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श्राद्ध पक्ष | Shradh Paksha Kavita
ByAdminश्राद्ध पक्ष ( Shradh Paksh ) पुरखों को सम्मान दें, हैं उनके ही अंश। तर्पण कर निज भाव से, फले आपका वंश।। बदला सारा ढंग है, भूल गए सत्कार। तर्पण कर इतिश्री किया, छूट गए संस्कार।। तब कौवों ने बैठ के, रच दी सभा विशाल। श्राद्ध पक्ष अब आ गए, समय बड़ा…

हे कवि कुछ ऐसा गीत लिखो | Poem Hey Kavi
ByAdminहे कवि कुछ ऐसा गीत लिखो ( Hey Kavi Kuch Aisi Geet Likho ) आशा को नव-विश्वास मिले। प्राणों को प्रखर प्रकाश मिले। टूटती आस्था को संबल, भावों को विशद विकास मिले। मिट जाय जगत से नग्न कुरुचि, तम पर प्रकाश की जीत लिखो। हे कवि! कुछ ऐसा गीत लिखो। मिट जाय दंभ की…

भारत का डंका | Bharat ka Danka
ByAdminभारत का डंका ( Bharat ka danka ) भारत का डंका बजता था, विश्व गुरु कहलाता था। मेरा देश स्वर्ण चिड़िया, कीर्ति पताका लहराता था। ज्ञान विज्ञान धर्म आस्था, नीति नियम योग आचार। मानवता प्रेम समर्पण, जन-जन भरा था सदाचार। कला कौशल वीरता भरी, स्वाभिमान सिरमौर रहा। संत सुरों की पावन भूमि, ज्ञान भक्ति…

हृदय मेरा पढ़ पाए | kavita
ByAdminहृदय मेरा पढ़ पाए ( Hriday mera padh paye ) अन्तर्मन में द्वंद बहुत है, जाकर किसे दिखाए। ढूंढ रहा हूँ ऐसा मन जो, हृदय मेरा पढ़ पाए। मन की व्याकुलता को समझे,और मुझे समझाए। राह दिखे ना प्रतिद्वंदों से, तब मुझे राह दिखाए। बोझिल मन पर मन रख करके,हल्के से मुस्काए।…

चेहरे का नूर वो ही थी | Poem chehre ka noor
ByAdminचेहरे का नूर वो ही थी ( Chehre ka noor wo hi thi ) वो ही प्रेरणा वो ही उमंगे वो मेरा गुरूर थी भावों की अभिव्यक्ति मेरे चेहरे का नूर थी प्रेम की परिभाषा भी मेरे दिल की धड़कन भी खुशियों की प्यारी आहट संगीत की सरगम भी मौजों की लहरों…

बोलो जय श्रीराम | Bolo Jai Shree Ram
ByAdminबोलो जय श्रीराम ( Bolo Jai Shree Ram ) घर -घर में छाए राम, विराजे देखो अयोध्या धाम, कि बोलो जय श्रीराम, कि बोलो जय श्रीराम। भगवा झंडा लहराया, वर्षों बाद राम को पाया, पूरी दुनिया उमड़ी अयोध्या, ये देखो उसकी माया। जन-जन में है उत्साह, कितना प्यारा है वो नाम, कि बोलो जय…

