Author: Admin

  • आँधियाँ | Aandhiyan

    आँधियाँ ( Aandhiyan )   वक्त की आंधियां इस कदर छाई है, गिरे तो मुश्किल से संभल पाई है। ज़िन्दगी की इस तेज़ रफ़्तार ने तो कई घरों से छतें तक उड़ाई है। बेवजह हमसे कुछ चाहतें चुरा कर नामुमकिन सी ख्वाहिशेँ जगाई है। हसरतें दिल में रख भूलाना ही सही मुमकिन सफर की राह…

  • सिक्का | Sikka

    सिक्का ( Sikka  )   सिक्का उछालकर देखो कभी सिक्का थमाकर देखो समझ आ जायेगी जिंदगी कभी खुद को भी संभालकर तो देखो…. ये रौनक ,ये चांदनी ढल जायेगी उम्र की तरह दिन भी बदल जायेगा रात मे ही ढलती शाम की तरह…. पसीना बहाकर तो देखो गंध स्वेद की चखकर तो देखो कभी रोटी…

  • करवा चौथ का व्रत | Karwa Chauth ka Vrat

    करवा चौथ का व्रत ( Karwa Chauth ka Vrat )    पति की लंबी आयु के लिए पत्नी करे उपवास, स्वस्थ निरोगी एवं सलामत रहे सजन का साथ। कार्तिक मास में कृष्णपक्ष की चतुर्थी को आऍं, चाॅंद देखकर ये व्रत खोलती स्त्रियाॅं करवाचौथ।। अखण्ड सौभाग्यवती होने का वर सभी चाहती, माॅं पार्वती को पूजकर सुख…

  • भीम मंगलगान | Bhim Mangalgaan

    जय भीम ( Jai Bhim )    जय भीम जय भीम, जय मंगल मूर्ति, जय भीम जय भीम, जय कामना पूर्ति। जय भीम…।।1।।   राष्ट्र निर्माण कर तूने संवारा,       दिया संविधान तेरा उपकारा। दीन-दुःखी सारे तेरे गुण गाए,       धन्य हुए सब हरदम मुस्काएं। जय भीम…।।2।।   तू मन मंदिर मेरे सदा बसा है,…

  • करवा चौथ व्रत | Karwa Chauth Vrat

    करवा चौथ व्रत ( Karwa Chauth Vrat )   कार्तिक मास की चतुर्थी का दिन है शुभ आया, सब सुहागिनों देखे इस दिन चांद में पति की छाया। करवाचौथ के व्रत में जो भी करवा मां का पूजन करे, अमर सुहाग रहे उसका पति नित नव उन्नति करे। करक चतुर्थी का यह दिन कहलाता है…

  • ज़िन्दगी की बेवफाई | Zindagi ki Bewafai

    ज़िन्दगी की बेवफाई ( Zindagi ki Bewafai )    कहां हर वक्त काबू में यहां हालात होते हैं बड़ी मुश्किल में यारों बारहा दिन रात होते हैं। कभी जो पास थे दिल के वो लगते अजनबी से हैं वही रिश्ते मगर क्यों मुख़्तलिफ़ जज़्बात होते हैं। भुला देता है दिल रंगीनियां रोटी की उलझन में…

  • सरदार वल्लभ पटेल जयंती और इंदिरा गांधी पुण्य तिथि पर विशेष

    सरदार वल्लभ पटेल जयंती और इंदिरा गांधी पुण्य तिथि पर कुछ पंक्तियां   द्वि विभूति लौह उपमा, हिंद धरा अति आह्लाद सरदार पटेल इंदिरा जीवन, अद्भुत अनुपम व विशेष । राष्ट्र निर्माण एकता अभिवंदन, रमा रज रज खुशियां अधिशेष । इक्कतीस अक्टूबर अनूप दिवस, एक्य जयंती द्विज पुण्यता याद । द्वि विभूति लौह उपमा, हिंद…

  • धीरे धीरे | Dheere Dheere

    धीरे धीरे ( Dheere dheere )    होता है प्यार ,मगर धीरे धीरे उठती है नजर,मगर धीरे धीरे चढ़ता है खुमार,मगर धीरे धीरे होता है इजहार,मगर धीरे धीरे…. खिलती है कली,मगर धीरे धीरे आते हैं भंवरे ,मगर धीरे धीरे होती है बेकरारी ,मगर धीरे धीरे बढ़ता है इंतजार ,मगर धीरे धीरे…. लरजते हैं होठ,मगर धीरे…

  • उर तृषा सदा तृप्त | Sada Tript

    उर तृषा सदा तृप्त ( Ur trisha sada tript )    उर तृषा सदा तृप्त, नेह से संसर्ग कर पगडंडियां व्याकुल दिग्भ्रमित, उच्चवाचन मरीचि प्रभाव । सुख समृद्धि मंगलता दूर, निर्णयन क्षमता अभाव । अथक श्रम सफलता चाहना, विराम पल उत्सर्ग कर । उर तृषा सदा तृप्त, नेह से संसर्ग कर ।। नैतिक आचार विचार,…

  • साइकिल की सवारी | Cycle ki Sawari

    साइकिल की सवारी ( Cycle ki sawari )    स्वस्थ रहना है तो प्यारे लो साइकिल चलाओ। तंदुरुस्ती का राज अनोखा जीवन में अपनाओ। साइकिल की करें सवारी प्रदूषण ना हो भारी। हाथ पांव में जान हो सब सांसे बुलंद हो हमारी। तन हो चंगा मन पावन हो चुस्ती फुर्ती का है राज। सुबह-सुबह साइकिल…