम मिलो तो सही | kavita Tum Milo to Sahi

तुम मिलो तो सही

( Tum milo to sahi )

मन पे तेरे मन रख देगे, मन की बातें कह कर।
दबे हुए जज्बातों को भी,कह देगे हम खुल कर।
मन में तेरे जो संसय है, उसको मिटा देगे पर,
बीती बातें भूल के सारी…?
प्रिये तुम मिलो तो सही…..
रूठना तेरा हक है जानम, तुम्हे मनाना फर्ज मेरा।
जनम जनम का रिश्ता अपना,तू राधा मै श्याम तेरा।
जैसे चाँद चकोरी बिन, तडपत है चाँदनी रातों में,
अपने दिल का हाल बता दूं…?
प्रिये तुम मिलो तो सही…..
हे मृगनयनी चंचल चपला, क्यों इतना अकुलाई हो।
मुझे बता दो मन भावों को, नयनों से भूमि समाई हो।
शेर हृदय की धडकन हो ,जीवन का अभिमान मेरा,
हर चिन्ता को मिटा दूंगा पर….?
प्रिये तुम मिलों तो सही…..
आलिंगन करके मेरे, अधरों की प्यास बुझा देना।
खोल केशु मद्मस्त रूपसी, मन के ताप बढा देना।
फिर जो चाहोगी होगा वो, प्रेम प्रदान करो मुझको,
तोड के सारे बन्धन को पर…?
प्रिये तुम मिलों तो सही…..

✍?

कवि :  शेर सिंह हुंकार

देवरिया ( उत्तर प्रदेश )

यह भी पढ़ें : –

श्याम रंग में | Hindi Poetry

Similar Posts

  • विजयादशमी | Vijayadashami Kavita

    विजयादशमी ( Vijayadashami kavita ) ( 10 )    जागो रावण आए साल तूझे यूं खामोशी से जलता देख हे रावण,मुझे तो तुझ से इश्क़ हो चला है कभी तो पूछ उस खुदा से, क्या इन्साफ है तेरा मरने के बाद भी ,सदियों ज़माना क्यूं सज़ा देता चला है सोने की लंका थी मेरी ,शिव…

  • खोखले शब्द | Khokhale Shabd

    खोखले शब्द ( Khokhale shabd )   शब्द कोष मे ऐसे शब्द हैं ही नहीं की जो भूख से ऐंठती अंतड़ियों के दर्द भूख से रोते बिलखते बच्चों की याचना भरी दृष्टि खाली पड़े बर्तनों की खन खनाहट को शब्दों में व्यक्त कर सकें वो शब्द ही नही बने जो ऐसी स्थिति में मां को…

  • आदिवासी पटेलिया समाज

    आदिवासी पटेलिया समाज परथी भाई भूरा, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ( गांव-मालमसुरी,रिगोंल, भाबरा जिला अलीराजपुर मध्यप्रदेश ) स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महान।सब समाज करते उनका सम्मान।।यह युवा प्रेरणा दिवस उनके नाम।हिंदुस्तान की थे वो शान।।देश की संस्कृति को बचाया।हिंदुस्तान का मान बढ़ाया।।सच रहा पर वो सदा चले।धार्मिक का पाठ सबको पढ़ाया।।गरीब की मदद करो बताया।दिलों में देश…

  • जिंदगी | Hindi Kavita Zindagi par

    जिंदगी ( Zindagi )    जिंदगी एक शोरूम की तरह है जहां खरीदते हैं लोग वस्त्र  अपने मनोभाव की तरह जिसमें झलकता है उनका अंतर्मन जो पता चलते हैं उसके कपड़ों को देखकर। कोई छोटी सोच के साथ छोटे कपड़ों में किसी का सादगी भरा लिबास कोई चेहरे पर चेहरा लिए किसी का जीवन एक…

  • kia ho gai halat -क्या हो गई हालात

    क्या हो गई हालात   देख ले मालिक अन्नदाता की क्या हो गई हालात कितना तड़प रहा है किसान पी एम बदला सी एम बदला फिर भी ना बदले किसान के हालात कितना तड़प रहा है किसान आया पी एम बड़ा ही अंधा नहीं दिख रहा है सड़कों पर पड़ा अन्नदाता कहीं पे भूखा कहीं…

  • उर्मिला | Urmila par kavita

    उर्मिला ( Urmila )   हे मधुकर क्यों रसपान करे, तुम प्रिय प्रसून को ऐसे। कही छोड के तो ना चल दोगे,तुम दशरथनन्दन जैसे। हे खग हे मृग हे दशों दिशा, हे सूर्य चन्द्र हे तारे, नक्षत्रों ने भी ना देखा, उर्मिला से भाग्य अभागे। वो जनक नन्दनी के सम थी, मिथिला की राजकुमारी। निसकाम…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *